NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रिपब्लिक टीवी का खुलासा करते ही न्यूज़क्लिक को मिला यूट्यूब से मिला नोटिस
अगर वे अपनी कहानी और आरोपों की वैधता में खड़े हैं, तो कोई कारण नहीं है कि एक सूचनात्मक वीडियो को हटाया जाना चाहिए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jul 2018
Republic tv exposed

न्यूज़क्लिक  को 11 जुलाई 2018 को एक यूट्यूब कॉपीराइट उल्लंघन का नोटिस मिला जो कि सीधे–सीधे न्यूज़क्लिक  पर एक हमला है। वीडियो शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म को एक प्रसिद्ध मीडिया एंटरप्राइज़ रिपब्लिक टीवी से नोटिस प्राप्त हुआ। उन्होंने जिस वीडियो पर आपत्ति जताई है वह एक वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह का है और उसमें वे बड़े मीडिया घरानों की मौजूदा स्थिति के बारे में बात कर रही हैं|

भाषा रिपब्लिक टीवी को एक उदाहरण के रूप में लेते हुए चर्चा कर रही हैं कि कैसे रिपोर्टिंग आजकल कम हो गई है। वीडियो में भाषा ने बताया कि 4 जुलाई को रिपब्लिक टीवी पर एक झूठे ख़त के आधार पर पूरा कार्यक्रम चलायाI मीडिया हाउस ने प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को राष्ट्र विरोधी होने और कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की हत्या करने की साज़िश का आरोप लगाया था।

भाषा के साथ न्यूजक्लिक  के शो ने रिपब्लिक टीवी की 30-सेकंड क्लिप में इन आधारहीन आरोपों को दिखाया था।

यह घटना 'मुक्त मीडिया' की अवधारणा पर सवाल उठाती है। आम जनता तक व्यापक पहुँच रखने वाले मीडिया हाउस के झूठों को कैसे जानेंगे, जब इसे उजागर करने वाले लोगों को ही सेंसर किया जाएगा? रिपब्लिक टीवी  किससे डरता है? अगर वे अपनी कहानी और आरोपों की वैधता से खड़े हैं, तो कोई कारण नहीं है कि एक सूचनात्मक वीडियो को हटाया जाना चाहिए।

रिपब्लिक टीवी
मीडिया पर खरी खरी
भाषा सिंह
अर्नब गोस्वामी

Related Stories

मीडिया पर खरी-खरी: भाजपा के राज में मीडिया पर हमला जारी

मीडिया पर खरी खरी भाषा सिंह के साथ: दक्षिणपंथी साम्राज्य में लोकतंत्र की दुर्गति

मीडिया पर खरी खरी भाषा सिंह के साथ : एपिसोड 10, न्यूज़ चैनल नफ़रत फ़ैलाने के माध्यम

मीडिया पर खरी खरी भाषा सिंह के साथ : तालिबानी मीडिया का दौर

"रिपब्लिक टीवी के आरोप बेबुनियाद"- अधिवक्ता सुधा भारद्वाज

मीडिया पर खरी खरी-एपिसोड 6: नौकरशाही का भगवाकरण

मीडिया पर खरी खरी- एपिसोड 5: भाषा सिंह के साथ

मीडिया पर खरी खरी: एपिसोड-4 भाषा सिंह के साथ

मीडिया पर खरी खरी- एपिसोड 1: भाषा सिंह के साथ


बाकी खबरें

  • अदिति निगम
    25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स
    26 Mar 2022
    दो साल पहले भारत के शहरों से प्रवासी परिवारों का अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा गया था। इसके लिए किसी भी तरह की बस या ट्रेन की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी, लिहाज़ा ग़रीब परिवार अपने गांवों तक पहुंचने…
  • सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में कॉलेज छात्रों की गैंग जबरन कर रही है, रेहड़ी-पटरी वालों से ‘हफ़्ता वसूली‘
    25 Mar 2022
    फिल्मों में ‘हफ्ता वसूली‘ गुन्डे करते हैं और गुरुग्राम की धरती पर पढ़े लिखे नौजवान कर रहे हैं।
  • रवि शंकर दुबे
    योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मज़बूती दर्शाता है या मजबूरी?
    25 Mar 2022
    योगी आदित्यनाथ जब दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो भाजपा हाईकमान के चेहरे पर बिखरी खुशी कितनी असली थी कितनी नकली? शायद सबसे बड़ा सवाल यही है।
  • सोनिया यादव
    यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी
    25 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में जहां बीजेपी दूसरी बार सरकार बना रही है, तो वहीं बिहार में बीजेपी जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन कर सत्ता पर काबिज़ है। बीते कुछ सालों में दोनों राज्यों पितृसत्तात्मक राजनीति की…
  • अजय कुमार
    श्रीलंका की तबाही इतनी भयंकर कि परीक्षा के लिए कागज़ का इंतज़ाम भी नहीं हो पा रहा
    25 Mar 2022
    श्रीलंका में रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत तकरीबन 4200 श्रीलंकन रुपये तक पहुंच गयी है। एक किलो दूध का पैकेट तकरीबन 600 श्रीलंकन रुपये में मिल रहा है। कागज की कमी की वजह से सरकार ने स्कूली परीक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License