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राजनीति
सरकार Vs सीबीआई : आलोक वर्मा का इस्तीफा, राव ने काम संभाला, अस्थाना को कोर्ट का झटका
गुरुवार को सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उधर अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव ने फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को दिल्ली उच्च न्यायालय से झटका मिला है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर

सीबीआई को लेकर बड़ी तेज़ी से घटनाक्रम बदल रहा है। गुरुवार को सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उधर अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव ने फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को दिल्ली उच्च न्यायालय से झटका मिला है और उनकी वह याचिका खारिज हो गई है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। 
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 8 जनवरी को सीबीआई के निदेशक के रूप में आलोक वर्मा को बहाल कर दिया था। हालांकि उनके द्वारा नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगा दी थी। आलोक वर्मा 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ टकराव सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय सतकर्ता आयोग (सीवीसी) के हवाले से 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया था। 
सुप्रीम कोर्ट से बहाली के तुरंत बाद आलोक वर्मा एक्शन में आ गए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने उन्हें पद से हटा दिया और अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड्स के महानिदेशक के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई। लेकिन वर्मा ने इसे स्वीकार नहीं किया और आज शुक्रवार को अपनी नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा सरकार को भेज दिया है।
वर्मा ने कार्मिक सचिव चंद्रमौली सी. को लिखे एक पत्र में कहा, "अधोहस्ताक्षरी पहले ही 31 जुलाई, 2017 को सेवानिवृत्त हो चुका था और सिर्फ सीबीआई निदेशक के तौर पर 31 जनवरी, 2019 तक सरकार की सेवा में रहने वाला था।"

उन्होंने कहा, "अधोहस्ताक्षरी अब सीबीआई निदेशक नहीं है और वह अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड की सेवानिवृत्त उम्र पहले ही पार कर चुका है। इसके अनुसार, अधोहस्ताक्षरी को आज से सेवानिवृत्त समझा जाए।"

वर्मा का सीबीआई प्रमुख के रूप में दो साल का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने वाला था।

वर्मा को उच्चस्तरीय चयन समिति ने 2-1 के फैसले से गुरुवार शाम को उनके पद से हटा दिया था। इस समिति के सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई द्वारा नामित न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी शामिल थे।

इस बैठक में न्यायमूर्ति सीकरी ने केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) के निष्कर्षो के आधार पर सरकार का पक्ष लिया कि आलोक वर्मा को पद से हाटाया जाना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहुमत के फैसले का विरोध किया। उन्होंने फैसले से असहमति जाहिर की।

मेरे खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे : वर्मा 

इस्तीफे से पहले आलोक वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे और अप्रमाणित हैं।
विशेष निदेशक राकेश अस्थाना द्वारा लगाए गए अरोपों का जिक्र करते हुए आलोक वर्मा ने कहा, "यह दुखद है कि मेरे विरोधी सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा लगाए गए झूठे, अप्रमाणित, हल्के आरोपों के आधार पर मेरा तबादला कर दिया गया।"
आलोक वर्मा ने गुरुवार रात कहा, "मैंने संस्था की अखंडता बनाए रखने की कोशिश की।"
उन्होंने कहा कि सीबीआई भ्रष्टाचार से निपटने वाली एक प्रमुख जांच एजेंसी है, एक ऐसी संस्था है जिसकी स्वतंत्रता को संरक्षित और सुरक्षित किया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा, "इसे बिना किसी बाहरी प्रभावों यानी दखलअंदाजी के कार्य करना चाहिए। मैंने संस्था की साख बनाए रखने की कोशिश की है, जबकि इसे नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।"

उन्होंने सरकार व सीवीसी के 23 अक्टूबर के आदेशों का जिक्र करते हुए कहा, "इसे केंद्र सरकार और सीवीसी के 23 अक्टूबर, 2018 के आदेशों में देखा जा सकता है जो बिना किसी अधिकार क्षेत्र के दिए गए थे।"

राव ने पदभार संभाला

उधर निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को फिर से सीबीआई निदेशक का कार्यभार दे दिया गया। वर्ष 1986 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी राव ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के अनुरूप कार्यभार संभाल लिया। 

राकेश अस्थाना को हाईकोर्ट से झटका

इसके अलावा सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। 

न्यायमूर्ति नाजिमी वजीरी ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह अस्थाना के खिलाफ जांच जारी रखे।

(इनपुट आईएएनएस)

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