NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
युद्ध से तबाह सीरिया ने राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की
चरमराई अर्थव्यवस्था के बीच 26 मई को ये चुनाव होंगे। यहां की अर्थव्यवस्था अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और COVID-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Apr 2021
syria1

युद्ध से तबाह सीरिया में 26 मई को राष्ट्रपति चुनाव होंगे। चुनाव की ये प्रक्रिया सोमवार 19 अप्रैल से नामांकन दाखिल करने के साथ शुरू होगी। सीरियाई संसद के स्पीकर हमौदा सबबाग ने रविवार 18 अप्रैल को नामांकन की शुरुआत करने की घोषणा की। नामांकन 28 अप्रैल को समाप्त होगा।

नियमों के अनुसार जो कोई भी चुनाव लड़ना चाहता है उसे संसद के कम से कम 35 सदस्यों का समर्थन प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। वह कम से कम 10 वर्षों तक देश का निवासी रह चुका हो।

अमेरिका और यूरोप में उसके सहयोगियों ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2254 का उल्लंघन बताते हुए इस चुनावों के बहिष्कार का आह्वान किया है।

दिसंबर 2015 में सर्वसम्मति से सुरक्षा परिषद में पारित प्रस्ताव 2254 ने देश में युद्ध के राजनीतिक समाधान और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में नए चुनावों को नए संविधान के अनुसार इस प्रस्ताव के पारित होने के 18 महीनों के भीतर कराने का आह्वान किया था।

सीरियाई विद्रोही समूह जो 2011 से अंतर्राष्ट्रीय समर्थन के साथ बशर अल-असद सरकार के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं और जिसका अभी भी उत्तरी सीरिया के एक हिस्से पर नियंत्रण है उसने भी इस चुनाव को गैरकानूनी बताया है।

इस युद्ध ने देश के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है। इसके चलते 400,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग आधी आबादी विस्थापित हो गई। इनमें से अधिकांश अन्य देशों में शरणार्थियों के रूप में रह रहे हैं।

देश में पिछला राष्ट्रपति चुनाव 2014 में हुआ था जिसे बशर अल-असद ने 88% से अधिक मतों से जीता था। 2014 के विपरीत वर्तमान में सीरियाई सरकार अधिकांश क्षेत्रों और बड़ी आबादी वाले केंद्रों को नियंत्रित करती है।

आगामी चुनाव ऐसे समय में होने जा रहा है जब देश की अर्थव्यवस्था युद्ध और अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा वर्षों से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण चरमराई हुई है। COVID-19 महामारी ने अर्थव्यवस्था में फिर से सुधार करने के बशर अल-असद सरकार के प्रयासों को और मुश्किल में डाल दिया है.

Syria
Syria Election
corona in syria
syria collapse economy
economic restriction on syria
syria and america

Related Stories

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही

तालिबान द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद अफ़ग़ानवासियों को अपने भविष्य की चिंता

भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया

सीरिया में फिर से इज़रायली हवाई हमले, एक हफ़्ते से भी कम समय में यह तीसरी घटना

सीरिया और इराक़ में अमेरिकी हवाई हमले में एक बच्चे की मौत, तीन अन्य घायल

बशर अल-असद ने 95% से ज़्यादा वोट से जीता सीरिया का राष्ट्रपति चुनाव

सीरिया में इज़रायली हवाई हमले में एक नागरिक की मौत, छह अन्य घायल

डेनिश सरकार द्वारा सीरियाई शरणार्थियों का निवास परमिट रद्द करने के फ़ैसले का बढ़ता विरोध


बाकी खबरें

  • bihar school
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग में भाकपा-माले विधायकों का प्रदर्शन
    08 Mar 2022
    “2.75 लाख शिक्षक के पद नीचले स्तर पर खाली हैं और कॉलेज लेवल पर अभी भी करीब 70 प्रतिशत शिक्षक के पद खाली हैं। पढ़ने-लिखने वाले गरीब के बच्चे शिक्षा महंगी होने के चलते वे इससे दूर हो रहे हैं।"
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई की
    08 Mar 2022
    ईरान के साथ परमाणु समझौते और मॉस्को-तेहरान के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में रूस अमेरिका से “बेहद साफ़ शब्दों” में जवाब चाहता है।
  • womens day
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है
    08 Mar 2022
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 भारतीय महिलाओं के लिए मजबूत प्रासंगिकता के साथ राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं की एक श्रृंखला के बीच आता है। महिलाएं अपने अधिकारों को लागू करने और सार्वजनिक मंचों पर अपनी…
  • EXITPOLL
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया
    08 Mar 2022
    पिछले डेढ़-दो महीने से जारी चुनाव खत्म हो चुके हैं अब नतीजों का इंतज़ार है, हालांकि उससे पहले जारी एग्ज़िट पोल में भाजपा की सरकार दिखाई जा रही है।
  • Ukrainian
    मोहम्मद शबीर
    यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने युवा कम्युनिस्ट नेताओं को गिरफ्तार किया 
    08 Mar 2022
    वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ और अन्य प्रगतिशील संगठनों ने यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन के नेताओं अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच की गिरफ्तारी की निंदा की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License