NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त
"यह स्वैच्छिक होगा। लेकिन मतदाताओं को अपना आधार नंबर न देने के लिए पर्याप्त वजह बतानी होगी।"
भाषा
14 May 2022
aadhar

नयी दिल्ली/ भाषा: मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि सरकार आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द ही जारी कर सकती है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए आधार की जानकारियां साझा करना स्वैच्छिक होगा लेकिन ऐसा न करने वाले लोगों को ‘‘पर्याप्त वजहें’’ बतानी होगी।

चंद्रा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने उन पांच राज्यों में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने में अहम भूमिका निभायी, जहां इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया ताकि मतदाता और चुनाव ड्यूटी में शामिल लोग कोरोना वायरस से सुरक्षित रंहे। चंद्रा शनिवार की शाम को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि बतौर सीईसी उनके कार्यकाल में जो दो प्रमुख चुनावी सुधार हुए, उनमें 18 साल की आयु वाले मतदाताओं को पंजीकरण कराने के लिए एक के बजाय साल में चार तारीख उपलब्ध कराने का प्रावधान और मतदाता सूची में नकली प्रविष्टियों पर लगाम लगाने के लिए आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ना शामिल है।

इसे भी पढ़ें: वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!

चंद्रा ने कहा, ‘‘पहले हर साल एक जनवरी कट-ऑफ तारीख होती थी। हमने सरकार को आश्वस्त किया कि यह सुधार बहुत आवश्यक है और इन लोगों का जल्द से जल्द पंजीकरण होना चाहिए क्योंकि वे 18 साल के हो गए हैं। इस सुधार के साथ अब उन लोगों को पंजीकरण के लिए एक साल में चार तिथियां मिलेगी जिनकी उम्र 18 साल हो गई है। यह सुधार पिछले 20 वर्षों से लंबित था।’’

अभी तक एक जनवरी को या उससे पहले 18 साल के होने वाले लोग मतदाता के तौर पर पंजीकरण करा सकते थे। इससे, दो जनवरी को या उसके बाद 18 साल के होने वाले लोगों को मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए एक साल इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब एक बार नियम जारी हो जाने के बाद युवा लोग हर साल चार अलग-अलग तारीखों पर मतदाताओं के तौर पर पंजीकरण करा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा सबसे बड़ा सुधार आधार को मतदाता सूची से जोड़ना है ताकि नकली प्रविष्टियों पर रोक लगायी जा सके। इससे मतदाता सूची साफ-सुथरी हो जाएगी तथा और अधिक मजबूत बनेगी।’’

यह पूछने पर कि सरकार कब नियमों को अधिसूचित करेगी, चंद्रा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बहुत जल्द.... क्योंकि हमने इस संबंध में पहले ही प्रस्ताव का मसौदा भेज दिया है। हमने फॉर्म भी भेज दिए हैं जिनमें बदलाव होने हैं और ये विधि मंत्रालय के पास हैं। मुझे लगता है कि बहुत जल्द इन्हें मंजूरी मिल जाएगी। हमने भी अपनी आईटी प्रणाली मजबूत की है।’’

यह पूछने पर कि क्या आधार की जानकारियां साझा करना स्वैच्छिक होगा, उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वैच्छिक होगा। लेकिन मतदाताओं को अपना आधार नंबर न देने के लिए पर्याप्त वजह बतानी होगी। इस वजह में, आधार न होना या उसके लिए आवेदन न करना या कोई अन्य वजह हो सकती है।’’

चंद्रा का मानना है कि आधार नंबर साझा करने से मतदाता सूची को त्रुटि-रहित बनाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि चुनाव आयोग अपनी संचार प्रणाली के जरिए मतदाताओं को अधिक सेवाएं मुहैया कराए।

बतौर सीईसी सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सबसे ‘‘मुश्किल’’ चुनौती कोविड-19 के दौरान पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने और विभिन्न उपचुनाव कराने की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि जब चुनावों का समय नजदीक आ रहा था तो हमने उस वक्त कभी नहीं सोचा था कि कोविड के मामले बढ़ने लगेंगे। अचानक हमें कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन का पता चला। हमें तैयारी करनी पड़ी क्योंकि कोई भी इस स्वरूप के बारे में ज्यादा नहीं जानता था। इसलिए अचानक हमें मतदान प्रक्रिया और चुनावी तंत्र को सुरक्षित बनाने की तैयारी करनी पड़ी।’’

इस दौरान निर्वाचन आयोग ने टीकाकारण की प्रक्रिया तेज कर दी और सुरक्षा बलों समेत अपने चुनावी कर्मियों को बूस्टर खुराक दी।

यह पूछने पर कि क्या पांच राज्यों में टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है, चंद्रा ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर। जिन राज्यों में यह कम था... खासतौर से उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर, वहां हमने हालात की समीक्षा की और मुख्य सचिवों तथा स्वास्थ्य सचिवों को टीकाकरण अभियान तेज करने के लिए कहा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक खुराक दी जानी चाहिए थी। अगर पहली खुराक ले ली है तो दूसरी खुराक देनी थी। उत्तर प्रदेश में 100 प्रतिशत लोगों ने पहली खुराक ले ली। पंजाब और मणिपुर में भी टीकाकरण की दर बढ़ायी गयी। हमने इन राज्यों में चुनावों के दौरान ओमीक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाया ताकि मतदाता और मतदान प्रक्रिया सुरक्षित रहे।’’

Aadhaar Linking with Voter ID
Aadhar card
voters
voter ID card
privacy
data privacy

Related Stories

कैसे भारतीय माताओं के लिए निर्धारित 84,000 करोड़ रुपयों से उन्हें वंचित रखा गया

वोटर-आईडी को आधार से जोड़ना निराधार, चुनाव-बिगाड़ को मत कहें सुधार

नया बिल, मतदान से वंचित करने के साथ लोकतंत्र पर है हमलाः अपार गुप्ता

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!

SSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन, संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध मार्च और अन्य ख़बरें

खोज ख़बरः गुप्त मतदान और लोकतंत्र पर हमला है आधार को वोटर i-card से जोड़ने वाला क़ानून

चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल

डेटा निजता विधेयक: हमारे डेटा के बाजारीकरण और निजता के अधिकार को कमज़ोर करने का खेल

भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है

भारतीय लोकतंत्र और पेगासस का अवसाद (नैराश्य गीत)


बाकी खबरें

  • Benipatti
    पुष्यमित्र
    पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?
    16 Nov 2021
    इन दिनों उत्तर बिहार के कई ज़िलों में पत्रकार अविनाश झा उर्फ बुद्धिनाथ झा की जघन्य हत्या के विरोध में आंदोलन हो रहे हैं। पुलिस ने हत्या के आरोपी छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है, इनमें से तीन का संबंध…
  • V.P. Singh, Chandrashekhar, Sonia Gandhi aur Main
    सतीश भारतीय
    प्रधानमंत्री वीपी सिंह के जीवन के रहस्यों को खोलती पत्रकार संतोष भारतीय की किताब!
    16 Nov 2021
    वीपी सिंह की राजनैतिक यात्रा को लेखक-पत्रकार संतोष भारतीय ने काफी नजदीक से परखा था। वीपी सिंह के राजनीतिक जीवन पर संतोष भारतीय ने "वी. पी. सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गाँधी और मैं" नाम से एक किताब लिखी…
  • Lakhimpur Violence
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    लखीमपुर हिंसा: अजय मिश्रा की बर्ख़ास्तगी और गिरफ़्तारी की मांग को लेकर पीलीभीत में ‘न्याय महापंचायत’
    16 Nov 2021
    बुधवार को लखीमपुर खीरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय में की जा रही सुनवाई का ज़िक्र करते हुए किसान नेताओं का आरोप था कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को दर्ज किये बग़ैर मामले की न्यायसंगत जांच हो…
  • MANNU AND SUDHA
    सुधा अरोड़ा
    'मन्नू दी' आप अकेले सफ़र पर निकल गईं: मन्नू भंडारी के नाम सुधा अरोड़ा का पत्र
    16 Nov 2021
    मन्नू भंडारी के बेहद करीब रहीं प्रख्यात लेखिका सुधा अरोड़ा, 'मन्नू दी' के निधन से बेहद आहत हैं। एक खुले पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी भावनाएं और यादें साझा कीं।
  • poonam
    सरोजिनी बिष्ट
    यूपी पुलिस की पिटाई की शिकार ‘आशा’ पूनम पांडे की कहानी
    16 Nov 2021
    आख़िर पूनम ने ऐसा क्या अपराध कर दिया था कि पुलिस ने न केवल उन्हें इतनी बेहरमी से पीटा, बल्कि उनपर मुकदमा भी दर्ज कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License