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भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट के सुदर्शन-फ़ैसले से नहीं बदलेगा मीडिया!
आखिर न्यूज़ चैनल ऐसा क्यों हो गये हैं? इसकी जड़े व्यापार में हैं या राजनीति में? सेल्फ़-रेगुलेशन क्यों विफल रहा है, क्या इसके लिए सन् 2013 में  संसदीय समिति द्वारा प्रस्तावित 'मीडिया कौंसिल' एक बेहतर विकल्प है? वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण:
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
17 Sep 2020

सुप्रीम कोर्ट के सुदर्शन टीवी मामले में दिये मंगलवार के महत्वपूर्ण फैसले से संवैधानिकता की तो रक्षा हुई पर इससे ज्यादातर  न्यूज़ चैनलों के रवैये और नफ़रत भरा कंटेंट परोसने की उनकी आदत में भी बदलाव होगा; ऐसा नहीं लगता! आखिर न्यूज़ चैनल ऐसा क्यों हो गये हैं? इसकी जड़े व्यापार में हैं या राजनीति में? सेल्फ़-रेगुलेशन क्यों विफल रहा है, क्या इसके लिए सन् 2013 में  संसदीय समिति द्वारा प्रस्तावित 'मीडिया कौंसिल' एक बेहतर विकल्प है? वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का विश्लेषण:

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License