NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजस्थान चुनावों से पहले जनता ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
अभियान के आयोजकों का कहना है कि यह राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार से सवाल पूछने, उनके वादों की असलियत ज़ाहिर करने और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Oct 2018
protest

15 अक्टूबर से जयपुर के शहीद स्मारक पर सूचना एवं अधिकार अभियान के बैनर तले जन सुनवाई और विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस प्रदर्शन का नाम  "जन निगरानी अभियान" हैI इसमें राजस्थान के विभिन्न ज़िलों से आये  करीब 200 लोग शामिल हुए हैं। अभियान के आयोजकों का कहना है कि यह राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सरकार से सवाल पूछने, उनके वादों की असलियत ज़ाहिर करने और जनता के मुद्दों को सुलझाने के लिए राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। यहाँ हर रोज़ जनता के एक मुद्दे पर बात होती है, उसके बारे में तथ्यों को रखा जाता है और सरकार को उस मुद्दे पर ज्ञापन दिया जाता है। अभियान के आयोजकों में से एक निखिल डे का कहना है कि "इसी तरह जन आंदोलनों के ज़रिये सूचना के अधिकार और नरेगा कानून पास किये गए थे"। 

प्रदर्शन के पहले दिन इस पहल के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अभियान के तीन हिस्से हैं एक हिस्सा है 'इलेक्शन वॉच' जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जायेगा कि चुनावों के दौरान धाँधली न हो। दूसरा हिस्सा है ''प्रशासन वॉच'' जिसमें देखा जायेगा कि चुनावों के दौरान भी प्रशासन अपना काम ढंग से करेंगे। साथ ही तीसरा हिस्सा है "मैनिफेस्टो वॉच" जिसके तहत पार्टियों के घोषण पत्र पर नज़र रखी जाएगी। इसके पहले दिन मौजूदा सरकार के कितने विधायकों ने कितने दिन काम किया और क्या-क्या वादे किये थे और असल में कितने पूरे किये इसपर भी बात हुई। 

प्रदर्शन के दूसरे दिन यानि 16 अक्टूबर को महिला मुद्दों पर बात हुई। राजस्थान में लिंग अनुपात की स्थिति बहुत ख़राब है।2011 सेन्सस 
के मुताबिक राजस्थान के शहरों में प्रति 1,000 लड़कों पर सिर्फ 914 लड़कियां हैं और गाँवों में प्रति हज़ार यह आँकड़ा 933 है। इस मामले में राजस्थान आज भी सबसे पिछड़े प्रदेशों में एक है। इस मुद्दे के आलावा महिलाओं की निरक्षरता, मृत्यु दर ,शराब बंद जैसे दूसरे मुद्दों पर बात हुई। 

तीसरे दिन मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर बात हुई। केंद्र और राजस्थान दोनों में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही प्रदेश गाय के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग का गढ़ बन गया है। एमनेस्टी इंटरनेशल की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान 'हेट क्राइम्स' या धर्म के नाम पर हत्यायों के मामले में तीसरे नंबर का राज्य बन गया है। 2016 में ऐसी 10 सांप्रदायिक घटनाएँ हुईं , 2017 में 18 और 2018 में अब तक 8 मामले सामने आये हैं। पहलू खान, अफ़राज़ुल खान, अहमद खान, उमर मोहम्मद और ज़फर हुसैन की हत्याओं के मामले में अब तक न्याय दूर की कौड़ी लग रही है। ज़्यादातर मामलों में पीड़ितों को ही गुनहगार साबित करने का प्रयास हो रहा है। जन सुनवाई में बताया गया कि किसी भी मामले में धारा 153(A) जो कि एक गैरज़मानती धारा है और जिसमें सज़ा मिल सकती है, के तहत मामला दर्ज़ ही नहीं किया गया। 

चौथे दिन सिलिकोसिस से पीड़ित मज़दूरों ने अपनी बात रखी। राजस्थान में 15,000 से ज्यादा माज़दूरों को सिलिकोसिस की बिमारी है ज़िसमे से 200 से ज्यादा लोगों ने अपनी ज़िन्दगी खो दी है | सिलिकोसिस पीडित सही ढंग से इलाज और इससे बचने के तरीकों को मज़दूरों तक ले जाने की माँग कर रहे हैं। कुछ समय पहले भी मज़दूर किसान शक्ति संगठन से इसी मुद्दे पर जयपुर में प्रदर्शन किया था। 

इसी तरह बाद के दिनों में सरकार की जवाबदेही की ज़रुरत को नाटकों, गानों और विभिन्न प्रस्तुतियों के ज़रिये बताया गया। यहाँ मनरेगा के तहत काम न मिलने, उज्ज्वला योजना और भामाशाह योजना के खस्ता हाल की भी बात हुई। 

इसी मुहीम में  21 अक्टूबर को अज़ीम प्रेम जी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अमित ने राज्य में बेरोज़गारी की स्थिति पर बात रखी। हाल ही में अज़ीम प्रेम जी ने बेरोज़गारी पर एक रिपोर्ट निकाली है। इसमें बताया गया है कि राजस्थान की बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाँ राष्ट्रीय बेरोज़गारी दर 5.6 % है वहीं राजस्थान में यह दर 7.7 % है। बताया जा रहा है कि यह दर पहले 3.3% थी। जहाँ महिलाओं की राष्ट्रीय बेरोज़गारी दर 13.6% है वहीं राजस्थान में यह दर 36.7% है। राज्य में 20 से 24 साल की महिलाओं में बेरोज़गारी दर 94% है और इसी आयु के पुरुषों की बेरोज़गारी दर 35% है। यहाँ याद रखना होगा कि राजस्थान सरकार ने हर साल 15 लाख रोज़गार पैदा करने का वादा किया था। 

आज यानि 23 अक्टूबर को स्वराज अभ्यान के नेता योगेंद्र यादव ने इस प्रदर्शन में किसानों के मुद्दे पर अपनी बात रखी। राज्य ने पिछले कुछ समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य, क़र्ज़ माफ़ी, पेंशन और स्वास्थ सेवाओं जैसे मुद्दों पर किसान आंदोलन देखे हैं। इन्ही मुद्दों पर आज योगेंद्र यादव ने भी अपनी बात रखी। 

अभियान के आयोजकों का कहना है कि इस प्रदर्शन का समापन 30 अक्टूबर को होगा। इस दिन जनता के मुद्दे सुनने और अपनी बात रखने राज्य के विभिन्न दलों के लोग आएंगे। 

Rajasthan
soochna evam rozgaar abhiyaan
MKSS
jaipur
people's protest
rajasthan Assembly elections

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...

इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत

कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

राजस्थान में मस्जिद पर भगवा, सांप्रदायिक तनाव की साज़िश!

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं


बाकी खबरें

  • सत्येन्द्र सार्थक
    आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?
    25 Apr 2022
    सरकार द्वारा बर्खास्त कर दी गईं 991 आंगनवाड़ी कर्मियों में शामिल मीनू ने अपने आंदोलन के बारे में बताते हुए कहा- “हम ‘नाक में दम करो’ आंदोलन के तहत आप और भाजपा का घेराव कर रहे हैं और तब तक करेंगे जब…
  • वर्षा सिंह
    इको-एन्ज़ाइटी: व्यासी बांध की झील में डूबे लोहारी गांव के लोगों की निराशा और तनाव कौन दूर करेगा
    25 Apr 2022
    “बांध-बिजली के लिए बनाई गई झील में अपने घरों-खेतों को डूबते देख कर लोग बिल्कुल ही टूट गए। उन्हें गहरा मानसिक आघात लगा। सब परेशान हैं कि अब तक खेत से निकला अनाज खा रहे हैं लेकिन कल कहां से खाएंगे। कुछ…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,541 नए मामले, 30 मरीज़ों की मौत
    25 Apr 2022
    दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच, ओमिक्रॉन के BA.2 वेरिएंट का मामला सामने आने से चिंता और ज़्यादा बढ़ गयी है |
  • सुबोध वर्मा
    गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ती नफ़रत और हिंसा  
    25 Apr 2022
    बढ़ती धार्मिक कट्टरता और हिंसा लोगों को बढ़ती भयंकर बेरोज़गारी, आसमान छूती क़ीमतों और लड़खड़ाती आय पर सवाल उठाने से गुमराह कर रही है।
  • सुभाष गाताडे
    बुलडोजर पर जनाब बोरिस जॉनसन
    25 Apr 2022
    बुलडोजर दुनिया के इस सबसे बड़े जनतंत्र में सरकार की मनमानी, दादागिरी एवं संविधान द्वारा प्रदत्त तमाम अधिकारों को निष्प्रभावी करके जनता के व्यापक हिस्से पर कहर बरपाने का प्रतीक बन गया है, उस वक्त़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License