NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
अगड़ी जाति के सभी आठ लोगों को छोड़, पुलिस ने अब एक 19 साल के दलित को मुख्य आरोपी बनाया है। हालांकि मृतक परिवार के परिजन पुलिस पर फिर से अगड़ी जाति से आने वाले लोगों को बचाने के आरोप लगा रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Dec 2021
up police

प्रयागराज के गोहरी हत्याकांड में पुलिस ने हिरासत में लिए गए अगड़ी जाति के सभी आठ लोगों को छोड़ दिया है। अब पुलिस ने इसी मामले में तीन दलित युवकों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन में से दो आरोपियों को जल्द छोड़ने की बात कही है। मीडिया रिपोर्टे्स के अनुसार, एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसका नाम पवन सरोज है और उस पर ऊपर हत्या और रेप का आरोप है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में जिस दलित युवक को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उसकी उम्र 19 साल है और वह मजदूरी करता है। पुलिस ने उसे 27 नवंबर को हिरासत में लिया था। वहीं पुलिस ने उसके साथ, जिन दो अन्य दलित युवकों को हिरासत में लिया था, वो 17 और 20 साल के हैं। पुलिस को उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

बता दें कि बीते रविवार, 28 नवंबर को गोहरीकांड का खुलासा करने का दावा करने वाले आला अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि सनकी आशिक पवन ने एकतरफा प्यार में पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा था। लेकिन पुलिस के इस दावे पर कई सवाल उठ रहे हैं। मसलन अकेले पवन ने कैसे पूरे परिवार को मार डाला। पवन के साथ और कितने लोग शामिल थे। हत्यारे कैसे घर में घुसे, युवती के साथ कितने लोगों ने दुष्कर्म किया। हत्या की साजिश कैसे रची गई।पवन घंटों पुलिस की हिरासत में रहा, लेकिन पुलिस आरोपी से इनमें से किसी भी सवाल का जवाब नहीं उगलवा सकी।

#थाना_फाफामऊ पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम द्वारा मु0अ0सं0- 256/21 धारा 147/148/149/302/376डी भादवि, 3/4 पाक्सो एक्ट व 3(2)V SC/ST Act से सम्बन्धित अभियुक्त पवन कुमार सरोज को गिरफ्तार करने के सम्बन्ध में श्रीमान् @ADGZonPrayagraj महोदय द्वारा दी गयी बाइट- 1/2@Uppolice https://t.co/xqK4PNELU1 pic.twitter.com/NG87fgOxKH

— PRAYAGRAJ POLICE (@prayagraj_pol) November 28, 2021

इस मामले में पुलिस का यह भी कहना है कि उन्हें आरोपी के खिलाफ ज्यादा सबूत नहीं मिले हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में डीएनए सैंपल का इंतजार कर रही है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी इसलिए अब केस से पॉक्सो ऐक्ट की धारा हटा दी है।

एक बयान में प्रयागराज एडीजी ने कहा, “19 साल का आरोपी उस लड़की पर नजर रखता था, जिसकी हत्या और बलात्कार हुआ। वो उसको छेड़ता था। आरोपी की तरफ से भेजे गए आखिरी मैसेज और घटनाक्रम के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।”

पुलिस पर अगड़ी जाति के लोगों को बचाने का आरोप

हालांकि, मीडिया से बातचीत में मृतकों के घरवालों ने पुलिस के ऊपर फिर से अगड़ी जाति से आने वाले लोगों को बचाने के आरोप लगाए हैं। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि एक 19 साल का लड़का चार लोगों की हत्या कैसे कर सकता है। और अगर उसके साथ और लोग थे, तो वो कहां हैं और कौन हैं। और अगर लड़के का लड़की से कोई मामला था तो वो केवल उसकी हत्या करता, बाकी लोगों को क्यों मारता।

इसे पढ़ें: जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या

वहीं आरोपी दलित युवक की बहन ने बताया, “पुलिस अपनी रिपोर्ट में कह रही है कि वो लड़की पर नजर रख रहा था। लेकिन जिस दिन हत्या हुई, उस दिन तो वो घर पर था। हमें दलित और गरीब होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस सवर्ण जाति से आने वालों को बचाना चाहती है, इसलिए मेरे भाई को निशाना बना रही है।”

आरोपी की मां ने भी कहा कि उसका बेटा ऐसा नहीं कर सकता है। वहीं मृतकों के घरवालों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि क्योंकि अब दूसरी जाति से वास्ता रखने वाले बाहर आ गए हैं, वो उनसे बदला लेने आएंगे।

बता दें कि इससे पहले भी मृतक परिवार के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। मृतक की भाभी ने पुलिस की अभियुक्तों के साथ मिलीभगत का आरोप लगते हुए मौक़े पर मौजूद मीडिया को परिवार के साथ कुछ दिन पहले हुई मारपीट की घटनाओं की जानकारी दी थी। उनका कहना था कि पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। इसके बाद दो पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया था।

उन्होंने कहा था, "इन लोगों से हम लोगों की रंजिश रही है। मुक़दमा हुआ, एससी-एसटी का मामला बना, घर में घुसने का केस हुआ, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हम लोगों की कोई सुनवाई नहीं हुई। 21 सितम्बर को गेट तोड़ कर घर में घुस कर हम लोगों को मारा गया। फिर भी तुरंत मुक़दमा नहीं बना। एक हफ़्ते बाद मुक़दमा बना और उसमे दोनों तरफ़ का मुक़दमा बनाया गया। पूरी लापरवाही पुलिस की है।"

इसे भी पढ़ें: यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

दलितों के खिलाफ अपराध का बढ़ता ग्राफ

गौरतलब है कि इस सामूहिक हत्याकांड खुलासे के कई दिन बाद भी पुलिस आपसी रंजिश हत्या, प्यार और साज़िश की सभी कड़ियों को जोड़ने में नाकाम नज़र आ रही है। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के लगातार हमलावर होने के बावजूद सरकार फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में एक के बाद एक घटित हो रही ऐसी घटनाएं सरकार के 'न्यूनतम अपराध' और 'बेहतर कानून व्यवस्था' के दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं।

अगर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी यानी के आंकड़ें देखें तो साल 2020 में दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अपराध में बढ़ोत्तरी हुई है। इन दो समुदायों के खिलाफ यूपी और मध्य प्रदेश में अपराध के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल देशभर में अनुसूचित जातियों यानी एससी के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए 50,291 मामले दर्ज किए गए, जो साल 2019 की तुलना में इन अपराधों में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं, अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ अपराध करने के लिए कुल 8,272 मामले दर्ज किए गए, जो 2019 की तुलना में 9.3% (7,570 मामले) की वृद्धि दर्शाते हैं। दर्ज की गई अपराध दर 2019 में 7.3 से बढ़कर 2020 में 7.9 हो गई।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में साल 2020 में एससी के खिलाफ हुए अपराधों के सबसे अधिक 12,714 मामले यानी कुल 25.2 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से थे। जबकि साल 2019 के दौरान भारत में अनुसूचित जाति/जनजाति (एससी/एसटी) समुदाय के लोगों के खिलाफ अपराध के कुल 45,935 मामले दर्ज किए गए, जिसमें से 11,829 मामले अकेले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए थे। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि साल दर साल राज्य में दलितों के खिलाफ अपराध के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।

UttarPradesh
Prayagraj
Gohari Murder case
UP police
Dalit family Murder case
Dalit oppression
Attack on dalits
women security
Dalit Rights

Related Stories

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

पीएम को काले झंडे दिखाने वाली महिला पर फ़ायरिंग- किसने भेजे थे बदमाश?


बाकी खबरें

  • omicron
    भाषा
    दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर आ गई है : स्वास्थ्य मंत्री
    05 Jan 2022
    ‘‘ दिल्ली में 10 हजार के करीब नए मामले आ सकते हैं और संक्रमण दर 10 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.... शहर में तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।’’
  • mob lynching
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: बेसराजारा कांड के बहाने मीडिया ने साधा आदिवासी समुदाय के ‘खुंटकट्टी व्यवस्था’ पर निशाना
    05 Jan 2022
    निस्संदेह यह घटना हर लिहाज से अमानवीय और निंदनीय है, जिसके दोषियों को सज़ा दी जानी चाहिए। लेकिन इस प्रकरण में आदिवासियों के अपने परम्परागत ‘स्वशासन व्यवस्था’ को खलनायक बनाकर घसीटा जाना कहीं से भी…
  • TMC
    राज कुमार
    गोवा चुनावः क्या तृणमूल के लिये धर्मनिरपेक्षता मात्र एक दिखावा है?
    05 Jan 2022
    ममता बनर्जी धार्मिक उन्माद के खिलाफ भाजपा और नरेंद्र मोदी को घेरती रही हैं। लेकिन गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ गठबंधन करती हैं। जिससे उनकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर सवाल खड़े हो…
  • सोनिया यादव
    यूपी: चुनावी समर में प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का महिला सुरक्षा का दावा कितना सही?
    05 Jan 2022
    सीएम योगी के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी आए दिन अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते नज़र आ रहे हैं। हालांकि ज़मीनी हक़ीक़त की बात करें तो आज भी महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर…
  • मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    05 Jan 2022
    “बीएमसी के अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया, उनके साथ बुरा व्यवहार किया। वेतन मांगने पर भी वे उस पर चिल्लाते थे।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License