NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
श्री लंका
श्रीलंका : संसद में राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित
कोलंबो टेलीग्राफ की रपट के मुताबिक, संसद अध्यक्ष कारू जयसूर्या ने कहा कि 225 सदस्यीय सदन ने बहुमत से पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया। राजपक्षे को रानिल विक्रमसिंघे की जगह अक्टूबर में प्रधानमंत्री बनाया गया था।
आईएएनएस
14 Nov 2018
mahinda-rajapakse
Image Courtesy: ndtv

श्रीलंका की संसद ने बुधवार को नए प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और विवादित रूप से नियुक्त उनकी सरकार के खिलाफ एक अविश्वास प्रस्ताव पारित किया। संसद ने यह प्रस्ताव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति के संसद भंग करने के निर्णय पर रोक लगाने के एक दिन बाद पारित किया है।

कोलंबो टेलीग्राफ की रपट के मुताबिक, संसद अध्यक्ष कारू जयसूर्या ने कहा कि 225 सदस्यीय सदन ने बहुमत से पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन किया। राजपक्षे को रानिल विक्रमसिंघे की जगह अक्टूबर में प्रधानमंत्री बनाया गया था।

राजपक्षे व उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जनता विमुक्ति पेरमुना (जेवीपी) के सांसद अनुरा कुमारा दिसानायका ने प्रस्तुत किया और इसका जेवीपी सांसद विजेता हेराथ ने समर्थन किया।

विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी), जेवीपी, मुख्य विपक्ष तमिल नेशनल अलायंस, तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस, श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस व ऑल केलोन मक्कल कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।

राजपक्षे की पार्टी के सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के दौरान विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें सदन छोड़कर जाने के लिए मजबूर किया। हंगामे के बीच संसद को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सदन के स्थगन के बाद सांसदों ने मतदान के परिणाम को लेकर विरोधाभासी दावे किए।

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की अगुवाई वाले यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम अलायंस (यूपीएफए) ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

दैनिक समाचार पत्र के अनुसार, राजपक्षे के खिलाफ 122 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। 

आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने एक विशेष राजपत्र अधिसूचना पर हस्ताक्षर कर संसद को भंग कर दिया था और संसदीय चुनाव के लिए पांच जनवरी 2019 की तारीख घोषित की थी। लेकिन श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के इस फैसले पर रोक लगाते हुए संसद को बहाल कर दिया था।

Sri Lanka
Sri Lankas political crisis
Rajpakshe
Mahinda Rajapakse
Vikramsinghe
sirisena

Related Stories

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 

कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई

श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता


बाकी खबरें

  • CM YOGI
    श्याम मीरा सिंह
    मथुरा में डेंगू से मरती जनता, और बांसुरी बजाते योगी!
    04 Sep 2021
    मथुरा के हर गांव की हालत ऐसी है कि प्रत्येक गांव में डेंगू के मरीज निकल आएंगे, मथुरा के फरह ब्लॉक में स्थित कोह गांव में अभी तक 11 लोगों ने डेंगू और वायरल फीवर से अपनी जान गंवा दी। इसी तरह गोवर्धन…
  • गुजरात के एक जिले में गन्ना मज़दूर कर्ज़ के भंवर में बुरी तरह फंसे
    दमयन्ती धर
    गुजरात के एक जिले में गन्ना मज़दूर कर्ज़ के भंवर में बुरी तरह फंसे
    04 Sep 2021
    डांग जिले के गन्ना कटाई के काम से जुड़े श्रमिकों को न तो मिल-मालिकों द्वारा ही श्रमिकों के तौर पर मान्यता प्रदान की गई है और न ही उन्हें खेतिहर मजदूर के बतौर मान्यता दी गई है।
  • क्या अफ़गानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता देना भारत के हित में है? 
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या अफ़गानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता देना भारत के हित में है? 
    04 Sep 2021
    इस बात की संभावना जताई जा रही है कि तालिबान के नेतृत्व में बनने वाली सरकार एक समावेशी गठबंधन की सरकार होगी। अब तक की मिली रिपोर्टों के अनुसार इस संबंध में शुक्रवार को काबुल में घोषणा होने की उम्मीद…
  • दिल्ली दंगे: गिरफ़्तारी से लेकर जांच तक दिल्ली पुलिस लगातार कठघरे में
    मुकुंद झा
    दिल्ली दंगे: गिरफ़्तारी से लेकर जांच तक दिल्ली पुलिस लगातार कठघरे में
    04 Sep 2021
    यह कोई पहली बार नहीं है जब पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
  • किसान महापंचायत के लिए एकजुटता। 5 सितंबर की महापंचायत के लिए किसान-मज़दूर पिछले काफी दिनों से लगातार छोटी-छोटी पंचायतें कर रहे हैं। मुज़फ़्फ़रनगर के सरनावली गांव में 23 अगस्त को हुई पंचायत का दृश्य। 
    लाल बहादुर सिंह
    मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : जनउभार और राजनैतिक हस्तक्षेप की दिशा में किसान आंदोलन की लम्बी छलांग
    04 Sep 2021
    किसान आंदोलन देश में नीतिगत बदलाव की लड़ाई के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय संस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License