NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार Vs सीबीआई : आलोक वर्मा का इस्तीफा, राव ने काम संभाला, अस्थाना को कोर्ट का झटका
गुरुवार को सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उधर अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव ने फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को दिल्ली उच्च न्यायालय से झटका मिला है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर

सीबीआई को लेकर बड़ी तेज़ी से घटनाक्रम बदल रहा है। गुरुवार को सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उधर अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव ने फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को दिल्ली उच्च न्यायालय से झटका मिला है और उनकी वह याचिका खारिज हो गई है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। 
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 8 जनवरी को सीबीआई के निदेशक के रूप में आलोक वर्मा को बहाल कर दिया था। हालांकि उनके द्वारा नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगा दी थी। आलोक वर्मा 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ टकराव सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय सतकर्ता आयोग (सीवीसी) के हवाले से 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया था। 
सुप्रीम कोर्ट से बहाली के तुरंत बाद आलोक वर्मा एक्शन में आ गए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने उन्हें पद से हटा दिया और अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड्स के महानिदेशक के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई। लेकिन वर्मा ने इसे स्वीकार नहीं किया और आज शुक्रवार को अपनी नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा सरकार को भेज दिया है।
वर्मा ने कार्मिक सचिव चंद्रमौली सी. को लिखे एक पत्र में कहा, "अधोहस्ताक्षरी पहले ही 31 जुलाई, 2017 को सेवानिवृत्त हो चुका था और सिर्फ सीबीआई निदेशक के तौर पर 31 जनवरी, 2019 तक सरकार की सेवा में रहने वाला था।"

उन्होंने कहा, "अधोहस्ताक्षरी अब सीबीआई निदेशक नहीं है और वह अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड की सेवानिवृत्त उम्र पहले ही पार कर चुका है। इसके अनुसार, अधोहस्ताक्षरी को आज से सेवानिवृत्त समझा जाए।"

वर्मा का सीबीआई प्रमुख के रूप में दो साल का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने वाला था।

वर्मा को उच्चस्तरीय चयन समिति ने 2-1 के फैसले से गुरुवार शाम को उनके पद से हटा दिया था। इस समिति के सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई द्वारा नामित न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी शामिल थे।

इस बैठक में न्यायमूर्ति सीकरी ने केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) के निष्कर्षो के आधार पर सरकार का पक्ष लिया कि आलोक वर्मा को पद से हाटाया जाना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहुमत के फैसले का विरोध किया। उन्होंने फैसले से असहमति जाहिर की।

मेरे खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे : वर्मा 

इस्तीफे से पहले आलोक वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे और अप्रमाणित हैं।
विशेष निदेशक राकेश अस्थाना द्वारा लगाए गए अरोपों का जिक्र करते हुए आलोक वर्मा ने कहा, "यह दुखद है कि मेरे विरोधी सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा लगाए गए झूठे, अप्रमाणित, हल्के आरोपों के आधार पर मेरा तबादला कर दिया गया।"
आलोक वर्मा ने गुरुवार रात कहा, "मैंने संस्था की अखंडता बनाए रखने की कोशिश की।"
उन्होंने कहा कि सीबीआई भ्रष्टाचार से निपटने वाली एक प्रमुख जांच एजेंसी है, एक ऐसी संस्था है जिसकी स्वतंत्रता को संरक्षित और सुरक्षित किया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा, "इसे बिना किसी बाहरी प्रभावों यानी दखलअंदाजी के कार्य करना चाहिए। मैंने संस्था की साख बनाए रखने की कोशिश की है, जबकि इसे नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।"

उन्होंने सरकार व सीवीसी के 23 अक्टूबर के आदेशों का जिक्र करते हुए कहा, "इसे केंद्र सरकार और सीवीसी के 23 अक्टूबर, 2018 के आदेशों में देखा जा सकता है जो बिना किसी अधिकार क्षेत्र के दिए गए थे।"

राव ने पदभार संभाला

उधर निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार दे दिया गया। वर्ष 1986 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी राव ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के अनुरूप कार्यभार संभाल लिया। 

राकेश अस्थाना को हाईकोर्ट से झटका

इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। 

न्यायमूर्ति नाजिमी वजीरी ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अस्थाना के खिलाफ जांच जारी रखे।

(इनपुट आईएएनएस)

CBI
cbi vs cbi
govt vs cbi
सरकार Vs सीबीआई
alok verma
special director Rakesh Asthana
G Nageswara Rao
Narendra modi
modi sarkar
CVC
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल


बाकी खबरें

  • शलका चौहान
    कैसे जहांगीरपुरी हिंसा ने मुस्लिम रेहड़ी वालों को प्रभावित किया
    04 May 2022
    महामारी और उसके बाद लगाए गए लॉकडाउन ने मुस्लिम रेहड़ी वालों की आर्थिक गतिविधियों का काफ़ी कम कर दिया है, अब सांप्रदायिक नफ़रत ने उनके ख़िलाफ़ हमले और भेदभाव की घटनाओं में भी इज़ाफ़ा किया है।
  • loudspeaker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े
    04 May 2022
    हिजाब, बुलडोज़र की राजनीति के बाद एक बार फिर देश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए लाउडस्पीकर का हथकंडा अपनाया जा रहा है। जिन राज्यों में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उन्हें…
  • NEP
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कूलों की तरह ही न हो जाए सरकारी विश्वविद्यालयों का हश्र, यही डर है !- सतीश देशपांडे
    04 May 2022
    नई शिक्षा नीति देश में हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय जैसे संस्थान स्थापित करने की वकालत करती है लेकिन शिक्षाविद ऐसे प्रस्तावों को लेकर आश्वस्त नहीं है. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर सतीश देशपांडे मानते…
  • unemployment
    मुरली कृष्णन
    क्या भारत महामारी के बाद के रोज़गार संकट का सामना कर रहा है?
    04 May 2022
    भारत का रोजगार बाजार लगातार संकुचित होता जा रहा है, और कुशल कामगारों के लिए कार्यबल में प्रवेश कर पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। सरकार की ओर से की जाने वाली नौकरी की मुहिम और अनौपचारिक…
  • Cuba
    पीपल्स डिस्पैच
    क्यूबा में नाकाबंदी ख़त्म करने की मांग को लेकर उत्तरी अमेरिका के 100 युवाओं का मार्च
    04 May 2022
    "भविष्य निर्माण करो, नाकाबंदी खत्म करो!"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License