NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़र्ज़ी डिग्री प्रकरण : अंकिव, एबीवीपी और डीयू तीनों कठघरे में
अंकिव बसोया की फ़र्ज़ी डिग्री की कहानी सबके सामने आने के बावजूद भी प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। छात्रों का कहना है कि डीयू प्रशासन बसोया को बचाने के प्रयास में है, ताकि फिर चुनाव न कराने पड़ें।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Oct 2018
ankiv baisoya

मीडिया के द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के नए छात्र संघ अध्यक्ष अंकिव बसोया की डिग्री पर सवाल उठाये जाने पर पहले भी तमिलनाडु के तिरुवल्लुर विश्वविद्यालय ने  सफाई दी थी। गुरुवार को फिर से तिरुवल्लुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने दिल्ली विश्वविद्यालय को यह साफ कर दिया है कि बसोया की डिग्री फ़र्ज़ी है। इसके बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई में तेज़ी नहीं दिखाई है।

इस पूरे मसले पर अंकिव बसोया के साथ उनके संगठन एबीवीपी और दिल्ली विश्वविद्यालय तीनों पर सवाल उठ रहे हैं। अंकिव पर फर्जीवाड़े का आरोप है तो एबीवीपी पर इसे छुपाने और बढावा देने का। अंकिव काफी समय से एबीवीपी से जुड़े हैं इसलिए एबीवीपी उनकी धोखाधड़ी से पल्ला नहीं झाड़ सकती, हालांकि वह अब भी सभी आरोपों झूठा बता रही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय को जिसे इसपर तुरंत एक्शन लेना चाहिए, उसपर आरोप है कि वो पूरी प्रक्रिया को बहुत धीमे ढंग से आगे बढ़ा रहा है। ताकि अंकिव और एबीवीपी को भी बचाया जा सके और दोबारा चुनाव से भी बचा जा सके। एडमिशन ऑफिसर को हटाने और अंकिव के खिलाफ कार्रवाई न करने को इसी तरह देखा जा रहा है।

उधर थिरूवल्लुवर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने अब पूरी स्थिति साफ कर दी है। तमिलनाडु के शिक्षा सचिव को पत्र लिखते हुए रजिस्ट्रार थिरूवल्लुवर ने कहा "मैं कहना चाहता हूँ कि अंकिव बसोया ने कभी भी हमारे विश्वविद्यालय या हमसे मान्यता पाए किसी विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं लिया है और वह हमारा छात्र नहीं है। जो डिग्री उसने दिखाई है वह फ़र्ज़ी है और हमारे विश्वविद्यालय की नहीं है। एग्ज़ामिनेशन कंट्रोलर ने एक्ज़ामिनेशन ऑफिस के रिकॉर्ड देखकर एक पत्र जारी किया है जिसमें उन्हें कहा कि सर्टिफिकेट असली नहीं है।" यह मुद्दा तब सामने आया जब नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) ने बसोया की डिग्री की फोटो जारी की। 

बसोया ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री जमा कराके दिल्ली विश्वविद्यालय में एमए में एडमिशन लिया था। मुद्दे के गरमाने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय ने मामले में जाँच के आदेश दिए, लेकिन आरएसएस से जुड़ी  एबीवीपी ने इन आरोपों को गलत बताया है।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए एसएफआई दिल्ली के राज्य अध्यक्ष विकास भदौरिया ने कहा "यह पहले दिन से ही लग रहा था कि दिल्ली विश्वविद्यालय अध्यक्ष अंकिव बसोया ने एडमिशन पाने के लिए फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दिया है। अब इस बात की पुष्टि भी हो गयी है, इसीलिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में एफआईआर दर्ज़ करनी चाहिए और इनके खिलाफ जालसाज़ी का मामला बनना चाहिए।  लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के हिसाब से अगर छात्र संघ के किसी सदस्य के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या चुनाव परिणामों के 60 दिनों के अंदर उसका पद खाली होता है तो फिर से चुनाव कराये जाने चाहिए। इसीलिए प्रशासन को बिना देरी के कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह न सिर्फ दूसरे उम्मीदवारों के लिए बल्कि नियमों के भी खिलाफ होगा।"

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की डीयू अध्यक्ष कवलप्रीत कौर ने न्यूज़क्लिक से बात की। उन्होंने कहा कि बसोया की फ़र्ज़ी डिग्री की कहानी सबके सामने आने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। हमने डीन से मुलाकात की लेकिन वह अब तक इस तथ्य को नकार रहे हैं। अगर प्रशासन  अब भी बसोया को बचाता रहा तो हम जल्द ही वीसी के घर के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। कवलप्रीत कौर ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रशासन उन्हें 60 दिनों तक बचाना चाहता है जिससे वापस चुनाव नहीं कराने पड़ें, इससे विश्वविद्यालय की चुनावी प्रक्रिया पर भी काफी सवाल उठते हैं। एनएसयूआई ने भी अंकिव बसोया को धोखा देने के लिए गिरफ्तार करने की माँग की है। 

SFI
ABVP
DUSU
Delhi University
AISA
Ankiv Baisoya

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

ज्ञानवापी पर फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में डीयू के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत मिली

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • channi or kejri
    शिव इंदर सिंह
    चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव नतीजों का पंजाब विधानसभा चुनाव पर कितना असर?
    03 Jan 2022
    पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी भले ही स्पष्ट बहुमत नहीं ले पाई, पर सब से अधिक सीटें जीतने के कारण वह अति उत्साहित है। आप के नेता इन नतीजों को पंजाब विधान सभा चुनाव की पहली…
  • ulfa
    भाषा
    उल्फा के वार्ता समर्थक गुट ने शांति वार्ता को लेकर केन्द्र सरकार की ‘‘ईमानदारी’’ पर उठाया सवाल
    03 Jan 2022
    वार्ताकार समर्थक वरिष्ठ उल्फा नेता मृणाल हजारिका ने कहा, ‘‘ सरकार में ईमानदारी की कमी नजर आ रही है। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में वार्ता लगभग पूरी हो चुकी थी और अंतिम चरण में पहुंच गई थी, लेकिन नरेंद्र…
  • haryana
    मुकुंद झा
    हरियाणा का डाडम पहाड़ी हादसाः"मुनाफे की हवस में गई मज़दूरों की जान"
    03 Jan 2022
    एक जनवरी की सुबह भिवानी जिले के तोशाम इलाक़े में डाडम पहाड़ी में खनन के दौरान हुए हादसे में 5 मज़दूरों की जान चली गयी वहीं कुछ और लोगों के फंसे होने की संभावना है। रेस्क्यू आज तीसरे दिन भी जारी है।
  • Siliguri
    संदीप चक्रवर्ती
    सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव : सीपीआईएम अपना रिकॉर्ड बरक़रार रखने को तैयार
    03 Jan 2022
    पश्चिम बंगाल में एसएमसी एकमात्र शहरी निकाय है जिस पर माकपा का शासन है।
  • books
    आईसीएफ़
    2021 : महिलाओं ने की लेखन, कविता, फ़्री स्पीच और राजनीति पर बात
    03 Jan 2022
    स्वतंत्र शोधकर्ता, लेखिका और महिला अधिकार कार्यकर्ता सहबा हुसैन के साथ इस बातचीत में ग़ज़ाला वहाब अपनी नई किताब और एक मुस्लिम के तौर पर जन्म लेने के बारे में बात कर रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License