NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
सोनभद्र कांड: ''प्रशासन-प्रदेश, मुखिया-मंत्री सब सो रहे हैं। क्या ऐसे बनेगा अपराध मुक्त प्रदेश?”
सोनभद्र में आदिवासियों की ज़मीनों के पट्टे की लड़ाई कई बार हिंसक होती रही है। लेकिन पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आदिवासियों की हत्या की गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Jul 2019
सोनभद्र कांड

सोनभद्र के उम्भा गांव में दस आदिवासियों की बुधवार को हत्या कर दी गई। क़रीब पच्चीस लोग गंभीर रूप से घायल बातये जा रहे हैं। ये पूरा मामला गुर्जरों और गोंड आदिवासियों के बीच ज़मीन विवाद का है। गोली चलाने वाले गुर्जर समुदाय के ग्राम प्रधान और उसके गुंडे हैं। पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर लिया है और शासन ने जांच समिति बना दी है।

क्या है पूरा मामला ?

सोनभद्र उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा ज़िला है। यह देश का एकमात्र ऐसा ज़िला है जिसकी सीमा चार राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से जुड़ती हैं। कैमूर की पहाड़ियों और जंगलों में बसे सोनभद्र इलाक़े में तक़रीबन 70 फ़ीसदी आबादी आदिवासियों की है। यहाँ के आदिवासी भी वन अधिकार क़ानून के तहत ज़मीन का मालिकाना हक पाने के लिए सरकारी हुक्मरानों के साथ निवेदन से लेकर विरोध तक कि सारी लड़ाईयाँ लड़ रहे हैं। लेकिन सरकारी हुक्मरान अपने फ़ायदे के लिए वनाधिकार क़ानून की बजाए जंगल के क़ानून की तरह बरताव करने लगते हैं। यानी कि जंगल में जो ज़्यादा मज़बूत है उन्हीं का राज चलता रहता है।
ज़मींदारों की इस ज़मीन पर काफ़ी समस्या नज़र आ रही है ,शासन प्रशासन की भी अनदेखी की मार झेलता रहा है यह इलाक़ा।

स्थानीय ख़बरों के मुताबिक़ 16 जुलाई को भी एक बार फिर वहां क़ानून को ताक पर रखकर 32 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर गुर्जर समाज के प्रधान समेत 300 लोग ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने पहुंचे थे, और नरसंहार में 10 लोगों की मौत हुई थी, और 23 लोग ज़ख़्मी हुए थे। सोनभद्र में बेखौफ़ दबंगों ने ज़मीन की ख़ातिर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर 10 लोगों की हत्या कर दी।
एनडीटीवी के मुताबिक़ पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने कहा कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा ज़मीन ख़रीदी थी। यज्ञदत्त ने इस ज़मीन पर क़ब्ज़े के लिये बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से ज़मीन जोतने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस ने ज़मीन के विवाद में ग्राम प्रधान पक्ष को पूर्व में भी पाबंद किया था और उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी मजिस्ट्रेट के यहां चल रही है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है। ज़रूरत पड़ने पर ज़मीन बेचने वाले आईएएस अधिकारी के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी। यह वारदात हाल के वर्षों में प्रदेश में हुई सबसे ज़्यादा रक्तपात वाली घटना है।

राज्य विधानमण्डल का मानसून सत्र शुरू होने से एक ही दिन पहले बुधवार को हुई इन वारदात के बाद से सरकार और पूरा पुलिस महकमा हरकत में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों वारदात पर सख़्त कार्रवाई के आदेश दिये हैं। इस बीच आलोचनाओं से घिरी यूपी सरकार ने घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित करने का आदेश निकाला है जिसमें मिर्ज़ापुर के आयुक्त और बनारस ज़ोन के एडीजी को रखा गया है। मुख्य सचिव के दस्तख़त से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट चौबीस घंटे के भीतर प्रस्तुत की जाए। ज़िलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए गए हैं कि वे रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि ग्रामवासियों को पट्टे क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए थे।

अचानक हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में दस लोगों की हत्या की वारदात को लेकर सपा और कांग्रेस ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार का घेराव किया है।

सपा प्रमुख प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सूबे की भाजपा सरकार पर अपराधियों के आगे नतमस्तक होने का आरोप लगाया।

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा ''अपराधियों के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार में एक और नरसंहार! सोनभद्र में भू-माफ़ियाओं द्वारा ज़मीन विवाद में 9 लोगों की हत्या दहशत एवं दमन का प्रतीक!''

अपराधियों के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार में एक और नरसंहार! सोनभद्र में भू-माफियाओं द्वारा ज़मीन विवाद के अंदर 9 लोगों की हत्या दहशत एवं दमन का प्रतीक! सभी मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपए मुआवज़ा दे दोषियों पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई करे सरकार।

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 17, 2019

उन्होंने वारदात में मारे गये सभी लोगों के परिजन को 20-20 लाख रुपये मुआवज़ा देने के साथ-साथ दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।

जबकि सरकार ने अपनी ओर से मारे गए लोगो के परिवार वालो को पांच-पांच लाख देने की घोषणा की है।
उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले को लेकर योगी सरकार पर हमला किया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ''भाजपा राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि दिन-दहाड़े हत्याओं का दौर जारी है। सोनभद्र में भू-माफ़ियाओं द्वारा तीन महिलाओं समेत नौ गोंड आदिवासियों की सरेआम हत्या ने दिल दहला दिया।''

 

भाजपा-राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि दिन-दहाड़े हत्याओं का दौर जारी है।

सोनभद्र के उम्भा गाँव में भू माफियाओं द्वारा 3 महिलाओं सहित 9 गोंड आदिवासियों की सरेआम हत्या ने दिल दहला दिया।

प्रशासन-प्रदेश मुखिया-मंत्री सब सो रहे हैं। क्या ऐसे बनेगा अपराध मुक्त प्रदेश?

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 17, 2019

प्रियंका ने कहा ''प्रशासन-प्रदेश मुखिया-मंत्री सब सो रहे हैं। क्या ऐसे बनेगा अपराध मुक्त प्रदेश?''
मालूम हो कि सोनभद्र ज़िले के घोरावल थाना क्षेत्र के उम्भा गांव में ज़मीन के विवाद को लेकर ग्रामीणों पर की गयी गोलीबारी में तीन महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गयी जबकि 24 अन्य ज़ख़्मी हो गये। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाज़ुक बतायी जा रही है।

पिछले कई दशकों से आदिवासियों की ज़मीनों के पट्टे की लड़ाई कई बार हिंसक होती रही है। पांच साल पहले कनहर बांध का विरोध कर रहे आदिवासियों पर यहां पुलिस ने गोली चलायी थी जिसमें एक आदिवासी को गोली लगी थी, हालांकि उसकी जान बच गयी थी। लेकिन पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आदिवासियों की हत्या की गई है।

भाषा से इनपुट के साथ

UP police
sonbhadra
up govt
up violence
murders in sonbhadra
sonbhadra killings
yogi sarkar
Yogi govt
AKHILESH YADAV
priyanka gandhi
Congress
BJP
SP

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर


बाकी खबरें

  • covid
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटो में क़रीब ढाई लाख नए मामले, एक्टिव मामले 11 लाख के पार 
    13 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,47,518 नए मामले सामने आए हैं। और एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 11 लाख 17 हज़ार 531 हो गयी है।
  • election
    अजय कुमार
    चंद रुपए खाते में डालकर वोट हड़पने की रणनीति आम क्यों हो गई है?
    13 Jan 2022
    चंद रुपए खाते में डालने और चंद राहतें पहुंचाने वाली भाजपा, आम आदमी पार्टी से लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति का क्या मतलब है?
  •  Catholic Association of Goa
    सबरंग इंडिया
    कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ गोवा ने अधिकारियों से सेंट जोसेफ वाजो पर्व के दौरान शांति सुनिश्चित करने को कहा
    13 Jan 2022
    पारंपरिक उत्सव 16 जनवरी को आयोजित होने वाला है, हालांकि, ऐसी आशंकाएं हैं कि कुछ "दक्षिणपंथी संगठन शरारत कर सकते हैं"
  • KHOJ KHABER
    खोज ख़बर: स्वामी प्रसाद मौर्य तो झांकी है, पिक्चर अभी बाक़ी है, मोदी जी?
    12 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने भाजपा नेता, योगी सरकार में मंत्री ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफ़े को पिछले कुछ समय से भाजपा का साथ छोड़ रहे नेताओं की घटना के साथ जोड़ते हुए बताया…
  • कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    एम.ओबैद
    कोरोना काल में भी वेतन के लिए जूझते रहे डॉक्टरों ने चेन्नई में किया विरोध प्रदर्शन
    12 Jan 2022
    कोरोना काल में अपनी जान की बाज़ी लगा देने वाले डॉक्टरों को वेतन भुगतान में देरी को लेकर जूझना पड़ा है। यह सिलसिला अब भी जारी है। चेन्नई के डॉक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला जिसकी वजह से उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License