NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
अंतरराष्ट्रीय
सोमालिया में आतंकवादी हमले में दो पत्रकारों समेत 10 की मौत
सूत्रों ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने किसमायो शहर के लोकप्रिय मेदिना होटल में शुक्रवार को विस्फोटकों से भरा वाहन घुसा दिया जिसके बाद भारी हथियारों से लैस कई बंदूकधारी गोलीबारी करते हुए होटल में घुस गए।
एपी, एएफपी
13 Jul 2019
SOMALIA

मोगादिशु : सोमालिया के बंदरगाह शहर किसमायो स्थित एक होटल में हुए आतंकवादी हमले में दो पत्रकारों समेत कम से कम 10 लोग मारे गए।

स्थानीय जिला अधिकारी अब्दी अहमद ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि एसासे होटल में बंदूकधारियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि मृतक संख्या बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि हमले की जद में आए अधिकतर लोग होटल में आए मेहमान थे। इस होटल में अकसर नेता और स्थानीय अधिकारी आते हैं। मरने वालों में दो पत्रकार भी शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने किसमायो शहर के लोकप्रिय मेदिना होटल में शुक्रवार को विस्फोटकों से भरा वाहन घुसा दिया जिसके बाद भारी हथियारों से लैस कई बंदूकधारी गोलीबारी करते हुए होटल में घुस गए।

सोमालिया के ‘अल शबाब’ आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

मोगादिशु स्थित रेडियो स्टेशन ‘रेडियो दालसान’ ने पुष्टि की कि इस हमले में कनाडा की पत्रकार हुदान नलायेह और उनके पति फरीद जमा सुलेमान की मौत हो गई है। 

सुरक्षा अधिकारी अब्दीवेली मोहम्मद ने कहा, ‘‘पहले कासकेसे के नाम से जाना जाने वाला लोकप्रिय मेदिना होटल विस्फोट से दहल गया। यह होटल किसमायो में स्थित है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई बंदूकधारी घुसे और उन्होंने गोलीबारी आरंभ कर दी लेकिन सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई की और दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई।’’

प्रत्यक्षदर्शी हुसैन मुक्तर ने कहा, ‘‘विस्फोट बहुत बड़ा था।’’

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी अहमद फरहान ने कहा, ‘‘स्थानीय पत्रकार मोहम्मद सहल के संबंधियों ने उसकी मौत की पुष्टि की है और मुझे पता चला है कि सामाजिक कार्यकर्ता हुदान नालेयेह और उनके पति की भी इस विस्फोट में मौत हो गेई है।’’

SOMALIA
terrorist attack
Terrorism
journalist
attack on journalists

Related Stories

यूपी में मीडिया का दमन: 5 साल में पत्रकारों के उत्पीड़न के 138 मामले

पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?

बिहारः ग़ैर-क़ानूनी निजी क्लिनिक का पर्दाफ़ाश करने वाले पत्रकार की हत्या

गौमूत्र और गोबर पर की गई टिप्पणी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए ख़तरा कैसे हो गई?

पत्रकार नेहा दीक्षित को मिलने वाली धमकियों का मतलब क्या है?

दिल्ली दंगों से फैले ज़हर के शिकार हुए कारवां के तीन पत्रकार

यूपी पत्रकार-हत्याकांड का सच और डॉ जावेद का जाना

यूपी: कौन देगा पत्रकार की हत्या का जवाब, किससे मांगें महिला की (आत्म)हत्या का हिसाब

पत्रकार पर बर्बर हमला : "उन लोगों ने हमारी पैंट खुलवाई और हनुमान चालीसा सुनाने को कहा"

उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम का दावा हक़ीक़त से कोसों दूर है?


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License