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तड़वी मामला: आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएगा उच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति डी एस नायडू हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन तीनों को जातिवादी टिप्पणी करने और अपनी सहयोगी डॉ. पायल तड़वी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा
25 Jul 2019
तड़वी मामला

बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया कि वह तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई की वीडियोग्राफी के लिये व्यवस्था करे। इन चिकित्सकों को यहां नगर निकाय संचालित एक अस्पताल में अपने कनिष्ठ सहयोगी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

 न्यायमूर्ति डी एस नायडू हेमा आहूजा, भक्ति मेहर और अंकिता खंडेलवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन तीनों को जातिवादी टिप्पणी करने और अपनी सहयोगी डॉ. पायल तड़वी को आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसे भी पढ़े ;- रोहित वेमुला से लेकर डॉ. पायल तक : जातीय शोषण की अंतहीन कथा

तड़वी (26) मेडिकल में स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और वह बी वाई एल नायर अस्पताल से संबद्ध थी। उसने 22 मई को अपने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

न्यायमूर्ति नायडू ने गुरुवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम की धारा 15 (ए) (10) पर गौर किया जिसमें यह प्रावधान है कि अधिनियम के तहत सभी कार्यवाही की संबंधित अदालत वीडियो रिकॉर्डिंग कराए।

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इस प्रावधान का उल्लेख पीड़िता की मां के वकील गुणारतन सदावर्ते ने किया।

जहां विशेष लोक अभियोजक राजा ठाकरे ने कहा कि यह नीतिगत मामला है। वहीं, आरोपी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता आबाद पोंडा ने कहा कि यह प्रावधान सिर्फ मुकदमे की सुनवाई के लिये है, न कि जमानत पर सुनवाई के लिये।

हालांकि, न्यायमूर्ति नायडू ने कहा कि कार्यवाही से आशय सभी न्यायिक कार्यवाही से है।

 

इसके बाद अदालत ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्री विभाग को वीडियो रिकॉर्डिंग के लिये सभी जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया और जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई की तारीख 30 जुलाई को निर्धारित कर दी।

 इसे भी पढ़े ;-#JusticeForDrPayal : बेटी के इंसाफ के लिए माता-पिता का मुंबई में अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

 

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