NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संस्कृति
फिल्में
भारत
राजनीति
समानांतर सिनेमा के जनक मृणाल सेन नहीं रहे
मृणाल सेन के निधन से भारत में फिल्म निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक का समापन हो गया। मृणाल सेन व दिवंगत निर्देशकों सत्यजीत रे व ऋत्विक घटक को 'त्रिमूर्ति' के रूप में जाना-जाता था। इन्हें देश में समानांतर सिनेमा (नए सिनेमा) का जनक माना जाता है।
आईएएनएस
30 Dec 2018
filmmaker Mrinal Sen

दिग्गज फिल्मकार मृणाल सेन नहीं रहे। वह 95 वर्ष के थे और उम्र संबंधी शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर स्थित अपने घर में रविवार सुबह 10 बजे के आसपास अंतिम सांस ली। उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। उनके परिवार में उनके बेटे कुणाल हैं।

मृणाल सेन समाज में सवाल करती फिल्मों को पेश करने की योग्यता के लिए जाने-जाते थे।

मृणाल सेन के निधन से भारत में फिल्म निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक का समापन हो गया। मृणाल सेन व दिवंगत निर्देशकों सत्यजीत रे व ऋत्विक घटक को 'त्रिमूर्ति' के रूप में जाना-जाता था। इन्हें देश में समानांतर सिनेमा (नए सिनेमा) का जनक माना जाता है।

इन तीनों ने भारत में फिल्म निर्माण के विचार को एक नई दिशा दी, जिसमें सहजता, सौंदर्यबोध व माध्यम की गहन जानकारी शामिल रही, जिससे इनके फिल्म निर्माण को सम्मान हासिल हुआ।

मृणाल सेन का जन्म फरीदपुर (अब बांग्लादेश) में 14 मई 1923 में हुआ था। सेन ने अपनी पहली बंगाली फिल्म 'रात भोरे' 1953 में बनाई, लेकिन सेन को अपनी दूसरी फिल्म 'नील आकाशेर नीचे' से देश में सराहना मिली। इस फिल्म में मानवीय गुणों को उभारा गया था।

इसके बाद सेन को 'बाइशे श्रावण' के लिए फिल्म आलोचकों से सराहना मिली और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

मृणाल सेन ने 1969 में केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए छोटे बजट से 'भुवन शोम' बनाई। यह फिल्म भारत के नए सिनेमा आंदोलन में मील का पत्थर साबित हुई।

सेन आजीवन वामपंथी रहे, लेकिन किसी पार्टी के सदस्य नहीं रहे। सेन ने अपने छह दशक के करियर में 27 फीचर फिल्मों, 14 लघु व चार वृत्तचित्र फिल्मों का निर्माण किया।

मृणाल सेन की अन्य फिल्मों में 'इंटरव्यू' (1971), 'एक अधूरी कहानी (1971)', 'कलकत्ता 71', कोरस'(1974)', 'मृगया' (हिंदी-द रॉयल हंट , 1976), 'ओकाओका उरी कथा ' (तेलुगू-द आउटसाइडर्स), 'एक दिन प्रतिदिन', 'अकालेर सनधाने', 'चलचित्र', 'खारिज '(द केस इज क्लोज्ड), 'कंघार' (द रियून्स 1983), 'जेनेसिस' (1986), 'एक दिन अचानक'(सडेनेरी, वन डे, 1989) शामिल हैं।

मृणाल सेन की अंतिम फिल्म 'आमार भुवन' साल 2002 में आई।

सेन 1997 से 2003 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने कुछ समय के लिए अंतर्राष्ट्रीय फिल्म सोसाइटी फेडरेशन के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। 

वर्ष 2004 में उनकी आत्मकथा 'आलवेज बीइंग बार्न' प्रकाशित हुई। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया। कोविंद ने समाज के मर्म और संवदेना के चित्रण के लिए उनको याद किया। 

राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, "प्रख्यात फिल्मकार मृणाल सेन के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। भुवन शोम से लेकर कलकत्ता ट्रिलोजी तक समाज की असलियत का मार्मिक और संवदेनशील चित्रण करने की अपनी क्षमता से वह हमारे जमाने के उत्कृष्ट इतिहासकार बन गए। उनके निधन से बंगाल, भारत और सिनेमा जगत को क्षति हुई है।"

मोदी ने कहा कि कुछ सबसे यादगार फिल्म बनाने के लिए भारत सेन का आभारी है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर कहा कि यह अपूरणीय क्षति है।

पद्म भूषण से सम्मानित फिल्मकार के साथ काम करने का मौका पाने वाले बंगाल के अनेक मशहूर अभिनेताओं, फिल्मकारों और तकनीशियनों ने उनको पथप्रदर्शक बताया। 

filmmaker Mrinal Sen
film
cinema
parallel cinema in India
Satyajit Ray
Ritwik Ghatak

Related Stories

दिल्ली में लगाई गई सत्यजीत रे द्वारा डिज़ाइन किये गए किताबों के कवर की प्रदर्शनी

‘हमारी फिल्मों का ‘ऑस्कर’ वाला ख्व़ाब’!

पैड वुमन : हापुड़ से लॉस एंजेलिस तक का सफ़र

‘हाशिये के लोगों’ को समर्पित होगा छठा उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल

पांडिचेरी फिल्मोत्सव में 100 से अधिक फिल्में


बाकी खबरें

  • modi
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: खांटी बनारसियों को ही नहीं पसंद आया मोदी का ‘इवेंट’, पुजारी और भक्त भी ख़ुश होने की जगह आहत
    15 Dec 2021
    "मोदी ने नई परंपरा यह गढ़ी है कि बाबा के दरबार में अब जूता पहनकर गर्भगृह तक आसानी से जाया जा सकता है। कांवड़ के बजाय लक्जरी वाहन में बैठकर चांदी के लोटे में गंगाजल ढोया जा सकता है और बाबा गर्भगृह के…
  • एम.के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन की बैठक के एक हफ़्ते बाद संकट गहरा रहा है
    15 Dec 2021
    रूस अपनी उन 'लाल रेखाओं' को फिर से दोहरा रहा है
  • hindutva
    अजय कुमार
    हिंदुत्व की बहस के बीच बेरोज़गारी और महंगाई की मार झेलती ग़रीब जनता
    15 Dec 2021
    बनारस में प्रधानमंत्री मोदी की मज़दूरों के साथ बैठकर खाना खाने की फोटो बहुत अधिक वायरल हो रही है। लेकिन वहीं एक ख़बर शहरी बेरोज़गारी को लेकर आई है। जिस पर कोई चर्चा नहीं है। जिसकी सबसे अधिक मार उसी…
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,984 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 57 लोग संक्रमित
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,984 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 57 लोग संक्रमित
    15 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.25 फ़ीसदी यानी 87 हज़ार 562 हो गयी है। इस बीच महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 8 और दिल्ली व राजस्थान में 4-4 नए मामले सामने आए हैं।
  • GDP
    प्रभात पटनायक
    भारत की महामारी के बाद की आर्थिक रिकवरी अस्थिर है
    15 Dec 2021
    2021-22 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की 2019-20 की दूसरी तिमाही के स्तर पर बहाली होने के पीछे उपभोग की बहाली नहीं, बल्कि निवेश में बढ़ोतरी कारण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License