NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रायबरेली के रेल कारखाने के निगमीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारी हुये लामबंद
मंगलवार को जब कार्मिक महानिदेशक ने इस कारखाने का दौरा किया तो उन्हें यहां कार्यरत ढाई हजार कामगारों के गुस्से का सामना करना पड़ा और कर्मचारियों ने ‘‘वापस जाओ’’ के नारे लगाए।
भाषा
27 Jun 2019
Railway
सांकेतिक तस्वीर

रेल मंत्रालय ने एक 100 दिवसीय प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश के रायबरेली की रेलवे की सबसे आधुनिक निर्माण इकाई, माडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) की निर्माण इकाईयों और कार्यशाला के निगमीकरण का फैसला किया है जिससे फैक्ट्री के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। 

इस इकाई की क्षमता सालाना तकरीबन रेल के दो हजार डिब्बे बनाने की है। 

मंगलवार को जब कार्मिक महानिदेशक ने इस कारखाने का दौरा किया तो उन्हें यहां कार्यरत ढाई हजार कामगारों के गुस्से का सामना करना पड़ा और कर्मचारियों ने ‘‘वापस जाओ’’ के नारे लगाए।

रेल कोच फैक्ट्री मेंस यूनियन, माडर्न कोच फैक्ट्री के महासचिव एल एन पाठक ने कहा कि इस इकाई का लक्ष्य मौजूदा वित्त वर्ष में 2,158 रेल के डिब्बे बनाने का है। दो साल पहले यहां 750 डिब्बे ही बनते थे। इससे अंदाजा लग सकता है कि काम का कितना विस्तार हुआ है। यहां ढाई हजार कर्मचारियों में 1700 ऐसे हैं जिनकी रेलवे भर्ती बोर्ड के जरिए सीधी भर्ती हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रालय से तो नहीं पर मीडिया में आई खबरों से पता चला है कि उनकी योजना है कि हमारा काम दूसरी कंपनियों को सौंप दिया जाए। हम इसका विरोध करेंगे। लेकिन इससे काम पर असर नहीं पड़ेगा। हम लोग रैली निकालेंगे, बैठक करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। मगर यह काम सुबह साढ़े सात पर काम शुरू होने से पहले, लंच ब्रेक और काम खत्म होने के बाद के समय में होगा।’’

रेलवे ने अपनी योजना में कहा है कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के मकसद से वह इसकी रेल के डिब्बे और इंजन उत्पादन की इकाइयों और संबंधित कार्यशालाओं को सरकार की नई कंपनी ‘‘इंडियन रेलवे रोलिंग स्टॉक कंपनी’’ को सौंपा जा रहा है।

रेलवे बोर्ड के बनाए दस्तावेज के अनुसार भारतीय रेलवे अपनी सात निर्माण इकाईयों पश्चिम बंगाल की चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री, पटियाला में डीजल माडर्ननाइजेशन वर्क्स, वाराणसी में डीजल लोकोमोटिव वर्क्स, बेंगलुरु में पहिया एवं धुरी कारखाना और रायबरेली के माडर्न कोच फैक्ट्री को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। 

सूत्रों के अनुसार रायबरेली की माडर्न कोच फैक्ट्री निगमीकरण के लिए सौंपी जानी वाली पहली इकाई हो सकती है। 

पाठक ने कहा कि कर्मचारी ‘‘नाराज’’ और ‘‘दुखी’’ हैं। इस कदम से न केवल कर्मचारियों का बल्कि खुद रेलवे का भविष्य दांव पर लग गया है। 

उन्होंने कहा, ‘‘ जब 1995 में कोचों के निर्माण का काम शुरू हुआ तो एक एलएचबी कोच बनाने में 5.6 करोड़ रूपये की लागत आती थी और अब यह घटकर 2.3 करोड़ रूपये हो गई है। हम इतने कम दाम में कोच बनाते हैं जो वैश्विक कंपनियों के लिए चिंता की बात है। हमारे लिए, यह अस्तिस्व की लड़ाई है। 

ये कर्मचारी अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यादव इस समय विदेश यात्रा पर हैं। 

indian railways
railway strike
Railway ministry
railway department

Related Stories

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License