NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तूतीकोरीन : आंदोलनकारियों की आवाज़ दबाना चाहती है सरकार ?
आंदोलनकारियों के वकील वंचिनाथन को चेन्नई हवाई अड्डे से किया गया गिरफ्तार
हर्ष कुमार
22 Jun 2018
तूतीकोरीन आन्दोलन

तमिलनाडु की तुतीकोरीन पुलिस ने बुधवार रात चेन्नई हवाईअड्डे से  मद्रास हाइकोर्ट के वकील एस. वंचिनाथन को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल वंचीनाथन वही वकील हैं जिंहोने वेदांता समुह के स्टरलाइट प्लांट का विरोध कर रहे लोगों की कानूनी सहायता प्रदान की थी । पुलिस के अनुसार 22 मई को तूतीकोरिन में हुई हिंसा को भड़काने के पीछे वंचिनाथन का हाथ था। वंचिनाथन को  पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब वो दिल्ली से चेन्नई लौटे रहे थे। दरअसल,इससे पहले मद्रास हाइकोर्ट में  वंचिनाथन  ने अग्रिम ज़मानत अर्जी दायर की थी लेकिन हाइकोर्ट के जस्टिस स्वामीनाथन ने इस अर्जी को खारिज कर दिया।

वहीं वंचीनाथन की इस गिरफ्तारी की चौतरफा आलोचना हो रही है और इसे  राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारीयों की आवाज़ दबाने के तौर पर भी देखा जा रहा है । गिरफ्तारी के बाद मक्कल अधिकरम ने वंचिनाथन की गिरफ्तारी को राज्य सरकार की कायराना हरकत करार देते हुए कहा है कि ‘‘राज्य सरकार एक सामजिक कार्यकर्ता को बेवजह फसां रही है जिसने तूतीकोरिन के लोगों की हमेशा सहायता की है ‘‘। वहीं राज्य के मानव अधिकार कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है की पहले तो भाजपा समर्थित राज्य सरकार ने 13 आंदोलनकारियों को मौत के घाट उतार दिया और वहीं अब सरकार पूरा दोष वंचीनाथन पर मढ़ने पर तुली हुई है ।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के महासचिव डा. सुरेश ने बताया कि पुलिस धीरे-धीरे उन सभी लोगों पर मुकदमें दायर कर रही हैं | जिंहोने आंदोलनकारियों की मदद की थी या आंदोलन में शामिल थे। इससे साफ ज़ाहिर होता है कि सरकार हर उस आवाज़ दबा देना चाहती है, जो उनके विरोध में उठ रहीं है। स्टरलाइट आंदोलन पर सुरेश कहते है कि, जनता ने अपनी स्मस्याओं से लड़ने के लिए एक दूसरे को संघठित किया था और इस आंदोलन को अंजाम दिया। उनके अनुसार “यह आंदोलन पूर्ण रूप से एक जन आंदोलन था और इस आंदोलन के बाद वंचिनाथन को बेवजह गिरफ्तार किया जा रहा है”।  

मक्कल अधिकरम के राज्य प्रभारी वंचिनाथन के अनुसार उन्होंने आंदोलनकारियों को कानूनी सहायता के साथ-साथ सरकार से बातचीत में मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी, मगर उनका हाथ किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा देने में नहीं था। वंचीनाथन तुतीकोरिन में स्टरलाइट विरोधी आंदोलन  से बेहद करीब से जुड़े हुए हैं और वह समय-समय पर अपने साथी वकीलों के साथ अपने संगठन के माध्यम से लोगों के मानवाधिकारों से संबंधित मुद्दे उठाते रहें हैं।

वंचिनाथन को पांच आई.पी.सी. की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है । जिसमे आई.पी.सी की धारा 147 (दंगा कराने के लिए)आईपीसी की धारा 148 (दंगा कराने के लिए , घातक हथियारों से सशस्त्र होने के लिए),आई पी सी की धारा 188 (सरकारी कर्मचारी के आदेशों की अवज्ञा करना ), आईपीसी की धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को बल पूर्वक उसका काम करने से रोकना ),आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी देने के लिए) और तमिलनाडु प्रोपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमैज एंड लॉस) एक्ट-1992 शामिल हैं।

गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले कई महीनों से  वेदांता के स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन ने 22 मई को हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शन में तकरीबन 5 हजार लोग शामिल थे। मामला उस वक्त हिंसक हो उठा जब प्रर्दशनकारी जिला कलेक्टर के दफ्तर तक रैली निकाल रहे थे| इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मामूली धक्का मुक्की हुई जिसने बाद में हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। इसके  बाद पुलिस ने बेरहमी से प्रदर्शकारियों पर गोलीबारी कर दी जिसकी चपेट में आने से 13 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। वहीं हैरानी की बात तो यह है की  मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने पुलिस की गोलीबारी को जायज़ ठहराया है।

 स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टरलाइट कॉपर फैक्टरी के प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं खड़ी हो रही है | जिसके कारण वहां के लोगो के  स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। 

हालांकी तमिलनाडु सरकार ने 28 मई को वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर संयंत्र को सील कर दिया और उसके बाद वह अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है । लेकिन क्या 13 लोंगों की निर्मम हत्या का इंसाफ महज़  कारखाने को सील करना ही है ? अंततः सरकार ने फैक्ट्री तो बंद करवा दी लेकिन किस कीमत पर इसका अंदाज़ा आप खुद लगा सकते है।

तमिलनाडु
तूतीकोरीन आन्दोलन
vedanta
Tuticorin copper plant
anti-Sterlite protests
Thoothukudi

Related Stories

क्या ओडिशा सरकार ने वेदांता के प्रोजेक्ट विस्तार के लिए जनसुनवाईयों को जल्दबाज़ी में निपटाया?

ओडिशा: सरकार ने वेदांता के खिलाफ आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर किया मामला दर्ज

नियामगिरी : कंपनी ‘विकास’ के बढ़ते अंधेरे के ख़िलाफ़ आदिवासियों का प्रतिवाद

वेदांता के तूतीकोरिन प्लांट को फिर से खोलने की मंजूरी नहीं

तमिलनाडुः स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई

वेदांता को 41 तेल ब्लॉक का सौगात, जबकि ओएनजीसी को मिले सिर्फ दो ब्लॉक

‘हमें नियामगिरी के लिए मौत स्वीकार है’: नियामगिरी के आदिवासी ओडिशा में वेदांता के विरोध उतरे

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई): इतने वर्षों बाद भी क्या हम इसके उद्देश्यों को पूरा कर पाए?

झारखंडः क्या 'पकरी बरवाडीह कोयला भंडार' की स्थिति तुतीकोरिन जैसी होगी?

वेदांता -स्टरलाइट की घटना में सरकार की भूमिका


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License