NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सपा के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर रामपुर की सीमाएं सील, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान पर बरेली, पीलीभीत, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गुरुवार सुबह रामपुर पहुंचने को कहा गया है, ताकि विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और उनके पिता आजम खान पर फर्जी मुकदमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा सके । 
भाषा
01 Aug 2019
Rampur
फोटो साभार:अमर उजाला

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं के रामपुर कूच करने के आह्वान के मद्देनजर गुरुवार को जिले की सीमाएं सील कर दी गईं हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। 

 रामपुर के जिलाधिकारी एके सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया ''हमने शहर में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये उचित इतंजाम किये हैं, जिले की सीमायें सील कर दी गयी हैं। शहर में कांवण यात्रा और ईद उल अजहा :बकरीद: को देखते हुये दफा 144 पहले से लगी है । किसी को भी शहर में एकत्र होने की इजाजत नहीं दी जायेंगी ।''

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान पर बरेली, पीलीभीत, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गुरुवार सुबह रामपुर पहुंचने को कहा गया है, ताकि विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और उनके पिता आजम खान पर फर्जी मुकदमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा सके । 

मौलाना मोहम्मद अली जौहर विवि पर छापा मारे जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि ''सबूतों के आधार पर जो कार्रवाई की जानी चाहियें वह की जा रही है, इसे राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं है। ''

रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने बताया कि पूरे शहर में गहन जांच पड़ताल का काम चल रहा है और आठ सौ से अधिक पुलिस कर्मी शहर के विभिन्न इलाकों में तैनात किये गये हैं । उन्होंने कहा कि ''विरोध प्रदर्शन की कोई इजाजत नहीं है, हमारी प्राथमिकता शहर में कानून व्यवस्था बनाये रखने की है।''

गौरतलब है कि सपा सांसद आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला को रामपुर में मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में जिला प्रशासन की कार्रवाई में रुकावट डालने के आरोप में बुधवार को हिरासत में ले लिया गया था ।

इस घटना के विरोध में सपा विधान परिषद सदस्यों की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने राजभवन के द्वार के बाहर नारेबाजी की थी।

रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा ने 'भाषा' को बताया था कि सपा विधायक अब्दुल्ला को सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। 

पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने संवाददाताओं को बताया था कि जौहर विश्वविद्यालय में पुलिस की कार्रवाई के वक्त सपा विधायक अब्दुल्ला वहां मौजूद थे और उन्होंने बाधा पैदा करने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि अब्दुल्ला को शांति भंग की आशंका से हिरासत में लिया गया है। उन्हें निजी मुचलके पर रिहा करने की कार्रवाई की जा रही है।

रामपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जौहर विश्वविद्यालय में कार्रवाई के दौरान उसके पुस्तकालय से 2500 से ज्यादा चोरी की दुर्लभ किताबें बरामद हुई हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जौहर विश्वविद्यालय में प्रशासन द्वारा छापेमारी कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की जा रही है। पूर्व में मदरसा आलिया के नाम से पहचाने जाने वाले ओरिएंटल कॉलेज के प्रधानाचार्य जुबैर खान की शिकायत पर पिछली 16 जून को इस मामले में पड़ताल शुरू की गयी थी। जुबैर ने आरोप लगाया था कि उनके मदरसे से करीब 9000 किताबें चोरी करके उन्हें जौहर विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में रख लिया गया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक 50 डिब्बों में भरी 2500 दुर्लभ किताबें बरामद की जा चुकी हैं। इन सभी पर मदरसा आलिया की मुहर लगी है।

रामपुर से सपा सांसद आजम खां जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक और चांसलर हैं।

SAMAJWADI PARTY
Rampur
AKHILESH YADAV
UttarPradesh
Abdullah Azam Khan
Protests

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License