NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने माकपा नेता तारिगामी को श्रीनगर से एम्स स्थानांतरित करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले माकपा नेता सीताराम येचुरी को अपनी पार्टी के बीमार चल रहे सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तारिगामी से मिलने के लिए जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी थी।
भाषा
05 Sep 2019
SC

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बीमार चल रहे माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराने का आदेश दिया। तारिगामी श्रीनगर में अपने घर में नजरबंद हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह पूर्व माकपा विधायक तारिगामी को यहां एम्स में स्थानांतरित करने के पक्ष में है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने पीठ को बताया कि अगर तारिगामी को बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

येचुरी ने शीर्ष अदालत से कहा, ‘हम बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पूर्व विधायक की नजरबंदी को चुनौती देने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखना चाहते हैं।’

न्यायालय ने इससे पहले येचुरी को अपनी पार्टी के बीमार चल रहे सहयोगी तारिगामी से मिलने के लिए जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी थी। उसने केंद्र के इस दावे को खारिज कर दिया था कि इससे राज्य में ‘स्थिति को खतरा’ हो सकता है। 

न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि येचुरी को सिर्फ अपने सहयोगी से मुलाकात के लिये जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी गयी थी। इस बीच, तारिगामी को बेहतर इलाज के लिये दिल्ली स्थित एम्स में स्थानांतरित करने के लिये दाखिल अंतरिम अर्जी की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया गया था।

येचुरी ने न्यायालय में एक याचिका दायर कर तारिगामी को पेश करने की मांग की। तारिगामी जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से नजरबंद हैं।

महबूबा मुफ्ती की बेटी को कश्मीर में उनसे मुलाकात की इजाजत मिली

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी को कश्मीर में उनसे मिलने की इजाजत दे दी जहां अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने के बाद से वह नजरबंद हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को उनसे मिलने की इजाजत दे दी। इल्तिजा ने न्यायालय में कहा था कि उन्हें श्रीनगर आवास पर जाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन वहां उन्हें निर्बाध आवागमन करने नहीं दिया गया।

याचिका में इल्तिजा ने कहा कि वह अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है क्योंकि उन्होंने उनसे एक महीने से मुलाकात नहीं की है।

Supreme Court
CPM
Article 370
mehbooba mufti
Sitaram yechury
yousuf tarigami
Jammu and Kashmir

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?


बाकी खबरें

  • मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    पावेल कुस्सा
    मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    08 Jan 2022
    इस सारी बहस में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के तकनीकी नुक्तों के अलग-अलग पहलुओं पर जवावदेही तय करने का अपना स्थान है। पर यह लोगों के रोष प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार से ऊपर नहीं है। देश के…
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है कोरोना, 24 घंटों में 1,41,986 नए मामले
    08 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.34 फ़ीसदी यानी 4 लाख 72 हज़ार 169 हो गयी है।
  • rasoi
    सेजल पटेल, स्नेहा रिछारिया
    बाल विवाह विधेयक: ग़ैर-बराबरी जब एक आदर्श बन जाती है, क़ानून तब निरर्थक हो जाते हैं!
    08 Jan 2022
    बाल विवाह के ख़िलाफ़ क़ानूनों की व्यर्थता पर भारतीय ग्रामीण महिलाओं का एक लेखा-जोखा।
  • Escalating Violence in Kazakhstan and Increasing Spread of Omicron
    न्यूज़क्लिक टीम
    कज़ाकिस्तान में हिंसा और कूटनीतिक दांव और ओमिक्रोन का ख़तरनाक फैलाव
    07 Jan 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने सेंट्रल एशिया के अहम देश कज़ाकिस्तान में फैली हिंसा और गहराती कूटनीति पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकास्यथ से बातचीत की। साथ ही दुनिया…
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ 8 % महिलाओं के पास है रोज़गार
    07 Jan 2022
    भारत में 15 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं में सिर्फ 8 % के पास रोज़गार है। हालांकि कुछ लोगो का मानना है कि जैसे जैसे देश में निम्न वर्ग के पास पैसे आ रहे हैं , वहां महिलाओं को काम करने की जरुरत नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License