NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रति बार्थोलोमिव : 4 जनवरी 1926-23 सितंबर 2021
प्रतिष्ठित, शिष्ट, साहसी, पीढ़ी दर पीढ़ी युवाओं का समर्थन करने वाली रति बार्थोलोमिव का 23 सितंबर को 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
अनुराधा कपूर
25 Sep 2021
Rati Bartholomew

प्रतिष्ठित, शिष्ट, साहसी, पीढ़ी दर पीढ़ी युवाओं का समर्थन करने वाली रति बार्थोलोमिव का 23 सितंबर को 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रति दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज में पढ़ाती थीं, मगर एक रंगकर्मी के तौर पर उनकी पहचान किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनका नाम कैंपस थिएटर का पर्याय जैसा ही था, वह छात्रों के रंगकर्म और ड्रामा सोसाइटी के बेहद क़रीब थीं। जब मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया, तो रति, फ्रैंक ठाकुरदास के साथ, छात्रों के काम को देखने के लिए आईं, कार्यशालाओं का नेतृत्व किया, युवाओं को विश्वविद्यालय से परे थिएटर निर्माताओं से जुड़ने में मदद की, और छात्रों की पीढ़ियों को थिएटर को अपनी कॉलिंग बनाने के लिए प्रेरित किया। रति बार्थोलोमिव ने हममें से कई लोगों को यूनिवर्सिटी थिएटर से शौकिया थिएटर तक जाने में मदद की। ऐसा इसलिए था क्योंकि वह उस समय दिल्ली में बनने वाले कई थिएटर समूहों में सक्रिय थीं। वह 1960 के दशक में दिल्ली में सबसे सक्रिय थिएटर समूहों में से दो - यात्रिक के शुरुआती सदस्यों और दिशांतर के उपाध्यक्ष में से एक थीं।

रति को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्रों की पीढ़ियों द्वारा भी याद किया जाता है, जहाँ उन्हें अक्सर स्कूल के निदेशक इब्राहिम अल्क़ाज़ी द्वारा परीक्षक के रूप में आमंत्रित किया जाता था। राम गोपाल बजाज ने मुझे याद दिलाया कि उन्होंने एनएसडी के छात्रों के काम को गौर से देखा और उनके काम का समर्थन किया और जब उन्होंने अपनी छात्रवृति से बाहर कदम रखा तो उनके लिए अवसर खोले। उदाहरण के लिए, 1965 में उन्होंने थॉट नामक प्रकाशन में मोहन महर्षि द्वारा निर्देशित आद्या रंगाचारी की सुनो जनमेजय के पहले हिंदी प्रोडक्शन की एक समीक्षा लिखी, जिसका मंचन एनएसडी के स्टूडियो थिएटर में हुआ था। जहां उन्होंने रंगमंच निर्माताओं की एक नई पीढ़ी के ज़रिये नए रूपों और नई भाषाओं के शामिल होने की बात की।

1970 के दशक के उत्तरार्ध से रति नुक्कड़ नाटक में सक्रिय थीं; उन्होंने थिएटर यूनियन के टोबा टेक सिंह के प्रोडक्शन को आकार देने में सहयोग किया और मदद की, जिसे भारत के कई शहरों में प्रदर्शित किया गया था। उन्होंने वहां के कार्यकर्ता समूहों के साथ काम करने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश की यात्रा की, कार्यशालाओं का नेतृत्व किया और प्रस्तुतियों का निर्देशन किया।

1876 ​​​​नाटकीय प्रदर्शन अधिनियम के ख़िलाफ़ सहमत के अभियान ने सितंबर 1989 में पहले अखिल भारतीय स्ट्रीट थिएटर फ़ेस्टिवल, चौराहा का रूप लिया। उस उत्सव को चिह्नित करने वाले कैटलॉग में रति बार्थोलोमिव का एक महत्वपूर्ण निबंध था, जो सहमत के संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। निबंध का शीर्षक था ' नाटकीय प्रदर्शन अधिनियम पर: थिएटर में सेंसरशिप'। इस निबंध ने उन चर्चाओं को उत्प्रेरित किया जो सेंसरशिप और थिएटर के मुद्दे पर सहमत के उल्लेखनीय हस्तक्षेप के बाद हुईं। उन्होंने अनामिका हक्सर के राज दर्पण नामक नाटक के मंचन पर भी शोध किया, 1994 में एनएसडी के छात्रों के साथ प्रदर्शन किया और फिर बाद में एनएसडी रिपर्टरी कंपनी में भी काम किया।

रिहर्सल रूम में या दर्शकों में रति की उपस्थिति ने ऊर्जा की एक धारा उत्पन्न की।

रति के साथ मेरी आख़िरी याद 2003 की है, जब सर्दियों की एक शाम में उनके एक शो के दौरान मैक्स म्यूलर भवन में ऑडियंस में बैठ कर मैंने एन्टीगोन प्रोजेक्ट देखा था।

अलविदा, रति! थिएटर में आपके योगदान के लिए आपको हमेशा याद किया जाएगा - आपको याद किया जाएगा उस प्यार को जुनून के साथ उन लोगों तक पहुंचाने के लिए जिन्हें आपको जानने का सौभाग्य मिला था।

सौजन्य : इंडियन कल्चरल फ़ोरम

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Rati Bartholomew: 4 January 1926 – 23 September 2021

Rati Bartholomew
Delhi University
National School of Drama
SAHMAT

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

ज्ञानवापी पर फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में डीयू के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत मिली

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार

यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

लेडी श्रीराम कॉलेजः छात्रा को दी गई श्रद्धांजलि, आत्महत्या के एक साल बाद भी नहीं जागा प्रशासन


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    बोलडोज़र पर सुप्रीम कोर्ट की रोक! कानून और संविधान के साथ बीजेपी का खिलवाड़!
    21 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार बुलडोज़र राजनीति और भाजपा के वायदों के बारे में बात कर रहे हैं।
  • सी. सरतचंद
    कोविड-19 का वैश्विक दुष्प्रभाव और रूस पर आर्थिक युद्ध 
    21 Apr 2022
    विकासशील देशों को घनिष्ठ रूप से आपस में सहयोग करना होगा, महामारी के आर्थिक एवं सार्वजनिक दुष्परिणामों का मुकाबला करना होगा और रूस पर लगाए गए आर्थिक युद्ध के नतीजों से मिलकर निपटना होगा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार
    21 Apr 2022
    इस नई प्रक्रिया के एक ओर जहां अलग-अलग बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलने वाले एक समान अवसर के रूप में देखा जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर परीक्षा के महज़ तीन महीने पहले मिले इस सूचना और दिल्ली…
  • पीपल्स डिस्पैच
    ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी
    21 Apr 2022
    लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण का आदेश देने वाले फ़ैसले पर मुहर लगा दी है। अब अंतिम फ़ैसला गृह सचिव प्रीति पटेल लेंगी, जो सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी…
  • सत्यम श्रीवास्तव
    दिल्ली में बुलडोज़र गवर्नेंस या डबल इंजन सरकार का आगाज़?
    21 Apr 2022
    कोई भी सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए इन कार्रवाईयों को उचित नहीं ठहरा सकती क्योंकि ये कार्रवाईयां कानून सम्मत नहीं हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License