NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कला
समाज
भारत
तेलंगाना की जेलों में क़ैदी बने ‘आरजे’
क़ैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए चलाई गई एक योजना के तहत, जेल विभाग ने यह कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें चुनिंदा क़ैदियों को एफ़एम रेडियो स्टेशन ‘अंतर्वाणी’ चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
भाषा
12 Jun 2019
radio jocky
फोटो साभार :- द न्यूज़मिनट .कॉम

क़ैदियों को उनकी रचनात्मकता का पता लगाने में सक्षम बनाने और उन्हें मनोरंजन प्रदान करने के लिए तेलंगाना कारागार विभाग ने राज्य भर की जेलों में एफ़एम रेडियो सुविधा शुरू की है, जहाँ क़ैदी रेडियो जॉकी की भूमिका निभाते हैं।

क़ैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए चलाई गई एक योजना के तहत, जेल विभाग ने यह कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें चुनिंदा क़ैदियों को एफ़एम रेडियो स्टेशन ‘अंतर्वाणी’ चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

क़ैदी भी कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं, जो उन्हें अच्छे हास्य में शामिल होने और अवसाद दूर करने में मदद करता है।

क़ैदी एफ़एम रेडियो स्टेशनों का संचालन करते हैं, जेल के टाइम टेबल की घोषणाएँ करते हैं, साथी क़ैदियों के लिए देशभक्ति, भक्ति और लोक गीत और संगीत बजाते हैं।

महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवाएँ) वी के सिंह ने पीटीआई को बताया, ‘‘हमारा मुख्य उद्देश्य उनका सुधार और पुनर्वास है। जब वे मुख्यधारा में वापस जाएँ, तो वे सज्जन बन कर जाएँ। इसलिए हमने कई पहल की हैं और यह (जेलों में रेडियो स्टेशन) उसी दिशा में की गई एक और पहल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मनोरंजन इस पहल का एक हिस्सा है ताकि वे उदास न हों और आत्महत्या करने के बारे में न सोचें। हम उन्हें अच्छे हँसमुख माहौल में रखना चाहते हैं।’’

यह पहल पहली बार मार्च में हैदराबाद के केंद्रीय कारागर और बाद में वारंगल केंद्रीय कारागार में शुरू हुई थी।

जेल अधिकारियों ने बताया कि संगारेड्डी जिला कारागार राज्य की पहली जिला जेल बन गई जहाँ सोमवार को एफ़एम सेवा शुरू की गई।

 

Telangana
India
FM radio
radio jocky

Related Stories

#metoo : जिन पर इल्ज़ाम लगे वो मर्द अब क्या कर रहे हैं?

ज़ायरा, क्रिकेट और इंडिया

आर्टिस्ट्स यूनाईट : कलाकारों को साथ आने की ज़रूरत क्यूँ है?


बाकी खबरें

  • liquor
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: शराब भली चीज है, जी भर के पीजिए!
    30 Jan 2022
    शराब जब वोट डालने से एक दो दिन पहले पिलाई जाये तो वह वोटर पटाने के लिए होती है पर जब उसका बंदोबस्त पूरे पांच साल के लिए किया जाये तो वह शराब और शराबियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ही होता है।
  • pegasus
    अजय कुमार
    क्या पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर के लिए भारत की संप्रभुता को गिरवी रख दिया गया है?
    30 Jan 2022
    न्यूयॉर्क टाइम्स का खुलासा कि मोदी सरकार ने पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर इजराइल से खरीदा है। यह खुलासा मोदी सरकार के इस इंकार को झूठा साबित करता है कि पेगासस से मोदी सरकार का कोई लेना-देना नहीं।
  • Sabina Martin
    राज कुमार
    सबिना मार्टिन से ख़ास बातचीत: गोवा चुनाव और महिलाओं का एजेंडा
    30 Jan 2022
    लोगों के जो वास्तविक मुद्दे हैं वो चुनाव चर्चा में अपनी जगह बनाने की जद्दो-जहद कर रहे हैं। ऐसा ही एक अहम मुद्दा है जेंडर का। महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, न्याय और गोवा में महिलाओं से जुड़े अन्य…
  • Mahatma Gandhi
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    शहीद दिवस: मारकर भी गांधी से क्यों डरते हैं हत्यारे
    30 Jan 2022
    गांधी की शहादत के दिन क्यों उनकी हत्या और हत्यारों के समर्थक सक्रिय हो जाते हैं और विभिन्न मंचों पर अपनी विचारधारा और कृत्य का प्रदर्शन करते हैं?
  • HafteKiBaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पेगासस का पेंच, रेलवे नौकरी के परीक्षार्थियों की पीड़ा और चुनावी ख़बरें
    29 Jan 2022
    हफ्ते की बात के नये एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश चर्चा कर रहे हैं चार बड़ी खबरों पर. ये हैं: पेगासस जासूसी कांड में न्यूयॉर्क टाइम्स का रहस्योद्घाटन, RRB-NTPC नौकरी के परीक्षार्थियों पर भयानक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License