NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वायरस को मार सकते हैं पराबैंगनी किरणों का उत्सर्जन करने वाले एलईडी बल्ब: वैज्ञानिक
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि प्रणाली को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए, ताकि व्यक्ति प्रकाश के सीधे संपर्क में न आए क्योंकि घरों के भीतर सतहों को संक्रमणमुक्त करने के लिए यूवी-एलईडी का इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा।
भाषा
15 Dec 2020
कोरोना वायरस

न्यूयॉर्क: पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश उत्सर्जक डायोड (यूवी-एलईडी) कोरोना वायरस को तेजी से, आसानी से और किफायती तरीके से मारने में कारगर साबित हो सकते हैं।

एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

अध्ययन में कहा गया है कि इस नवोन्मेष का इस्तेमाल वातानुकूलन और जल प्रणालियों में भी किया जा सकता है।

‘जर्नल ऑफ फोटोकेमिस्ट्री एंड फोटोबॉयोलॉजी बी: बॉयोलॉजी’ में प्रकाशित अनुसंधान के तहत कोरोना वायरसों के परिवार के किसी वायरस पर यूवी-एलईडी विकिरण की विभिन्न तरंगों की रोगाणुनाशन क्षमता का आकलन किया गया।

अमेरिका स्थित ‘अमेरिकन फ्रेंड्स ऑफ तेल अवीव यूनिवर्सिटी’ के अध्ययन की सह लेखिका हदस ममने ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया कोरोना वायरस को नष्ट करने के प्रभावी समाधान ढूंढ रही है।’’

वैज्ञानिक ने कहा कि किसी बस, ट्रेन, खेल के मैदान या विमान को रासायनिक पदार्थों के छिड़काव से संक्रमणमुक्त करने में लोगों और रसायन को सतह पर काम करने के लिए समय की आवश्यकता होती है।

ममने ने कहा, ‘‘एलईडी बल्बों पर आधारित संक्रमणमुक्त करने की प्रणालियां वायु-संचरण प्रणाली एवं एयर कंडिशनर में लगाई जा सकती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पाया कि पराबैंगनी किरणें उत्सर्जित करने वाले एलईडी बल्बों की मदद से कोरोना वायरस को मारना बहुत आसान है। मैंने सस्ते और आसानी से उपलब्ध एलईडी बल्बों की मदद से वायरस को मारा।’’

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि प्रणाली को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए, ताकि व्यक्ति प्रकाश के सीधे संपर्क में न आए क्योंकि घरों के भीतर सतहों को संक्रमणमुक्त करने के लिए यूवी-एलईडी का इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा।

COVID-19
Coronavirus
Ultraviolet rays
LED Bulb

Related Stories

जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में

कोरोना वायरस वेरिएंट : एंटीबॉडी न होने पर भी सक्षम है टी सेल इम्यूनिटी

SARS-CoV-2 के क़रीबी वायरस लाओस में पाए गए

वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़

समझें: क्या हैं कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट

कोविड-19: क्या टीकाकरण के बाद भी अंग-प्रत्यारोपित कराए मरीज़ों के दोबारा संक्रमित होने का ख़तरा सबसे अधिक है?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से अब तक 4 लाख से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई

सार्स-सीओवी-2 का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट और उससे चिंता के कारण

क्या कहते हैं कोरोना वायरस पर हुए नए अध्ययन?

पीएम का यू-टर्न स्वागत योग्य, लेकिन भारत का वैक्सीन संकट अब भी बरकरार है


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    चिंता: कोरोना ने फिर रफ़्तार पकड़ी, देश में 24 घंटों में 2 लाख के क़रीब नए मामले
    12 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,94,443 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 70 हज़ार 233 हो गयी है।
  • Maurya
    मुकुल सरल
    स्वामी प्रसाद मौर्य का जाना: ...फ़र्क़ साफ़ है
    12 Jan 2022
    यह केवल दल-बदल या अवसरवाद का मामला नहीं है, यह एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है, वो भी श्रम मंत्री ने। यह योगी सरकार की विफलता ही दिखाता है। इसका जवाब योगी जी से लिया ही जाना चाहिए।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तीसरी लहर को रोकने की कैसी तैयारी? डॉक्टर, आइसोलेशन और ऑक्सीजन बेड तो कम हुए हैं : माकपा
    12 Jan 2022
    मध्यप्रदेश में माकपा नेता के अनुसार दूसरी लहर की तुलना में डॉक्टरों की संख्या 1132 से घट कर 705 हो गई है। इसी तरह आइसोलेशन बेड की संख्या 29247 से घटकर 16527 रह गई है। इसी प्रकार ऑक्सीजन बैड भी 28,152…
  • Protest in Afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की
    12 Jan 2022
    काबुल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और क़ानून पढ़ाने वाले डॉ. जलाल तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के पिछले प्रशासन के आलोचक रहे हैं। उन्होंने महज़ सुरक्षा पर ध्यान दिये जाने की तालिबान सरकार की चिंता की…
  • bjp-rss
    कांचा इलैया शेफर्ड
    उत्तर प्रदेश चुनाव : हौसला बढ़ाते नए संकेत!
    12 Jan 2022
    ज़्यादातर शूद्र, ओबीसी, दलित और आदिवासी जनता ने आरएसएस-भाजपा के हिंदुओं को एकजुट करने के झूठे दावों को संदिग्ध नज़र से देखा है। सपा के अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस असहमति को वोट में बदलने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License