NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शिमला : छात्रों के रियायातीं बस पासों में 50% की वृद्धि इसको लेकर वहाँ के नागरिक विरोध कर रहे हैं
नागरिक सभा ने कहा कि “अगर आज रात तक सरकार इस वृद्धि को वापस लेने का नोटिफिकेशन नही निकलती है तो कल से पूरा शिमला शहर में चक्का जामा उग्र आंदोलन होगा |
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2018
शिमला

हिमाचल के शिमला  शहर के  स्कूलों के बच्चों के लिए एचआरटीसी की ओर से चलाई जा रही स्कूल बसों के पास की दरो में पचास फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है | पहले तीन महीनें का बस जो 1200 रू में बनता था अब सरकार और निगम के नये फरमान के बाद अब ये 1800 रु में बनेगा ,जिसको लेकर सीपीएम ,नागरिक सभा ,जनवादी महिला समिति ,जनवादी नौजवान सभा के साथ ही स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया भाजपा सरकार इस निर्णय का विरोध कर रहे |

विरोध कर रहे  इन संगठनो ने कहा है कि अगर सरकार ने आज शाम तक बढ़े हुए दरों को वापस लेने की घोषणा नही कि तो वो कल पुरे शहर में चक्का जामा करेंगे | वहाँ के अभिभावकों का कहना हैं कि यदि सरकार इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस नहीं लेती तो हम टैक्सियों या निजी गाड़ियों का प्रयोग से बच्चों को स्कूल ले जाने व वापस लाने के लिए मजबूर होंगे जिससे शहर में जाम की समस्या और बढ़ेगी,जो की वर्तमान में भी बहुत ही विकट समस्या है | 
 

पास की दरो में वृद्धि क्यों ?

सरकार औरहिमाचल रोड़ ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेसन (HRTC) इस को इस आधार पर न्यायोचित ठहराने में लगी हुई है कि पिछले तकरीबन 8 वर्षो से कोई वृद्धि नही हुई है अंतिम वृद्धि 2010 में हुई थी |  इसलिए दरों में वृद्धि करना आवश्यक हो गया था |

परन्तु नागरिक सभा और पैरंट्स टीचर एसोसिएशन ने कहा की “यह केवल अपने मुनाफे को बढ़ाने और स्कूली छात्रों व अभिभावकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा | महिला समिति का कहना है कि ,इससे बढ़ोतरी से अभिभावक आज अपने बच्चों की पढ़ाई कराने पर सोचने को मजबूर हो गए है। पहले ही शिमला में पढ़ाई इतनी महंगी है | वर्दी का खर्चा तथा स्कूल फीस पहले ही इतनी  महंगी  है और अब पथ परिवहन निगम बालो ने परिवहन सुविधा भी महंगी कर दी है। उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने की मांग की वरण सरकार को एक बड़े जन प्रतिरोध के लिए तैयार रहने को कहा “। 

शिमला शहर के पूर्व महपौर संजय चौहान ने कहा की “प्रदेश सरकार इस प्रकार के निर्णय लेकर पूरी तरह से जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रही हैं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमो की सेवाएं महंगी कर इसकी आड़ में निजी क्षेत्र को बढ़ावा दे रही हैं”।

आगे चौहान कहते है कि “हिमाचल पथ परिवहन निगम पहले ही स्कूल बस पास फीस निर्धारित किराये से दोगुना ले रहा है जो कि न तो तर्कसंगत है और न ही न्यायउचित हैं क्योंकि सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवानी सरकार की संवैधानिक उत्तरदायित्व हैं। पहले स्कूल बस पास रियाती दरों पर बनते थे जिसे सरकार द्वारा खत्म किया गया तथा अब इसे लाभ का जरिया बनाया गया है जो कि बिल्कुल ग़लत हैं और जनता के साथ चुनी हुई सरकार के द्वारा धोखा है”।

शिमला शहर के ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने कहा की “उन्होंने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद प्वाइंट ऑफ ऑर्डर लेते हुए सदन में इसको लेकर प्रश्न किया और कहा की राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के बगैर ही सरकार ने शिमला के स्कूली बच्चों पर जबरन अतरिक्त वितीय  थोप दिया है।बच्चों के लिए स्कूल की आवाजाही को एकमुश्त ही  50 फीसदी महंगी कर दी है। उन्होंने इस फैसले पर सरकार से जवाब मांगा परन्तु  सरकार की तरफ से कोई सकारत्मक जबाब नही मिला” |

सीपीएम ने सरकार को शिक्षा नीति पर गंभीर प्रश्नचिंह लगया और निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार के  ऐसे जन विरोधी नीतियों के कारण ही  ही सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर निरन्तर गिरता जा रहा है और सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं।  सरकारी स्कूलों में अध्यापको की नियमित भर्तियां नहीं कि जा रही हैं और इनमें बुनियादी सुविधाओं की ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के पश्चात भी सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है जिसके कारण जनता को निजी स्कूलों में महंगी शिक्षा प्राप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रदेश सरकार बस पास फीस में की गई इस भारी वृद्धि को तुरंत वापिस ले और पूर्व की भांति बस पास रियाती दरों पर बनाया जाए। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने पर विशेष बल दिया जाए ताकि बच्चों को सस्ती और गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त हो सके। पार्टी जनता द्वारा चलाए जा रहे इस बस पास फीस वृद्धि के आंदोलन का समर्थन करती है और यदि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को तुरंत वापिस नहीं लेती तो जनता के साथ मिलकर तब तक आंदोलन करेगी जब तक सरकार इस वृद्धि को वापिस नहीं लेगी।

कल से पूरा शिमला शहर में चक्का जामा होगा?

नागरिक सभा के सचिव कपिल शर्मा ने बताया की आज 31 अगस्त को वो उनके साथ अभिभावकों का एक प्रतिनिधि मंडल एचआरटीसी के महाप्रबंधक से मुलाकात की और उन्हें अपना ज्ञापन दिया और चेताया है कि अगर शीघ्र ही इस मामले में प्रदेश सरकार व शिमला जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप न किया तो उग्र आंदोलन होगा। जिसके बाद “आज एचआरटीसी के महाप्रबंधक के ने आश्वसन दिया है की वो इस वृद्धि को वापस करेंगे परन्तु उन्होंने लिखित में कोई वादा नही किया है बस मौखिक रूप से कहा है | परन्तु हमे उनकी कहीं बातो  पर विश्वास नही हैं ,अगर आज रात तक सरकार इससे वापस लेने का नोटिफिकेशन नही निकलती है तो कल से पूरा शिमला शहर में चक्का जामा होगा” |

कपिल ने कहा कि HRTC व राज्य परिवाहन निगम बच्चों की पढ़ाई को सामाजिक जिम्मेवारी न मानकर पैसा कमाने का एक धंधा समझते हैं। ये दोनों शिक्षा को मुनाफे का एक उद्योग बनाना चाहते हैं, जिसे शिमला शहर की आम जन मानस किसी कीमत पर  नहीं सहेगा। 
 

 

हिमाचल प्रदेश
HRTC
सीपीएम
जन आन्दोलन
बस पासों में 50% की वृद्धि
चक्का जाम

Related Stories

हिमाचल: एचआरटीसी कर्मियों की मांगों के समर्थन में सीटू ने किया प्रदर्शन

डेली राउंड अप : देशभर के डॉक्टर हड़ताल पर, कश्मीर के बिगड़ते हालात, और अन्य ख़बरें

बस सेवा में सुधार को लेकर सीपीएम की लड़ाई रंग लाई, HRTC ने मांगें मानीं

हिमाचल : बस हादसे रोकने और उचित सेवा की मांग को लेकर सीपीएम का धरना-प्रदर्शन

कुल्लू: बसों की जर्जर हालत से परेशान निवासी

राजस्थान: माकपा के दो लड़ाके पहुंचे विधानसभा

हिमाचल में बस किराये में भारी वृद्धि, नागरिक सभा ने किया विरोध

दलितों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ 2 अगस्त को वामदलों का ‘बिहार’ बंद

हिमाचल : किसान सभा ने दूध के उचित दाम न मिलने को लेकर किया प्रदर्शन

हिमाचल के शिमला शहर में जल आपातकाल जैसी स्थिति


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    ‘’मुसलमानों के लिए 1857 और 1947 से भी मुश्किल आज के हालात’’
    05 Apr 2022
    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव रहमानी ने आज के दौर को 1857 और 1947 के दौर से ज़्यादा घातक बताया है।
  • भाषा
    ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत से संबंधित संपत्ति कुर्क की
    05 Apr 2022
    यह कुर्की मुंबई में एक 'चॉल' के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन की जांच से संबंधित है। 
  • सोनया एंजेलिका डिएन
    क्या वैश्वीकरण अपने चरम को पार कर चुका है?
    05 Apr 2022
    पहले कोरोना वायरस ने एक-दूसरे पर हमारी आर्थिक निर्भरता में मौजूद खामियों को उधेड़कर सामने रखा। अब यूक्रेन में जारी युद्ध ने वस्तु बाज़ार को छिन्न-भिन्न कर दिया है। यह भूमंडलीकरण/वैश्वीकरण के खात्मे…
  • भाषा
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया
    05 Apr 2022
    श्रीलंका के नए वित्त मंत्री अली साबरी ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। एक दिन पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने भाई बेसिल राजपक्षे को बर्खास्त करने के बाद उन्हें नियुक्त किया था।
  • भाषा
    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव
    05 Apr 2022
    हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनोहर लाल द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘यह सदन पंजाब विधानसभा में एक अप्रैल 2022 को पारित प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करता है, जिसमें सिफारिश की गई है कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License