NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कानून
भारत
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट धर्मांतरण रोकने के विवादास्पद कानूनों पर विचार को तैयार  
पीठ ने कहा कि वह इन याचिकाओं पर नोटिस जारी कर रही है। पीठ ने राज्य सरकारों से चार सप्ताह में इन पर जवाब मांगा है।
भाषा
06 Jan 2021
sc

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अंतरधार्मिक विवाह के नाम पर धर्मांतरण रोकने के लिए बनाये विवादास्पद कानूनों पर विचार करने पर बुधवार को राजी हो गया।

प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने हालांकि कानूनों के विवादास्पद प्रावधानों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन उसने इन याचिकाओं पर दोनों राज्य सरकारों को नोटिस जारी किये।

अधिवक्ता विशाल ठाकरे और अन्य तथा गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस’ ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 और उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं।

मामले की सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे राहत के लिये इलाहाबाद उच्च न्यायालय जायें। इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला पहले से से वहां लंबित हैं।

एक याचिकाकर्ता ने जब यह कहा कि शीर्ष अदालत को ही इस पर विचार करना चाहिए तो पीठ ने कहा कि यह स्थानांतरण याचिका नहीं है जिसमें वह कानून से संबंधित सारे मामले अपने यहां स्थानांतरित कर सकती है।

गैर सरकारी संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी. यू. सिंह ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) दीपक गुप्ता के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे ही कई कानून अन्य राज्यों में भी बनाए गए हैं।

उन्होंने कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुये कहा कि लोगों को शादी समारोहों के बीच से उठाया जा रहा है।

सिंह ने कहा कि इन कानूनों के कुछ प्रावधान प्रकृति में दमनकारी और खतरनाक हैं और इसके तहत शादी करने के लिए सरकार की पूर्व सहमति की आवश्यकता है, जो बेहद आपत्तिजनक है।

पीठ ने कहा कि वह इन याचिकाओं पर नोटिस जारी कर रही है। पीठ ने राज्य सरकारों से चार सप्ताह में इन पर जवाब मांगा है।

सिंह ने जब कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने पर जोर दिया, तो प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि राज्यों का पक्ष सुने बिना कुछ प्रावधानों पर रोक की मांग की जा रही है।

पीठ ने कहा, ‘‘ ऐसा कैसे हो सकता है?’’

 

Anti Conversion Law
Supreme Court
love jihad
Uttar pradesh
Uttrakhand

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ

राज्यपाल प्रतीकात्मक है, राज्य सरकार वास्तविकता है: उच्चतम न्यायालय

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट: घोर अंधकार में रौशनी की किरण

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश

क्या लिव-इन संबंधों पर न्यायिक स्पष्टता की कमी है?


बाकी खबरें

  • ओणम व्यापार मेले: कुदुम्बश्री इकाइयों ने की रिकॉर्ड बिक्री
    अज़हर मोईदीन
    ओणम व्यापार मेले: कुदुम्बश्री इकाइयों ने की रिकॉर्ड बिक्री
    07 Sep 2021
    केरल की कुदुम्बश्री इकाइयों ने ओणम व्यापार मेलों का आयोजन किया और इन मेलों जरिए पिछले महीने बाजारों में करीब 12.45 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज़ की है। कुदुंबश्री ने फिलहाल ऑनलाइन व्यापार मेले…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 31,222 नए मामले, 290 मरीज़ों की मौत
    07 Sep 2021
    देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 30 लाख 58 हज़ार 843 हो गयी है।
  • पांचजन्य ने इंफ़ोसिस को बताया राष्ट्रविरोधी, संघ ने कहा हमारा मुखपत्र नहीं
    सोनिया यादव
    पांचजन्य ने इंफ़ोसिस को बताया राष्ट्रविरोधी, संघ ने कहा हमारा मुखपत्र नहीं
    07 Sep 2021
    लेख में इंफ़ोसिस पर यह कह कर निशाना साधा गया है क्योंंकि कंपनी “देशविरोधी", और "टुकड़े-टुकड़े गैंग" की फंडिंग करती है। हालांकि, जैसे ही विवाद ने तूल पकड़ा तो संघ ने अपने मुखपत्र से ही पल्ला झाड़ लिया और…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत, बिहार ग्रामीण बैंक स्कैम, नए कोरोना मामले…
    06 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी बिहार की ग्रमीण बैंक में बड़े घोटाले का आरोप, मुज़फ़्फ़रनगर किसान महापंचायत में तय हुआ आगे का एजेंडा,किसान महापंचायत ने सांप्रदायिक राजनीति को दी…
  • OBC राजनीति क्यों इस समय अनिश्चितता के दौर में हैं?
    न्यूज़क्लिक टीम
    OBC राजनीति क्यों इस समय अनिश्चितता के दौर में हैं?
    06 Sep 2021
    राजनीतिक विश्लेषक और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के फेलो डॉ राहुल वर्मा के अनुसार अगर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को प्रशासनिक श्रेणी से राजनीतिक रूप में बदला जाए तो इससे भारत में लोकतंत्र के चरित्र और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License