NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ्रीका
दक्षिण अफ़्रीका : सोने की खनन कंपनी ने कर्मचारियों को काम पर बुलाने के बाद हटाया
खदान में केवल 50% कर्मचारियों को काम करने की अनुमति है, लेकिन कंपनी के निर्देशों पर आने वाले कर्मचारियों की संख्या 50% कर्मचारियों क्षमता से अधिक थी।
पीपल्स डिस्पैच
20 May 2020
सोने की खनन कंपनी

दक्षिण अफ़्रीका की तीसरी सबसे बड़ी सोने की खनन कंपनी हार्मनी गोल्ड ने कम से कम साठ कर्मचारियों को हटा दिया है। ये कर्मचारी कंपनी के निर्देश पर मंगलवार 19 मई को जोहानिसबर्ग के वाणिज्यिक केंद्र में अपनी कुसासालेतु खदान में काम पर लौट आए थे।

हालांकि इनके आने पर इनमें से कई को बताया गया था कि उन्हें काम नहीं सौंपा जा सकता क्योंकि खदान में केवल 50% कर्मचारियों के काम करने की अनुमति थी। कंपनी द्वारा खानों में काम पर लौटने के लिए कहने के बाद, अपने पैतृक स्थानों से काम करने के लिए आने वाले खनिकों की संख्या 50% की क्षमता के साथ काम करने की आवश्यक संख्या से अधिक हो गई।

कम से कम 60 कर्मचारी एक सप्ताह से अधिक समय से भीड़भाड़ वाले गंदे हॉस्टल में फंसे हुए हैं। उनके पास घर लौटने के लिए पैसे नहीं हैं। अधिकांश कर्मचारियों को अप्रैल महीने के उनके पूरे वेतन का भुगतान नहीं किया गया जिससे उनकी स्थिति और भी बदतर हो गई है।

कंपनी ने इन कर्मचारियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करने के अपने वादे को उनके पैतृक कस्बों और गांवों में वापस लौटने के लिए पूरा नहीं किया है।

नेशनल यूनियन ऑफ़ मेटलवर्कर्स साउथ अफ्रीका (एनयूएमएसए) ने कल एक बयान में शिकायत की, "वे हॉस्टल में सामाजिक दूरी बनाने में असमर्थ हैं और इससे भी बदतर यह है कि उनके पास सैनिटाइज़र नहीं है जिससे कर्मचारियों को संक्रमण के ख़तरा बना हुआ है। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों का पालन करने में खदान का प्रबंधन विफल साबित हो रहा है।"

यूनियन ने आगे कहा है कि यह हार्मोनी गोल्ड की यही एकमात्र खदान नहीं है जहां इस तरह के उल्लंघन की सूचना मिली है। पिछले महीने, जोहान्सबर्ग के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 270 किमी की दूरी पर स्थित टार्गेट नामक कंपनी के एक अन्य खदान में एनयूएमएसए के सदस्यों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बारे में भी शिकायत की थी।

यूनियन ने ज़ोर देकर कहा कि "कर्मचारियों को प्रबंधन की ख़राब योजना के लिए दंडित नहीं किया जा सकता है"। एनयूएमएसए ने मांग की कि "खदान प्रबंधन तत्काल इन कर्मचारियों को घर पहुंचाए और यह सुनिश्चित करे कि इन सभी कर्मचारियों को अप्रैल महीने का उनका वेतन मिले।"

COVID-19 in South Africa
Gold miningHarmony Gold
Kusasalethu mine
LaborMining
Mining in South Africa
National Union of Metalworkers of South Africa

Related Stories

श्रमिक संघों ने दक्षिण अफ्रीकी डेयरी दिग्गज पर पेट्रोल बम हमले करवाने और धमकाने के आरोप लगाये

दक्षिण अफ़्रीका के ट्रेड यूनियनिस्ट के हत्यारों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी

दक्षिण अफ़्रीका : मैकस्टील में श्रमिकों की छंटनी के ख़िलाफ़ हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

यूनियनों ने दक्षिण अफ़्रीकी एयरलाइंस को बंद करने की सरकारी योजना का विरोध किया

एनयूएमएसए ने दक्षिण अफ्रीका के मोटर उद्योग के 306,000 श्रमिकों के वेतन विवाद को सुलझाया

साउथ अफ़्रीका : सरकारी ऊर्जा कंपनी के निजीकरण को रोकने के लिए यूनियन कर सकते हैं देशव्यापी हड़ताल

साउथ अफ्रीका के मज़दूर संगठनों ने सरकारी निवेश सम्मेलन को धोखा बताया


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License