NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
तीन साल में 32,000 से अधिक पशुओं की मौत ट्रेन से कट कर हुई 
आंकड़ों के अनुसार 2016 में ट्रेन की चपेट में आकर 7,945 पशुओं की मौत हुई। 2017 में यह संख्या बढ़कर 11,683 पहुंच गई। 2018 में 12,625 पशुओं की मौत हुई। इस तरह 2016 से 2018 के बीच 32,253 पशुओं की मौत हुई।
भाषा
04 Jul 2019
 रेलवे पटरियों पर पशुओं की मौत
फोटो साभार: पत्रिका

बीते तीन साल के दौरान रेल पटरियों पर गाय, शेर और तेंदुओं समेत 32,000 से अधिक पशुओं की मौत हुई है। 
रेलवे के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। यह भी कहा गया है कि इसके अतिरिक्त, इस वर्ष 20 जून तक ट्रेन से कट कर 3,479 पशुओं की मौत हो चुकी है। इसमें हाथियों की संख्या शामिल नहीं है। बीते तीन साल के दौरान ट्रेन की चपेट में आ कर 60 हाथियों की मौत हुई है जबकि इस साल 20 जून तक पांच हाथी मारे गए।
आंकड़ों के अनुसार 2016 में ट्रेन की चपेट में आकर 7,945 पशुओं की मौत हुई। 2017 में यह संख्या बढ़कर 11,683 पहुंच गई। 2018 में 12,625 पशुओं की मौत हुई। इस तरह 2016 से 2018 के बीच 32,253 पशुओं की मौत हुई।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक ओर रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर रेलवे पटरियों पर पशुओं की मौत की संख्या बढ़ती जा रही है।  यह चिंता का विषय है। 
रेलवे अब इन घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों जैसे खेतों के आसपास बाड़ लगाने की योजना बना रहा है।
रेलवे सुरक्षा कर्मी भी किसानों को अपने मवेशियों को पटरियों से दूर रखने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन यह उपाय ज्यादा कारगर नहीं है। 
 

railway accidents
animal acidents
indian railways

Related Stories

कानपुर के पास पूर्वा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, कई घायल


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License