NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तमिलनाडु के विपक्षी दलों ने 'राम राज्य रथ यात्रा’ को अनुमति देने का विरोध किया
राज्य में से विवादास्पद रथयात्रा को गुज़रने की अनुमति देकर, AIADMK सरकार नरेंद्र मोदी के शासन को खुश करने की कोशिश कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Mar 2018
ram rajya yatra

विपक्षी दलों के विरोध के बीच, 20 मार्च को तमिलनाडु में AIADMK  की अगुवाई वाली सरकार ने विवादित 'राम राज्य रथ यात्रा' को राज्य में आने कि अनुमति दे दी है । यात्रा के दौरान शांति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 1,500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया  है। यह यात्रा Tirunelveli से Puliyarai में प्रवेश करेगी और ये यात्रा  Shengottai, Ilangi, Tenkasi, Kadayanalloor, Puliyangudi, Vasudevanalloor, Sivagiri से होते हुए ,22 अप्रैल को राजापलायम और मदुरई के माध्यम से रामेश्वरम की ओर बढेगी |  

Tirunelveli ज़िला कलेक्टर ने 23 मार्च तक ज़िले में धारा 144 को लागू कर दिया है, क्योंकि राज्य में यात्रा का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। अब तक लगभग 40 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जो यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के कार्यवाहक अध्यक्ष एम के स्टालिन और कई अन्य विधायकों को यात्रा के खिलाफ राज्य सचिवालय के बाहर 'रोड़ रोको' विरोध प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किया गया।

राजनीतिक पर्यवेक्षक बहस कर रहे हैं कि राज्य के बिच से यात्रा को जाने देने की अनुमति देकर, AIADMK की सरकार ने राज्य में पारंपरिक तौर पर नास्तिक राजनीति होने के बावजूद केंद्र कि नरेंद्र मोदी सरकार को खुश करने की कोशिश में लगीं हुई है।

स्टालिन ने कहा, "यात्रा से राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव और शांति भंग होगी” | "आप उस धरती पर धार्मिक कट्टरता की अनुमति नहीं दे सकते जहां पेरियार और अन्ना का जन्म हुआ है ।"

यह तर्क देते हुए कि यात्रा का इरादा राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का है DMK, MDMK, VCK, AMMK सहित अन्य राजनीतिक दलों ने सरकार से राज्य में यात्रा की अनुमति न देने का आग्रह किया है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 13 फरवरी को शुरू होने वाली इस यात्रा को , वीएचपी के महासचिव चंपत राय ने ध्वजा दिखाकर शुरू किया था । ये यात्रा श्री राम दास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी के नेतृत्व में की जा रही  है, हालांकि, आरएसएस जैसे भगवा संगठनों के कार्यकर्ता, और वीएचपी के  कार्यकर्ता अपने-अपने राज्यों में इस यात्रा से जुड रहे हैं । ये यात्रा 25 मार्च को कन्याकुमारी में समाप्त होगी।

यात्रा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रथ वाहन में अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर की आकृति को दिखाया गया है। इससे 'बाबरी मस्जिद और राम मंदिर' के मुद्दे में विवाद पैदा हुआ है, जो की सुप्रीम कोर्ट में लंबित है ।

कथित तौर पर, तमिलनाडु में यात्रा की अगुवाई कर रहे श्री Sakthi Santhananda, अति राष्ट्रवादी भाषणों का सहारा ले रहे हैं। Santhananda के अनुसार "इस रथ यात्रा का उद्देश्य राम राज्य को पुनर्स्थापित करना है (राम का शासन)। यह यात्रा का 22 वां साल है। जब यह यात्रा अगले साल होगी, तो राम राज्य भारत में स्थापित हो चुका होगा । जबकि दिल्ली भारत की राजनीतिक राजधानी है, अयोध्या को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाना चाहिए। "

राम राज्य यात्रा
तमिलनाडु
बीजेपी
आरएसएस
RSS
साम्प्रदायिकता

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License