NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कानून
भारत
राजनीति
पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Jan 2022
पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में कथित चूक के मामले में जांच के लिए बुधवार को पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।

पीठ ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिरीक्षक, चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब के अतिरिक्त डीजीपी (सुरक्षा) को समिति का सदस्य नियुक्त किया।

शीर्ष अदालत ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वह पंजाब सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के पांच जनवरी के दौरे के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी जब्त दस्तावेज समिति प्रमुख को तुरंत उपलब्ध कराएं।

पीठ ने कहा कि यह समिति ‘‘जल्द से जल्द’’ अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त समिति इन बिंदुओं की जांच करेगी कि सुरक्षा उल्लंघन के लिए कौन कौन जिम्मेदार हैं और किस हद तक, उपचारात्मक उपाय आवश्यक हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो समिति यह सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक पदाधिकारियों की सुरक्षा पर सुझाव देगी।

फिरोजपुर में पांच जनवरी को प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्ग अवरुद्ध करने के कारण प्रधानमंत्री का काफिला फ्लाईओवर पर फंस गया था, जिसके बाद वह एक रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से लौट आए।

शीर्ष अदालत ने 10 जनवरी को मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और कहा था कि वह सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करेगा। न्यायालय ने केंद्र और राज्य की समितियों द्वारा समानांतर जांच पर भी रोक लगा दी थी।

शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगठन ‘लॉयर्स वॉयस’ की याचिका पर यह आदेश दिया। इस संगठन ने पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगने की पूरी जांच के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में दोबारा ऐसी कोई घटना न हो।

पीठ ने पंजाब सरकार की चिंताओं पर भी गौर किया था कि उसके अधिकारियों की केंद्र सरकार के पैनल द्वारा बिना किसी कार्यवाही के निंदा की जा रही है और आदेश दिया कि ‘‘सभी जांच बंद होनी चाहिए।’’

केंद्र ने कारण बताओ नोटिस जारी करने को उचित ठहराते हुए कहा था कि वे प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में राज्य पुलिस की भूमिका को लेकर ‘वैधानिक योजनाओं के गैर-अनुपालन’’ पर आधारित थे। ‘लॉयर्स वॉयस’ के उपाध्यक्ष बिजन कुमार सिंह की इस याचिका में इस घटना को ‘‘प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की पूर्व-नियोजित साजिश’’ करार दिया गया।

वकील संदीप सिंह के माध्यम से दायर याचिका में अनुरोध किया गया है, ‘‘देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा और आवाजाही के संबंध में प्रतिवादी संख्या 1, 2 और 3 (राज्य सरकार, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से गंभीर और जानबूझकर की गई चूक का संज्ञान लिया जाए।’’

याचिका में जिला न्यायाधीश, बठिंडा को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह यात्रा के संबंध में पंजाब पुलिस की गतिविधियों और तैनाती से संबंधित ‘‘सभी संभावित स्रोतों से सभी आधिकारिक दस्तावेज और सामग्री’’ जल्द से जल्द एकत्र करें और उन्हें शीर्ष अदालत के सामने पेश करें। इसके अलावा, याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

याचिका में अनुरोध किया गया है, ‘‘एक रिट जारी की जाए... या प्रतिवादी नंबर 2 और प्रतिवादी नंबर 3 (मुख्य सचिव और डीजीपी) की जिम्मेदारी तय करने एवं उनके निलंबन का निर्देश दिया जाए...।’’ याचिका में अदालत से मामले का संज्ञान लेने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं की जाए और इसे जल्द से जल्द पेश किया जाए।

इसके अनुसार, ‘‘याचिकाकर्ता... उक्त घटना के जरिए एक महत्वपूर्ण सवाल उठाने की कोशिश कर रहा है कि अगर देश के प्रधानमंत्री ऐसी स्थिति का सामना कर सकते हैं, तो संविधान के तहत मिले नागरिकों के मौलिक अधिकार पंजाब और देश में कहीं और गंभीर संकट में हैं।’’

आपको बता दें कि पंजाब के फिरोजपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कथित चूक के मामले को लेकर काफी राजनीति हो रही है। आपको मालूम ही है कि पंजाब में 14 जनवरी को विधानसभा चुनाव में वोट डाले जाएंगे। जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य की अलग-अलग जांच को रोकते हुए एक जांच कमेटी बनाकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और सार्थक हस्तक्षेप किया है।

आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी कांड में भी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही हो सकी थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)
 

PM security lapse case
Supreme Court
punjab

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ

राज्यपाल प्रतीकात्मक है, राज्य सरकार वास्तविकता है: उच्चतम न्यायालय

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट: घोर अंधकार में रौशनी की किरण

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश

क्या लिव-इन संबंधों पर न्यायिक स्पष्टता की कमी है?

उच्चतम न्यायालय में चार अप्रैल से प्रत्यक्ष रूप से होगी सुनवाई


बाकी खबरें

  • Adityanath and Yogi
    सुबोध वर्मा
    कितना प्रभावी है यूपी का 'डबल इंजन'? 
    27 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख आर्थिक संकेतक इस दावे को झूठा साबित करते हैं कि मोदी-योगी का 'डबल इंजन' शासन का मॉडल लोगों के लिए अच्छा है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,531 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 500 के पार पहुंचे 
    27 Dec 2021
    देश में ओमीक्रॉन का ख़तरा लगातार बढ़ता ही जा रहे है। ओमीक्रॉन देश के अब तक 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में फ़ैल चुका है, और कुल मामलों की संख्या बढ़कर 578 हो गयी है |
  • Narendra Singh Tomar
    अफ़ज़ल इमाम
    तोमर का बयान- एक तीर से दो निशाने !
    27 Dec 2021
    सूत्रों का मानना है कि किसानों की नई नवेली पार्टियों को मुद्दा थमाने के लिए तोमर ने यह बयान दिया है, ताकि इन दोनों राज्यों में उन्हें सक्रिय होने और जन समर्थन हासिल करने का मौका मिल सके।
  • Jammu and Kashmir
    द लीफलेट
    मुद्दा: जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग का प्रस्ताव आख़िर क्यों है विवादास्पद
    27 Dec 2021
    जहां जम्मू को छह नयी विधानसभा सीटें मिलेंगी,वहीं कश्मीर को महज़ एक और अतिरिक्त सीट से संतोष करना होगा।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी में दलित राजनीति और रिज़र्व सीटों का गणित
    26 Dec 2021
    चुनाव चक्र में इस बार हम बात कर रहे हैं यूपी की राजनीति में दलितों के महत्व की...दलितों के लिए रिज़र्व सीटों की। इन चुनावों में दलितों यानी अनुसूचित जाति-जनजाति का क्या रोल रहने वाला है, इसी पर ख़ास…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License