NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तुतीकोरिन संयंत्र मामला: नेताओं ने वेदांत और तमिलनाडु सरकार के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया
इस साल की शुरुआत में इस संयंत्र को बंद करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस फायरिंग में 13 लोग मारे गए और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थें।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Jul 2018
तुतीकोरिन संयंत्र मामला

वेदांता के स्टरलाइट कॉपर संयंत्र को बंद करने का आदेश देने के कारणों का ज़िक्र करते हुए तमिलनाडु सरकार ने 18 जुलाई को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के समक्ष संयंत्र को फिर से खोलने के लिए उस अपील के ख़िलाफ़ एक याचिका दायर की। संयंत्र को बंद करने की मांग को लेकर एमडीएमके के महासचिव वाएको और सीपीआई (एम) तुतीकोरिन ज़िला सचिव केएस अर्जुनम ने इसी तारीख़ को रोक लगाने के लिए दो याचिका दायर की है। वाएको ने पहले कथित तौर पर आरोप लगाया था कि वेदांता समूह और राज्य सरकार के बीच "गुप्त समझौता" है और औऱ दावा करते हुए कहा कि स्थायी रूप से इस संयंत्र को बंद करने का सरकार का इरादा नहीं था।

राज्य सरकार द्वारा दायर की गई आपत्तियां ज़्यादातर तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के पूर्व निर्देशों पर निर्भर है। शून्य तरल रिसाव को न कायम रखना, उपपर नदी के किनारे तांबा धातुमल को जमा करना या भंडारण करना, धूल उत्सर्जन, स्क्रबर से सल्फर डाइऑक्साइड गैस रिसाव जैसे संयंत्र द्वारा उल्लंघनों को इंगित किया और कहा कि 10 जुलाई 2008 को इस संयंत्र को जारी की गई स्वीकृति 9 जुलाई, 2013 को समाप्त हो गई थी और संबंधित नियमों के अनुसार इस यूनिट को अन्य स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई थी।

सरकार ने यह भी कहा कि "जनता को डर है कि इस संयंत्र के संचालन के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ा है, भूजल दूषित हुए और इससे निकलने वाले उत्सर्जन के कारण आंखों और गले में परेशानी हुई है। इस इकाई ने सार्वजनिक शिकायतों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए उपर्युक्त पहलुओं पर कोई प्रमाणित अध्ययन रिपोर्ट जमा नहीं की है।" इसके अलावा इसमें कहा गया है कि टीएनपीसीबी ने अप्रैल में स्वीकृति के नवीनीकरण से इनकार कर दिया था और संयंत्र से कहा था कि "सभी प्रकार का उत्पादन बंद करें और टीएनपीसीबी की स्वीकृति के नवीनीकरण के बिना उत्पादन फिर से शुरू न करें।" ये अभी भी लंबित है।

22 मई और 23 मई को संयंत्र के बंद होने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी के चलते 13 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। जिसके बाद 27 मई को तमिलनाडु सरकार ने जल अधिनियम की धारा 18 (1) (बी) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए इस संयंत्र को बंद करने का आदेश दिया।

मारुमालार्ची द्रविड़ मुनेत्र कझगम थायागम के नेता वाएरो वर्षों से स्टरलाइट स्मेल्टिंग की इस इकाई के आसपास रहने वाले लोगों की पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लगातार उठाते रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए वाएरो ने दावा किया कि अगर इस संयंत्र को स्थायी रूप से बंद करने का सरकार का इरादा था तो "नीति के निर्णयण के रूप में इस संबंध में एक कानून पारित करना होगा।"

वेदांता समूह ने अपनी याचिका में एनजीटी से आग्रह किया कि "राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्वीकृति के नवीनीकरण के लिए आवेदन पर विचार करने का निर्देश दे और एक महीने की अवधि के भीतर पांच वर्ष के लिए इस स्वीकृति की तारीख़ से इसे मंज़ूर करते हुए उचित आदेश पारित करने का निर्देश दे।"

इस बीच थूथुकुड़ी में मदाथुर के ग्रामीणों ने 16 जुलाई को ज़िला क़ानूनी सेवा प्राधिकरण को याचिका सौंपी। इस याचिका में राज्य सरकार से स्टरलाइट संयंत्र को बंद करने के लिए अनुरोध किया गया है। अपने पत्र में ग्रामीणों ने कहा, "थूथुकुडी पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में शामिल कई प्रदर्शनकारियों और समर्थकों को गिरफ़्तार कर लिया है और उन पर झूठे मामले दर्ज किए हैं। हमारे गांव और आस पास के गांवों में कोई पुरुष नहीं हैं। अफवाहें हैं कि स्टरलाइट के ख़िलाफ़ विरोध करने के लिए हमलोगों का ब्रेनवाश किया गया है। हम कहते हैं कि हमने स्वयं विरोध किया और हमारा ब्रेनवाश किसी ने नहीं किया था। पूरी ईमानदारी से, स्टरलाइट विरोधी आंदोलन पूरी तरह लोगों द्वारा किया गया था।" यह भी कहा गया कि वकील वंचिनाथन और हरि राघवन जो ग्रामीणों को विरोध करने के लिए उत्तेजित करने के आरोपों का सामना कर रहे थे उन्होंने केवल उनके विरोध में क़ानूनी रूप से मदद की है।

 

Sterlite Copper Plant
Tuticorin Struggle
Sterlite Protests

Related Stories

तमिलनाडुः स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई

13 मौतों के बाद तमिलनाडु क्रोध में उबल रहा है, स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के भयानक हमले के बारे में बताया


बाकी खबरें

  • channi sidhu
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: ‘अनिवार्य’ वैक्सीन से सिद्धू-चन्नी के ‘विकल्प’ तक…
    23 Jan 2022
    देश के 5 राज्यों में चुनावों का मौसम है, इसलिए खबरें भी इन्हीं राज्यों से अधिक आ रही हैं। ऐसी तमाम खबरें जो प्रमुखता से सामने नहीं आ पातीं  “खबरों के आगे-पीछे” नाम के इस लेख में उन्हीं पर चर्चा होगी।
  • Marital rape
    सोनिया यादव
    मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं
    23 Jan 2022
    भारतीय कानून की नज़र में मैरिटल रेप कोई अपराध नहीं है। यानी विवाह के बाद औरत सिर्फ पुरुष की संपत्ति के रूप में ही देखी जाती है, उसकी सहमति- असहमति कोई मायने नहीं रखती।
  • Hum Bharat Ke Log
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    महज़ मतदाता रह गए हैं हम भारत के लोग
    23 Jan 2022
    लोगों के दिमाग में लोकतंत्र और गणतंत्र का यही अर्थ समा पाया है कि एक समय के अंतराल पर राजा का चयन वोटों से होना चाहिए और उन्हें अपना वोट देने की कुछ क़ीमत मिलनी चाहिए।
  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    नये चुनाव-नियमों से भाजपा फायदे में और प्रियंका के बयान से विवाद
    22 Jan 2022
    कोरोना दौर में चुनाव के नये नियमों से क्या सत्ताधारी पार्टी-भाजपा को फ़ायदा हो रहा है? कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रशांत किशोर पर जो बयान दिया; उससे कांग्रेस का वैचारिक-राजनीतिक दिवालियापन…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी की योगी सरकार का फ़ैक्ट चेक, क्या हैं दावे, क्या है सच्चाई
    22 Jan 2022
    एनसीआरबी की रिपोर्ट है कि 2019 की अपेक्षा 2020 में ‘फ़ेक न्यूज़’ के मामलों में 214 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फ़ेक न्यूज़ के जरिए एक युद्ध सा छेड़ दिया गया है, जिसके चलते हम सच्चाई से कोसो दूर होते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License