NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
नज़रिया
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र
अजय सिंह की कविता अपने तौर पर एक चेतावनी है। साफ़ चेतावनी। जिसे बुलंद आवाज़ में पढ़ा और समझा जाना चाहिए।
न्यूज़क्लिक डेस्क
11 May 2022
PROTEST

अजय सिंह हमारे समय के महत्वपूर्ण कवि हैं। और बेहद बेबाक और बेख़ौफ़। वे सीधी ज़बान में अपनी कविता की जरिये आज की हिन्दुत्ववादी फ़ासीवादी राजनीति और उसके नये हथियार बुलडोज़र की सच्चाई हमारे सामने रख देते हैं। यह कविता अपने तौर पर एक चेतावनी है। साफ़ चेतावनी जिसे बुलंद आवाज़ में पढ़ा और समझा जाना चाहिए।

हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

 

ग़ौर से देखिये

यह ऐरा-गैरा बुलडोज़र नहीं

हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र है

इस्लामोफ़ोबिया के मंत्र से

यह चलता है

मुसलमानों के मकानों   दुकानों   ठिकानों

को बनाता है अपना निशाना

मुसलमानों की

आत्मा और देह को

ज़मींदोज़ करना

इसका मुख्य मकसद है

 

(कुछ अन्य लोग भी

कभी-कभार

इसकी चपेट में आ जाते हैं

लेकिन इसका मुख्य निशाना

मुसलमान हैं)

(कार्टून सतीश आचार्य। साभार ट्विटर)

जिस तरह नाज़ी जर्मनी में

यहूदी बस्तियों की निशानदेही कर

उनका सफ़ाया किया गया

जिस तरह इज़रायली यहूदीवाद

फ़िलिस्तीन में

फ़िलिस्तीनी जनता का

सफ़ाया कर रहा है

और भयानक हिटलरी अपराध कर रहा है

वैसा ही सलूक

हिंदुस्तान में

हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

मुसलमानों के साथ

करने जा रहा है

 

यह बुलडोज़र

अलग-अलग तरीक़े से

देश के कई हिस्से में चल रहा है

 

यह बुलडोज़र शाहीन बाग़ में चल रहा है

यह बुलडोज़र जहांगीरपुरी   खरगोन में चल रहा है

यह बुलडोज़र उत्तर प्रदेश के

कई शहरों में चल रहा है

यह बुलडोज़र

दिल्ली फ़रवरी 2020 में चल चुका है

यह बुलडोज़र कई सालों से

कश्मीर में चल रहा है

हज़ारों कश्मीरी नौजवान

हलाक कर दिये गये हैं

हज़ारों कश्मीरी नौजवान

ग़ायब कर दिये गये हैं

अनगिनत कश्मीरी औरतों ने

सैन्य बलात्कार झेला है

यह बुलडोज़र

गुजरात में

मुसलमान मछुआरों पर चल रहा है

यह बुलडोज़र

दिल्ली की सरहदों पर

किसान जत्थेबंदी को कुचलने के लिए दौड़ा था

यह बुलडोज़र

भीमा कोरेगांव में चल रहा है

और मुंबई की जेलों में

राजनीतिक बंदियों पर चल रहा है

यह बुलडोज़र

बस्तर   गढ़चिरौली  नियमगिरि   पत्थलगढ़ी

में चल रहा है

यह बुलडोज़र

लक्षद्वीप में चल रहा है

यह बुलडोज़र

देश का नया झंडा है

संविधान   पार्लियामेंट   अदालतें   समाचार माध्यम

स्वेच्छा से

इस बुलडोज़र के ग़ुलाम बन चुके हैं

अदालतें तो ख़ास तौर पर

इस बुलडोज़र ने

चमचमाती संवैधानिक संस्थाओं के

खोखलेपन और दोगलेपन को

उजागर कर दिया है

इस बुलडोज़र की आवाज़

हिंदू राष्ट्रवाद की शैतानी आवाज़ है

हिंदुस्तान को नेस्तनाबूद करनेवाली

शैतानी आवाज़ है

 

जो लोग यह समझते हैं

कि हम मुसलमान नहीं हैं

इसलिए इस बुलडोज़र से बच जायेंगे

वे मुगालते में न रहें

कल उनकी भी बारी आयेगी

कहीं ज्यादा हिंसक तरीक़े से

याद रखिये

नाज़ी जर्मनी में

हज़ारों-हज़ार ग़ैर-यहूदी जर्मन नागरिक

बहुत बर्बर तरीक़े से मार डाले गये थे

जो नाज़ीवाद के विरोधी थे

जो नाज़ीवाद की हां-में-हां नहीं मिलाते थे

हिंदू राष्ट्रवाद-विरोधियों के साथ

यही सलूक

हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र करेगा

असहमति व विरोध की हर आवाज़

को कुचलेगा

 

फ़िज़ाओं में चेतावनी गूंज रही हैः

मुसलमानों का जनसंहार करने की

तैयारी चल रही है

हिंदू राष्ट्रवाद-विरोधियों का जनसंहार करने की

तैयारी चल रही है

 

तो फिर करना क्या है?

 

वही—

जो शाहीन बाग़ की बहादुर औरतों और मर्दों ने

9 मई 2022 को किया

वही—

जो कम्युनिस्ट नेता बृंदा करात ने

कुछ दिन पहले किया

सड़क पर उतरकर

बुलडोज़र के सामने खड़ी होकर

उसे रोक देना

संदेश बहुत स्पष्ट हैः

हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र को

रोकने के लिए

हमें सड़क पर उतरना है

हर गली कूचे मुहल्ले को

लड़ाई का मैदान

बना देना है

 

  • अजय सिंह

(लखनऊः 10.5.2022)

 

poem
hindi poetry
BULDOZER POLITICS
BJP-RSS
Hindutva
jahangirpuri
Protest in Shaheen bagh
Brinda Karat
Kashmir
Khargone
Adolf Hitler
Fascism

Related Stories

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

‘बुल्ली बाई’: महिलाओं ने ‘ट्रोल’ करने के ख़िलाफ़ खोला मोर्चा

फ़ासीवाद से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म को एक सांस्कृतिक आंदोलन चाहिए

‘(अ)धर्म’ संसद को लेकर गुस्सा, प्रदर्शन, 76 वकीलों ने CJI को लिखी चिट्ठी

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

बिहार: कश्मीर में प्रवासी बिहारी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ पटना सहित पूरे राज्य में मनाया गया विरोध दिवस


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को दूसरी बार मिला ''द पुलित्ज़र प्राइज़''
    10 May 2022
    अपनी बेहतरीन फोटो पत्रकारिता के लिए पहचान रखने वाले दिवंगत पत्रकार दानिश सिद्दीकी और उनके सहयोगियों को ''द पुल्तिज़र प्राइज़'' से सम्मानित किया गया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी
    10 May 2022
    केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के आचरण पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि वे इस घटना से पहले भड़काऊ भाषण न देते तो यह घटना नहीं होती और यह जघन्य हत्याकांड टल सकता था।
  • विजय विनीत
    पानी को तरसता बुंदेलखंडः कपसा गांव में प्यास की गवाही दे रहे ढाई हजार चेहरे, सूख रहे इकलौते कुएं से कैसे बुझेगी प्यास?
    10 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्टः ''पानी की सही कीमत जानना हो तो हमीरपुर के कपसा गांव के लोगों से कोई भी मिल सकता है। हर सरकार ने यहां पानी की तरह पैसा बहाया, फिर भी लोगों की प्यास नहीं बुझ पाई।''
  • लाल बहादुर सिंह
    साझी विरासत-साझी लड़ाई: 1857 को आज सही सन्दर्भ में याद रखना बेहद ज़रूरी
    10 May 2022
    आज़ादी की यह पहली लड़ाई जिन मूल्यों और आदर्शों की बुनियाद पर लड़ी गयी थी, वे अभूतपूर्व संकट की मौजूदा घड़ी में हमारे लिए प्रकाश-स्तम्भ की तरह हैं। आज जो कारपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवादी निज़ाम हमारे देश में…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए
    10 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में 17 दिन बाद एक हज़ार से कम नए मामले सामने आए हैं | वहीं उत्तर प्रदेश में कोरोना के लगतार बढ़ते मामलो की देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार फिर से सख्त हुई है |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License