NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबियाः पुलिस की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन में कई लोग मारे गए
इस हत्या को लेकर बोगोटा और कोलंबिया के अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। नेशनल पुलिस की ओर से इन प्रदर्नशनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई की गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई।
पीपल्स डिस्पैच
10 Sep 2020
कोलंबिया

कोलंबियन ह्यूमन राइट्स डे 9 सितंबर को तड़के पुलिस अधिकारियों द्वारा 46 वर्षीय जेवियर ऑर्डोनेज की हत्या के बाद बोगोटा में लोगों का गुस्सा भड़क गया। इस घटना को ऑर्डोनेज के दोस्तों ने रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। इसको लेकर कोलंबियाई समाज के सभी वर्गों से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। 9 सितंबर की दोपहर तक बोगोटा और अन्य शहरों में लोग राज्य हिंसा और क्रूरता के नए मामले का विरोध करने को लेकर सड़कों पर उतर गए थे।

अलग-अलग इलाक़ों में लोगों ने स्थानीय पुलिस चौकियों तक मार्च निकाला और बर्तन आदि पीटने के साथ पुलिस के ख़िलाफ़ नारा लगाते हुए और न्याय की मांग करते हुए कैसेरोलेज़स में शामिल हुए। ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन पीएएसओएस की रिपोर्ट के अनुसार शहर के कई स्थानों पर नेशनल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर भी हमला किया और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से छेड़छाड़ की।

हिंसक दमन के बाद 20 से अधिक पुलिस स्टेशनों पर तोड़-फोड़ की गई और / या आग लगा दी गई और प्रदर्शनकारियों को पुलिस के हमलों से बचाने और सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए।

पीएएसओएस और ग्राउंड से रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया संगठन कोलंबिया इंफोर्मा के अनुसार हिंसक दमन से प्रदर्शनकारियों की जान चली गई है और कई लोगों को गंभीर चोटें लगी है। अपनी हालिया रिपोर्ट में पीएएसओएस ने कहा कि कम से कम तीन लोगों की मौत हो सकती है, लेकिन आगे इसकी पुष्टि की आवश्यकता है।

सोशल मूवमेंट्स और मानवाधिकार संगठनों ने मांग की है कि अधिकारी पुलिस हिंसा को रोकने के लिए कार्रवाई करें। इस दिन शुरुआत में बोगोटा के मेयर क्लाउडिया लॉपेज़ ने ऑर्डोनेज की हत्या पर खेद व्यक्त किया और न्याय के लिए संघर्ष में परिवार को सहयोग करने का वचन दिया। हालांकि कुछ घंटों के बाद उनके आदेश के तहत पुलिस सड़कों पर प्रदर्शनकारियों को बर्बरतापूर्वक मार रही थी।

इसके अलावा, एक ज़िलाव्यापी मानवाधिकार राउंड टेबल जिसे 9 सितंबर को ऑर्डोनेज़ के मामले को संबोधित करने के लिए एक साथ लाया गया था उसने निर्णय लिया कि इस मामले को अटॉर्नी जनरल ऑफिस द्वारा नहीं बल्कि मिलिट्री जस्टिस सिस्टम द्वारा देखा जाएगा। संगठनों ने पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए निष्पक्षता की कमी का हवाला देते हुए इस फैसले की निंदा की है कि जो लोग सिस्टम बनाते हैं वे सक्रिय हैं या पब्लिक फोर्स के पूर्व सदस्य हैं, जिसका मतलब है कि इस मामले के लिए कार्रवाई होने वालों पर पुलिस या सैन्य सदस्यों द्वारा न्याय किया जाएगा।

colombia
Bogotá
Claudia López
Colombian Armed Forces
Human Rights
Human rights Defenders
Javier Ordóñez
Police brutality
Police Violence
protests against police killings

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

झारखंड : हेमंत सोरेन शासन में भी पुलिस अत्याचार बदस्तूर जारी, डोमचांच में ढिबरा व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या 

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License