NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूरोप
यूक्रेन संकट और गहराया, यूरोप के रुख से टकराव बढ़ने के आसार
विनाशकारी युद्ध से कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की उम्मीदें दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन वे सभी असफल प्रतीत हुईं। रूस के नेता पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का उपयोग करने की हरी झंडी मिल गई और पश्चिमी देशों ने इसका जवाब कई तरह के प्रतिबंध लगाकर दिया है।

एपी
23 Feb 2022
Ukraine

कीव: यूरोप ने बुधवार को जिस तरह का रुख अपनाया उससे टकराव और बढ़ने के आसार लग रहे हैं तथा यूक्रेन ने अपने नागरिकों से रूस छोड़ने का आग्रह किया। रूस के नेता व्लादिमीर पुतिन को अपने देश के बाहर सैन्य बल का उपयोग करने की हरी झंडी मिल गई और पश्चिमी देशों ने इसका जवाब कई तरह के प्रतिबंध लगाकर दिया है।

विनाशकारी युद्ध से कूटनीतिक तरीके से बाहर निकलने की उम्मीदें दिखाई तो दे रही थीं, लेकिन वे सभी असफल प्रतीत हुईं। अमेरिका और प्रमुख यूरोपीय सहयोगियों ने मास्को पर यूक्रेन अलगाववादी क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के प्रवेश को एक लाल रेखा को पार करना बताया- कुछ देशों ने इसे एक आक्रमण कहा।

शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने अपने रूसी समकक्ष के साथ बैठक रद्द कर दी, कीव ने अपने राजदूत को वापस बुला लिया और मास्को के साथ सभी राजनयिक संबंधों को तोड़ने पर विचार किया। जर्मनी ने एक आकर्षक पाइपलाइन सौदे पर रोक लगा दी और अमेरिका ने रूस की सीमा से लगे नाटो के पूर्वी हिस्से में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया।

हफ्तों तक शांति की कोशिश के बाद, यूक्रेनी अधिकारियों ने बुधवार को बढ़ती चिंता के संकेत दिये। विदेश मंत्रालय ने रूस की यात्रा के खिलाफ परामर्श जारी किया और यह कहते हुए वहां से लोगों के निकलने की सिफारिश की कि मास्को की "आक्रामकता" से वाणिज्यिदूत संबधी सेवाओं में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख ने देश भर में आपातकाल की स्थिति का आह्वान किया जो संसदीय अनुमोदन के अधीन है। ओलेक्सी डेनिलोव ने कहा कि यह क्षेत्रीय अधिकारियों पर निर्भर करेगा कि वे कौन से उपाय लागू करें, लेकिन वे सार्वजनिक सुविधाओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा, यातायात पर प्रतिबंध और अतिरिक्त परिवहन और दस्तावेज़ जांच शामिल कर सकते हैं।

युद्ध के खतरे ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को पहले से ही चौपट कर दिया है। भले ही संघर्ष ने एक नया, खतरनाक मोड़ ले लिया है, नेताओं ने चेतावनी दी कि यह और भी खराब हो सकता है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के तीन ओर जमा 1,50,000 सैनिकों के बल को आगे बढ़ने का आदेश नहीं दिया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के लिए सख्त प्रतिबंधों को रोक रखा है जिससे आर्थिक रूप से विपरीत प्रभाव हो सकता हैं। हालांकि बाइडन ने कहा है कि यदि और आक्रामकता होती है तो वह इस पर आगे बढ़ेंगे।

यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने पश्चिमी नेताओं से प्रतीक्षा न करने का आग्रह किया। उन्होंने बुधवार को ट्विटर पर लिखा, ‘‘हम भागीदारों से रूस पर अब और प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं। अब पुतिन को रोकने के लिए दबाव बढ़ाने की जरूरत है। उनकी और सहयोगियों की अर्थव्यवस्था पर वार करें।’’

पहले से उठाए गए कदमों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव ने फेसबुक पर एक बयान में कहा कि ‘‘प्रतिबंधों से कुछ हल नहीं हो सकता। यह कल्पना करना कठिन है कि वाशिंगटन में एक व्यक्ति है जो रूस से प्रतिबंधों के खतरे के तहत अपनी विदेश नीति को संशोधित करने की अपेक्षा करता है।’’

पूर्वी यूक्रेन में, जहां रूस समर्थित विद्रोहियों और यूक्रेनी बलों के बीच आठ साल के संघर्ष में लगभग 14,000 लोग मारे गए हैं, हिंसा फिर से बढ़ गई है। यूक्रेन की सेना ने कहा कि विद्रोहियों की गोलाबारी में एक यूक्रेनी सैनिक मारा गया और छह अन्य घायल हो गए। अलगाववादी अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में रात के समय कई विस्फोटों और तीन नागरिकों की मौत की सूचना दी।

ukraine
Russia
NATO

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन


बाकी खबरें

  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ के पार हुई
    23 Jun 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 50,848 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 28 हज़ार 709 हो गयी है।
  • अमेरिका के ईरान जाने के रास्ते में कंटीली झाड़ियां 
    एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका के ईरान जाने के रास्ते में कंटीली झाड़ियां 
    23 Jun 2021
    बाइडेन प्रशासन को अच्छी तरह मालूम होना चाहिए कि ईरान के साथ आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में निर्बाध संभावनाएं हैं।
  • विश्वविद्यालयों में लग रहे 'थैंक्यू मोदी जी' के बैनर, छात्र और शिक्षकों ने किया विरोध
    मुकुंद झा
    विश्वविद्यालयों में लग रहे 'थैंक्यू मोदी जी' के बैनर, छात्र और शिक्षकों ने किया विरोध
    23 Jun 2021
    यूजीसी के आदेश पर देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने वैक्सीनेशन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने वाले बैनर लगा भी दिया है। इस कदम को लेकर छात्र और शिक्षक संघ में नाराज़गी है और वो…
  • "ग़लत सूचना" और "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा" बताकर अमेरिकी सरकार ने ईरानी और क्षेत्रीय समाचार वेबसाइटों पर "रोक" लगाई
    पीपल्स डिस्पैच
    "ग़लत सूचना" और "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा" बताकर अमेरिकी सरकार ने ईरानी और क्षेत्रीय समाचार वेबसाइटों पर "रोक" लगाई
    23 Jun 2021
    हालांकि इस निर्णय को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है फिर भी कार्यकर्ताओं द्वारा इस निर्णय की आलोचना की गई है क्योंकि अमेरिकी सरकार ने सेंसरशिप तथा बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने का…
  • सरकारी तेल शोधन कारखानों का पूरा स्वामित्व निजी हाथों में सौंपने की सुगबुगाहट पर ट्रेड यूनियनों ने चिंता जताई
    रौनक छाबड़ा
    सरकारी तेल शोधन कारखानों का पूरा स्वामित्व निजी हाथों में सौंपने की सुगबुगाहट पर ट्रेड यूनियनों ने चिंता जताई
    23 Jun 2021
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, केंद्रीय उद्योग मंत्रालय अपनी एफ़डीआई नीति में बदलाव पर विचार कर रहा है, ताकि तेल और गैस क्षेत्र में स्वचलित रास्ते से 100 फ़ीसदी विदेशी निवेश को अनुमति दी जा सके।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License