NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
चिन्मयानंद केस: पीड़िता से नहीं मिलने दिए जाने पर सपा नेताओं का जेल गेट पर धरना
स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में पीड़िता विधि छात्रा को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Sep 2019
chinmayanand case
Image courtesy:India Today

शाहजहांपुर: स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद विधि छात्रा से शुक्रवार को मिलने आई समाजवादी पार्टी की महिला प्रतिनिधिमंडल को जेल प्रशासन ने मुलाकात की इजाजत नहीं दी। मुलाकात से इंकार किये जाने पर नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने जेल के सामने ही धरना दिया।

जेल अधीक्षक का सपा प्रतिनिधिमंडल से कहना था कि हमें ऊपर से आदेश नहीं है कि आप लोगों को मिलवाया जाए। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर रिचा सिंह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं सपा प्रवक्ता तथा नाहिद लारी खान के नेतृत्व में पांच महिला पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल यहां जेल में बंद पीड़िता से मिलने सुबह आया था।

रिचा सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन ने मुलाकात नहीं करायी। मुलाकात नहीं करने देने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने जेल रोड पर कई घंटे नारेबाजी की तथा वहीं रोड पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद सपा महिला प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता के घर जाकर उसके परिजनों से मुलाकात की।

शहर के एक होटल में प्रेस वार्ता में रिचा सिंह ने कहा कि कल एडवा की सदस्य पीड़िता से मिलने आई थी तो जेल प्रशासन ने उन्हें पीड़िता से मिलवाया परंतु समाजवादी पार्टी के महिला प्रतिनिधिमंडल को पीड़िता से नहीं मिलने दिया गया और जेल अधीक्षक ने उनसे कहा कि हमें ऊपर से आदेश है कि हम आपकी मुलाकात नहीं करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे शाहजहांपुर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर खान की ओर से प्रतिनिधिमंडल के पांचों सदस्यों के आधार कार्ड सहित शुक्रवार सुबह ही पीड़िता से मुलाकात की पर्ची लगवा दी गई थी।
richa_0.jpg
रिचा ने आरोप लगाया कि एसआईटी ने पीड़िता से जबरन धमकाकर उसका बयान लिखवाया और बाद में प्रेस कान्फ्रेंस में यह कह दिया कि पीड़िता ने रंगदारी मांगने की बात स्वीकार कर ली है।उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा कहां गया।

रिचा ने कहा कि इस सरकार में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण उन्नाव के कुलदीप सेंगर का है, जो समाजवादी पार्टी ने उठाया तब न्याय मिल पाया और सरकार की बचाव नीति खत्म हुई। वहीं समाजवादी पार्टी के कारण ही चिन्मयानंद गिरफ्तार किए गए हैं।

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता नाहिद लारी खान ने कहा कि सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चिन्मयानंद का वायरल वीडियो जब पत्रकारों को एलईडी पर दिखाया तो दूसरे दिन ही चिन्मयानंद को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहती है कि चिन्मयानंद ने सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं। केवल बलात्कार का आरोप स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में तो अब क्या भाजपा सरकार में अपराधियों से पूछकर ही धाराएं लगाई जाएंगी। चिन्मयानंद के मामले में यही किया गया है।

नाहिद ने कहा कि चिन्मयानंद मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के साथ फोटो खिंचवाते हैं और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं इसलिए इस ताकतवर आदमी का भाजपा की सरकार पूरा बचाव कर रही है।

सपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यहां आए हैं और पीडिता के परिवार वालों से मिलकर पूरी जानकारी इकट्ठा की है। वह रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़िता के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद मामले में 'दोहरी राजनीति' करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बलात्कार के आरोपों में घिरे चिन्मयानंद के मामले में प्रदेश सरकार दोहरी राजनीति कर रही है। उन पर इल्जाम लगाने वाली लड़की पर जब रंगदारी मांगने का मामला बना तो उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया लेकिन जब पूर्व गृह राज्यमंत्री पर बलात्कार का आरोप लगा तो उन पर धारा 376 के बजाय 376 सी जैसी हल्की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

सुप्रिया ने कहा कि धारा 376 और 376 सी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि चिन्मयानन्द आज एसजीपीजीआई लखनऊ में इलाज कराने के नाम पर वातानुकूलित कमरे में आराम कर रहे हैं और पीड़िता को तथाकथित मौखिक बयान के आधार पर वसूली के आरोप में जेल में निरूद्ध कर दिया गया है। यानी आरोपी बाहर और पीड़िता जेल में।

उन्होंने कहा कि बलात्कार पीड़िता द्वारा न्याय की गुहार लगाये जाने और 40 से अधिक वीडियो एसआईटी को सौंपने के बाद भी चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार की धाराओं में मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। अब प्रश्न यह है कि जब तक चिन्मयानन्द पर बलात्कार का आरोप नहीं लगा तब तक छात्रा के खिलाफ रंगदारी वसूली का मामला क्यों नहीं उठाया गया?

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चिन्मयानंद के खिलाफ 2011 में एक अन्य लड़की से बलात्कार का मामला दर्ज था। योगी सरकार ने वह मुकदमा वापस लेने की कोशिश थी, लेकिन अदालत ने मना कर दिया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

swami chinmyanand
Shahjahapur
yogi sarkar
BJP
Congress
SP
Yogi Adityanath
AKHILESH YADAV
Protest against BJP leader

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • एक ट्रांसजेंडर महिला की मौत और लिंग पुनर्निधारण सर्जरी में सुधार करने की जरूरत
    प्रशांत पद्मनाभन
    एक ट्रांसजेंडर महिला की मौत और लिंग पुनर्निधारण सर्जरी में सुधार करने की जरूरत
    02 Aug 2021
    टीजी (ट्रांसजेंडर) अधिनियम की धारा 15 संबंधित सरकारों को ट्रांसजेंडर समुदाय को अलग-अलग तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश देती है।
  • बाबुल सुप्रियो
    सोनिया यादव
    आख़िर क्यों बीजेपी के लिए इतने ख़ास हैं बाबुल सुप्रियो, जो अब गले की फांस बन गए हैं!
    02 Aug 2021
    माना जा रहा है कि अगर सुप्रियो लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं तो बीजेपी को राज्य में उपचुनाव का सामना करना पड़ सकता है, जो फिलहाल बीजेपी बिल्कुल नहीं चाहती।
  • मूंग किसान मुश्किल में: एमपी में 12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के मुकाबले नाममात्र की ख़रीद
    रूबी सरकार
    मूंग किसान मुश्किल में: एमपी में 12 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के मुकाबले नाममात्र की ख़रीद
    02 Aug 2021
    मध्य प्रदेश में 12 लाख मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन हुआ है, लेकिन सरकार ख़रीद रही एक लाख, 34 हज़ार मीट्रिक टन, बाक़ी मूंग लेकर किसान कहां जाएं! ऊपर से बरसात शुरू होने से संकट हो गया है।
  • बिजली (संशोधन) विधेयक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर 3 अगस्त से धरना देंगे कर्मचारी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली (संशोधन) विधेयक के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर 3 अगस्त से धरना देंगे कर्मचारी
    02 Aug 2021
    "सत्याग्रह कार्यक्रम के बाद अगले कदम के रूप में 10 अगस्त को देशभर के 15 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियर एक दिन हड़ताल करेंगे। अगर केंद्र सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए कोई एक तरफा कार्यवाही करती…
  • एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी
    पीपल्स डिस्पैच
    एविक्शन मोरेटोरियम पारित करने में कांग्रेस की विफलता के बाद अमेरिका में नाराज़गी
    02 Aug 2021
    प्रगतिशील लोगों का कहना है कि कांग्रेस ये क़ानून पारित करने में विफल रहा क्योंकि बाइडेन प्रशासन अंतिम समय तक कांग्रेस को सूचित करने में विफल रहा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License