NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उमर खालिद पर कांस्टीट्यूशन कल्ब के बाहर जानलेवा हमला
हमला उस दौरान हुआ जब उमर कांस्टीट्यूशन क्लब में 'ख़ौफ से आज़ादी' नामक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुँचे थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Aug 2018
umar khalid

दिल्ली के कांस्टीट्यूशन कल्ब के मुख्य द्वार के बाहर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्दालय के छात्र नेता उमर खालिद पर किसी अज्ञात शख्स ने जानलेवा हमला कर दिया। प्रारंभिक सूचना के आधार पर रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के बाहर किसी व्यक्ति ने उमर खालिद पर गोली चला दी। हाँलाकि इस फायरिंग से उमर बाला-बाल बच गए और उन्हे किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहूँची हैं।

दरअसल यह हमला उस दौरान हुआ जब उमर कांस्टीट्यूशन क्लब में  ’ख़ौफ से आज़ादी’ नामक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे, जिसका आयोजन ’यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ संगठन ने किया था। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और रोहित वेमुला की माँ को भी आमंत्रित किया गया था।

फायरिंग करने वाले व्यक्ति को उमर के साथियों ने पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह मौके से भागने में कामयाब रहा। खबरों के मुताबिक खालिद पर हमला उस वक्त हुआ जब उमर और उनके साथी कांस्टीट्यूशन क्लब के पास ही मौजूद एक चाय की  दुकान के पास खड़े थे। तभी एक सफेद शर्ट पहने व्यक्ति ने उमर के साथ धक्का मुक्कि की जिसके कारण वह ज़मीन पर गिर गए और हमलावर ने उमर पर गोली चला दी ज़मीन पर गिरने के कारण हमलावर का निशाना चूँक गया।

उमर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ’’पिछले दो सालों से लगातार मीडिया और सरकार की ट्रोल आर्मी के द्वारा उन लोगों के खिलाफ नफरत का  माहौल बनाने की कोशिश हो रही है जो सरकार के विरुद्घ अपनी राय रखते हैं। जिस वक्त मुझ पर बंदूक की नोक थी मुझे गौरी लंकेश की तरह महसूस हो रहा था, अगर मेरे साथी मेरे साथ नहीं  होते तो आज मैं ज़िदा नहीं होता।’’

वहीं इस घटना की हरतरफ  निंदा हो रही है। गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने ट्वीटर पर वीडियो साझा करते हुए कहा है कि ’’इस हमले को संघ परिवार के अलावा और कोई अंजाम नहीं दे सकता, यह वही लोग है जिन्होने गौरी लंकेश, दाबोलकर और पंसारे को मारा था।

पत्रकार सागरिका घोष ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह टी.वी एंकरों के द्वारा फैलाई जा रही नफरत का नतीजा है कि लोग सड़क पर उतर कर एक दूसरे को मार देना चाहते हैं।

ऐसे  में सवाल यह उठता है कि 15 अगस्त से दो दिन पूर्व जब पूरी दिल्ली को छावनी में तबदील कर दिया गया हो, उस दौरान संसद से कुछ दूर कोई व्यक्ति बंदूक के साथ कैसे पहूँचा ?

Umar khalid
JNU
Delhi
Press club of india

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License