NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
भारत
राजनीति
पंजाब: आप सरकार के ख़िलाफ़ किसानों ने खोला बड़ा मोर्चा, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर डाला डेरा
पंजाब के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी में प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन राज्य की राजधानी जाने से रोके जाने के बाद वे मंगलवार से ही चंडीगढ़-मोहाली सीमा के पास धरने पर बैठ गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 May 2022
PROTEST

दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र के तीन विवादित कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ एक साल से अधिक आंदोलन चलाने और जीतने के बाद पंजाब के किसान एक बार फिर सड़कों पर हैं। इस बार ये केंद्र सरकार की नहीं बल्कि राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं। पंजाब के किसान गेहूं खरीद पर बोनस और 10 जून से धान की बुवाई शुरू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आप सरकार पर दबाव बनाने के लिए राज्य की राजधानी जाने से रोके जाने के बाद, मंगलवार से ही चंडीगढ़-मोहाली सीमा के पास धरने पर बैठ गए। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस आंदोलन को ‘अनुचित और अवांछनीय’’ कहा। जबकि सत्ता में आने से पहले उन्होंने किसानों की हर मांग पूरी करने का आश्वासन दिया और आज जब किसान सत्ता के समाने अपनी मांग लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री किसानों से मिलने के बजाए दिल्ली यात्रा पर चले गए है। 

एक किसान नेता ने कहा कि वे राज्य सरकार के साथ कोई टकराव नहीं चाहते हैं, लेकिन अगर उनके मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें अवरोधकों को तोड़ना पड़ेगा और फिर चंडीगढ़ की ओर बढ़ना होगा। केंद्र शासित प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर कई किसान संगठनों के अनिश्चितकालीन प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर बडी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।

मोहाली पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोकने के लिए अवरोधक लगाने के साथ-साथ पानी की बौछार करने के लिए वाहन तैनात किए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने भी इसी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कई किसान संगठनों ने केंद्र द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर एक वर्ष के लंबे आंदोलन की तर्ज पर चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है।

किसानों की क्या है माँग 

अपनी विभिन्न मांगों में किसान प्रति क्विंटल गेहूं पर 500 रुपये का बोनस चाहते हैं क्योंकि अभूतपूर्व गर्मी की स्थिति के कारण उनकी उपज घट गई है और गेहूं के दाने सिकुड़ गए हैं। वे बिजली के बोझ को कम करने और भूमिगत जल के संरक्षण के लिए 18 जून से धान की बुवाई की अनुमति देने के पंजाब सरकार के फैसले के भी खिलाफ हैं।

हालांकि, प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार उन्हें 10 जून से धान की बुवाई की अनुमति दे। वे मक्का और मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए अधिसूचना भी जारी करवाना चाहते हैं। वे राज्य सरकार से बिजली लोड को बढ़ाने पर लगने वाले शुल्क को  4,800 रुपये से घटाकर 1,200 रुपये करने और बकाया गन्ना भुगतान जारी करने की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही प्रदर्शनकारी स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का भी विरोध कर रहे हैं।

दिल्ली की तरह है आंदोलन; किसान नेता 

राशन, बिस्तर, पंखे, कूलर, बर्तन, रसोई गैस सिलेंडर और अन्य सामान लेकर पंजाब भर के किसान, मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्रित हुए। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि उन्हें पंजाब सरकार की ओर से बैठक के लिए संदेश मिला है, लेकिन वे मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलना चाहते हैं और कहा कि उन्हें किसी सरकारी अधिकारी से मिल कर अपने मुद्दों के समाधान की उम्मीद नहीं है। ऐसी सूचना है कि मान दिल्ली गए हैं।

पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आये किसान मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्रित हुए हैं। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली, बसों और अन्य वाहनों में राशन, बिस्तर, पंखे, कूलर और रसोई गैस सिलेंडर और अन्य आवश्यक सामान लेकर आए हैं। गुरुद्वारा अंब साहिब से अपने मार्च की शुरुआत करते हुए, प्रदर्शनकारी किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा के पास मोहाली पुलिस द्वारा लगाए गए अन्य अवरोधों की ओर बढ़ते हुए अवरोधकों के पहले स्तर को तोड़ दिया।

हालांकि, किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अवरोधकों का दूसरा स्तर नहीं तोड़ें और इसके बजाय शांतिपूर्वक विरोध शुरू करें। दल्लेवाल ने कहा, ‘‘आगे बढ़ना (अवरोधक तोड़कर) आपके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन हम यहां शांतिपूर्ण तरीके से बैठेंगे। हम यहां विरोध प्रदर्शन करेंगे... यह दिल्ली में आंदोलन की तरह है।’’

भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल) के महासचिव हरिंदर सिंह लाखोवाल ने कहा, ‘‘हम इस प्रदर्शन को जीतेंगे।’’ एक अन्य किसान नेता ने कहा कि वे राज्य सरकार के साथ कोई टकराव नहीं चाहते हैं, लेकिन अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बुधवार को अवरोधकों को तोड़कर चंडीगढ़ की ओर बढ़ेंगे।

मोहाली पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मोहाली में किसान सड़क के बीचो-बीच अपने वाहन खड़े कर वहीं रुक गए। उनमें से कुछ ने वहां चाय बनाना भी शुरू कर दिया। पुलिस को वाईपीएस चौक के पास चंडीगढ़-मोहाली रोड पर यातायात को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ना पड़ा।

आप की पंजाब इकाई के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और वह उनकी वास्तविक मांगों को पूरा करेगी। इससे पहले दिन में पुलिस उप महानिरीक्षक गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने किसान नेताओं से मुलाकात की थी।

किसानों के हितों का नहीं होगा नुकसान: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘मैं एक किसान का बेटा हूं मुझे पता है कि यह कैसे हो सकता है। 18 और 10 जून में क्या अंतर है।’ साथ ही उन्होंने राज्य के किसानों के आंदोलन को ‘अनुचित और अवांछनीय’ करार देते हुए कहा है कि उनकी समस्या का हल बातचीत से निकल सकता है। मान ने बताया कि सरकार ने मंगलवार को किसानों के साथ बातचीत की है। 

मुख्यमंत्री का कहना है कि धान की बुवाई के कार्यक्रम से किसानों के हितों को नुकसान नहीं होगा। यह भूमिगत जल को बचाने के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकता है। सीएम ने कहा कि किसानों के साथ बातचीत के लिए उनके दरवाजे खुले हैं, लेकिन खोखले नारे भूजल के और कम होने से रोकने के उनके संकल्प को नहीं तोड़ सकते। उन्होंने किसान संघों से पंजाब में गिरते भूजल को रोकने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में शामिल होने के लिए भी कहा है।

मुख्य विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने मुख्यमंत्री मान की आलोचना करते हुए कहा था कि वह किसानों की चिंताओं को दूर किए बिना अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल से मिलने दिल्ली चले गए।

उन्होंने ट्वीट किया था, "जिस तरह से भगवंत मान ने किसानों को बीच में छोड़ दिया और अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हुए, यह दर्शाता है कि उन्हें पंजाब के किसानों की कितनी चिंता है! इसका मतलब है कि दिल्ली में किसान आंदोलन को आप का मिला समर्थन राजनीति से प्रेरित और राजनीतिक लाभ के लिए था!"

 

(समाचार एजेंसी भाषा अनपुट के साथ)

Bhagwant Mann
Farmer protest
Punjab Farmers
Punjab farmers protest
punjab govt

Related Stories

गरमाने लगा बनारस: किसान आंदोलन के समर्थक छात्रों के खिलाफ FIR, सिंधोरा थाने पर प्रदर्शन

पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी

"लॉकडाउन जनता से अन्याय और अमानवीय, हम पूरी ताक़त से करेंगे विरोध!" : पंजाब के किसान

किसान आंदोलन: उत्साह से मना अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

क्या आप जानते हैं ग़ाज़ीपुर मोर्चे पर एक सावित्रीबाई फुले पाठशाला चलती है?

नारीवादी नवशरन सिंह के विचार: किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी से क्यों घबराती है सरकार

ट्रैक्टर परेड बनाम गणतंत्र दिवस परेड : प्रतीकों का टकराव और इसके मायने

पंजाब कैसे कर रहा है 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड की तैयारी

'ज़मीन हमारी माँ है और यह लड़ाई उसके लिए है'

सरकार और किसानों के बीच बातचीत फिर बेनतीजा, अगली तारीख़ 19 जनवरी तय


बाकी खबरें

  • Pishach Mochan
    विजय विनीत
    अंधविश्वास: बनारस के पिशाचमोचन में सजी भूतों की मंडी, परेशान लोगों को लूटने-खसोटने में जुटे दलाल और ठग
    24 Sep 2021
    वाराणसी स्थित पिशाचमोचन मोहल्ले में हर साल पितृ पक्ष में बकायदा भूतों की मंडी लगती है। यह अनोखी मंडी इन दिनों सज गई है। भूतों को बैठाने के नाम पर मोल-भाव शुरू हो गया है। भूतों से मुक्ति दिलाने के नाम…
  • Rajasthan
    रोसम्मा थॉमस
    राजस्थानः चरवाहे बोले ‘अनचाहे’ ऊंटों के लिए ऊंटशाला एक बुरा विचार  
    24 Sep 2021
    राज्य की नीतियां प्रायः ऊंट के चरवाहों से बिना उनकी राय लिए ही बना ली जाती हैं और ये ऐसे समय में नफा से ज्यादा नुकसान कर रही हैं, जब राज्य में ऊंटों की तादाद घट रही है। 
  • Bharat Bandh
    रवि कौशल
    भारत बंद: ‘उड़ीसा में न्यूनतम समर्थन मूल्य ही अब अधिकतम मूल्य है, जो हमें मंज़ूर नहीं’
    24 Sep 2021
    किसानों के आन्दोलन से उत्साहित उड़ीसा के किसान भी अब राज्य के ‘सबसे बड़े’ बंद की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पश्चिम उड़ीसा कृषक समन्वय समिति के नेता लिंगाराज प्रधान कहते हैं, यहाँ के किसान भी अब एक…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 31,382 नए मामले, 318 मरीज़ों की मौत
    24 Sep 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.89 फ़ीसदी यानी 3 लाख 162 हो गयी है।
  • Assam
    महिबुल हक़
    असम: दशकों से खेती कर रहे मुस्लिम किसान दरांग ज़िले में अपनी ही ज़मीन से बेदखल, गोलीबारी में तीन की मौत
    24 Sep 2021
    गोरुखुटी में एक 'कृषि परियोजना' शुरू करने की भाजपा सरकार की योजना के चलते घरों को ध्वस्त किया गया है और तक़रीबन 5,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License