NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका में फ्लॉयड की बरसी पर रखा गया मौन, निकाली गईं रैलियां
जिस चौराहे पर यह घटना हुई थी वहां फ्लॉयड की याद में लोगों ने मेले और संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन किया। जर्मनी में भी एक रैली निकाली गई और ग्रीस तथा स्पेन में अमेरिका के दूतावासों में भी फ्लॉयड की याद में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
एपी
26 May 2021
George Floyd

मिनियापोलिस: गोरे पुलिस अधिकारी द्वारा गर्दन दबाए जाने से काले नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत की पहली बरसी पर मंगलवार को लोगों ने कुछ पल का मौन रखा और जिस चौराहे पर यह घटना हुई थी वहां फ्लॉयड की याद में लोगों ने मेले और संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन किया।

फ्लॉयड की बहन ब्रिगेट और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिनियापोलिस के एक पार्क में ‘‘जिंदगी का जश्न’’ कार्यक्रम में कुछ पल का मौन रखा। इस कार्यक्रम में संगीत और खाने-पीने का आयोजन भी किया गया।

जिस चौराहे पर फ्लॉयड की हत्या हुई थी वहां से कुछ मील दूर दर्जनों लोग स्टील की एक मूर्ति के सामने कुछ देर तक घुटने टेककर बैठे रहे। यह उस घटना की याद दिलाने के लिए किया जब एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने अपने घुटने से नौ मिनट 29 सेकंड तक फ्लॉयड की गर्दन को दबाये रखा था।

ब्रिगेट ने लोगों से कहा, ‘‘यह परेशान करने वाला साल था, बहुत लंबा एक साल था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुश्किल से ही सही, हमने यह साल बिताया। लोग कहते हैं कि ऊपर वाला साथ हो तो कुछ भी संभव है और मैं भगवान के इस रूप को मानती हूं... आज सभी का प्यार मिल रहा है। प्यार भी यहीं है और जॉर्ज भी यहीं है।’’

वहीं, फ्लॉयड के परिवार के अन्य सदस्यों ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मंगलवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात कर अपने प्रियजन को गंवाने का दुख जताया और नस्लवाद के खिलाफ कड़े कानून की मांग की।

न्यूयॉर्क में भी कुछ पल का मौन रखा गया और लॉस एंजिलिस में फ्लॉयड के सम्मान में रैली निकाली गयी। जर्मनी में भी एक रैली निकाली गई और ग्रीस तथा स्पेन में अमेरिका के दूतावासों में भी फ्लॉयड की याद में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मिनियापोलिस में जिस चौराहे पर फ्लॉयड की हत्या हुई थी वहां कार्यक्रम आयोजित किए जाने के कुछ घंटों बाद गोलीबारी हुई।

मीडिया में गोलियां चलने पर लोगों को बचकर भागते हुए दिखाया गया। पुलिस ने बताया कि घटना में घायल एक व्यक्ति को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है लेकिन उसके बचने की संभावना है।

घटनास्थल पर मौजूद फिलिप क्रॉथर नाम के एक पत्रकार ने बताया कि उसने करीब 30 गोलियां चलने की आवाज सुनी।

कई अन्य शहरों की तरह मिनियापोलिस भी बंदूक हिंसा के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है।

जिस चौराहे पर फ्लॉयड की मौत हुई थी, मंगलवार को वहां मेला लगा। खाना-पीना, बच्चों का खेल-कूद, मनोरंजन सबकुछ था।

न्यूयॉर्क में मेयर बिल डी ब्लासियो और अमेरिकी रिपब्लिकन हकीम जेफरीज समेत निर्वाचित अधिकारी मौन में शामिल हुए।

फ्लॉयड के भाई फिलिनोइस ने सीएनएए से कहा कि वह ‘‘हर समय’’ जॉर्ज के बारे में सोचते रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी बहन ने कल रात 12 बजे मुझे फोन किया और कहा कि इसी दिन हमारा भाई हमें छोड़कर गया था। मुझे लगता है कि चीजें बदल गई हैं। मुझे लगता है कि हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं लेकिन हम आगे बढ़ रहे हैं।’’

इस बीच मंगलवार को ही अमेरिकी सीनेट ने नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के तौर पर क्रिस्टन क्लार्क के नाम की पुष्टि की जो इस पद पर आने वाली पहली ब्लैक महिला हैं।

वहीं, फ्लॉयड के परिवार ने निधि जुटाने के एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया जिससे कारोबारी और सामुदायिक संगठनों को अनुदान दिया जाएगा ताकि ‘‘काले नागरिकों को सफलता और वृद्धि के लिए प्रेरित किया जा सकें।’’

गौरतलब है कि पूर्व पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने 25 मई 2020 को अपने घुटने से फ्लॉयड की गर्दन को नौ मिनट से अधिक समय तक दबाया था जिससे उनकी मौत हो गई थी। फ्लॉयड की मौत के बाद देशभर में नस्लवाद के खिलाफ प्रदर्शन भड़क उठे थे और दुनियाभर में उसकी हत्या की निंदा की गई थी। इस घटना के बाद से पुलिस में सुधारों की मांग तेज हो गयी। चाउविन पर पिछले महीने हत्या के आरोप तय किए गए।

नस्लवाद का पूर्ण सफाया असंभव, भाव प्रदर्शन औपचारिक नहीं होना चाहिए : होल्डिंग

लंदन (भाषा): वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग का मानना है कि नस्लवाद का पूरी तरह से सफाया असंभव है और उन्होंने कहा कि नस्ली भेदभाव के खिलाफ समर्थन जताने के लिये एक घुटने के बल बैठने का भाव प्रदर्शन औपचारिक नहीं होना चाहिए।

अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जार्ज फ्लॉयड की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर होल्डिंग स्काई स्पोर्ट्स के कार्यक्रम 'द क्रिकेट शो' में बात कर रहे थे। फ्लॉयड की पिछले साल मिनेसोटा में एक श्वेत पुलिसकर्मी के हाथों मौत हो गयी थी।

होल्डिंग ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और महिला अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इबोनी रेनफोर्ड ब्रेंट से पैनल चर्चा में कहा, ' नस्लवाद हमेशा रहेगा, नस्लवादी हमेशा रहेंगे। नस्लवाद से पूरी तरह से छुटकारा पाना यह कहने जैसा होगा जैसा कि आप अपराध से पूरी तरह निजात पाने जा रहे हो। यह असंभव है।' उन्होंने कहा, 'आपके समाज में जितने कम अपराध होंगे, आपके समाज में नस्लवाद की जितनी कम घटनाएं होंगी दुनिया उतनी ही बेहतर होगी।' होल्डिंग ने कहा कि घुटने के बल बैठने का भाव प्रदर्शन औपचारिक नहीं बल्कि वास्तविक होना चाहिए लेकिन वह लोगों को यह बताने में विश्वास नहीं करते कि उनका पसंद क्या होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, 'मैं लोगों का यह नहीं कहने जा रहा हूं कि उन्हें हर हाल में घुटने के बल बैठना चाहिए। मैं यहां लोगों को यह कहने के लिये नहीं आया हूं कि उन्हें क्या करना चाहिए। मैं नहीं चाहता कि लोग औपचारिकतावश ऐसा करें।' अब ब्रिटेन में रह रहे इस पूर्व कैरेबियाई दिग्गज ने कहा कि काले लोग अपने जीवन में किन चुनौतियों का सामना करते हैं इसे हर कोई नहीं समझ सकता है।

उन्होंने कहा, 'लोग यह नहीं समझते कि अपनी पूरी जिंदगी में इस तरह के दबाव में जीना कैसा होता है। कुछ लोग बातें करते हैं और यह भी नहीं जानते कि वे क्या कह रहे हैं या उसका काले लोगों पर क्या असर पड़ सकता है। यह कुछ ऐसा है जिसे वे कहने के आदी हो जाते हैं।'

George floyd Murder
United States
Racism

Related Stories

फ्लॉयड हत्या मामला: सात जूरी सदस्यों से फिर से होंगे सवाल-जवाब


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License