NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
यूपी: सिस्टम के हाथों लाचार, एक और पीड़िता की गई जान!
सांसद अतुल राय मामले में पीड़िता और उसके साथी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर पुलिस से लेकर जज तक कई बड़े लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि सभी की मिलीभगत से दोनों पर फ़र्ज़ी मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं। पुलिस और अदालत के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय से भी उन्हें मदद नहीं मिल पाई, इसी वजह से वे आत्मदाह के लिए मजबूर हुए हैं।
सोनिया यादव
25 Aug 2021
Atul Rai
image credit- The Logical Indian

एक नेता, जो चुनाव सिर पर होने के बावजूद बलात्कार का आरोप लगते ही फरार हो जाता है। फिर चुनाव जीतते ही सरेंडर कर देता है। इस दौरान पुलिस उसे खोज तक नहीं पाती, लेकिन वो फ़ेसबुक पर अपने वीडियोज़ लगातार पोस्ट करता रहता है। इसके बाद आरोप लगाने वाली लड़की पर ही धोखाधड़ी का केस हो जाता है और फिर वो सिस्टम के हाथों लाचार होकर देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने आत्मदाह कर लेती है।

ये कहानी नहीं हक़ीक़त है मऊ ज़िले की घोसी लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अतुल राय और उन पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली 24 वर्षिय पीड़ित लड़की की। बीते 16 अगस्त को पीड़ित लड़की और उसके दोस्त सत्यम राय ने सुप्रीम कोर्ट के सामने ख़ुद को आग के हवाले कर दिया था। इलाज के दौरान 21 अगस्त को सत्यम की और फिर मंगलवार, 24 अगस्त को पीड़ित लड़की की मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर अपना दर्द किया था बयां

आत्मदाह करने से पहले पीड़ित लड़की और उसके दोस्त ने सोशल मीडिया पर लाइव करते हुए अपनी पीड़ा लोगों से साझा की थी। सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते समय दोनों ने आरोप लगाया था कि सांसद अतुल राय के इशारे पर वाराणसी के पूर्व एसएसपी अमित पाठक, पूर्व एडीजी अमिताभ ठाकुर समेत कुछ जज भी उनके पीछे पड़े हुए हैं। दोनों का आरोप था कि सभी की मिलीभगत से दोनों पर फ़र्ज़ी मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं। दोनों का यह भी आरोप था कि उत्तर प्रदेश में पुलिस और अदालत के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय से भी उन्हें मदद नहीं मिल पाई। इसी वजह से वह और उसके साथ हुई घटना का गवाह आत्मदाह के लिए मजबूर हुए हैं।

वीडियो में पीड़ित के दोस्त ने कहा था, "हम लोगों ने पैसों का प्रलोभन छोड़कर भूखे-प्यासे रहकर अतुल राय के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई जारी रखी थी ताकि क़ानून और पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़े। अब हम लोग एक नेक्सस में फँस गए हैं। हम लोगों के पास भी अगर राजनीतिक आश्रय होता तो शायद हमें इस क़दर परेशान नहीं होना पड़ता।"

सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह की घटना के बाद हरकत में आई यूपी सरकार ने वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक को उसी दिन गाज़ियाबाद डीआईजी के पद से हटा दिया। वाराणसी कैंट के एसओ और मामले की विवेचना कर रहे दरोगा को भी निलंबित कर दिया गया। रेप के मामले की जांच के लिए एसआईटी भी बना दी गई है। इसमें डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को रखा गया है। दो हफ्ते में इनकी जांच रिपोर्ट आनी है।

इस मामले में कब क्या-क्या हुआ?

·  1 मई 2019 को पीड़ित लड़की ने वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म का मुक़दमा दर्ज कराया।

·   22 जून 2019 को बसपा सांसद अतुल राय ने वाराणसी की अदालत में सरेंडर किया, जेल भेजा गया।

·   2 दिसंबर 2020 को पीड़िता के गवाह सत्यम प्रकाश राय ने लंका थाने में धमकी मिलने का प्रकरण दर्ज कराया।

·   2 अगस्त 2021 को रेप पीड़िता के खिलाफ वाराणसी के कैंट थाने में दर्ज मामले में अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया।

·   16 अगस्त 2021 की दोपहर सुप्रीम कोर्ट के सामने पीड़िता और गवाह ने फेसबुक पर लाइव हुए और आत्मदाह किया।

·   21 अगस्त 2021 को इलाज के दौरान गवाह की मौत हो गई।

·   24 अगस्त को पीड़िता ने भी दम तोड़ दिया।

आपको बता दें कि इस मामले में सांसद अतुल राय, चुनाव जीतने के बाद से ही प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वह सांसद पद की शपथ ले पाए थे। लड़की का आरोप था कि सांसद अतुल राय ने सात मार्च, 2018 को उसे वाराणसी के लंका स्थित अपने फ़्लैट में अपनी पत्नी से मिलाने के लिए बुलाया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था।

प्रशासन का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर यूपी में एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे मर गए। हम एक जांच कर रहे हैं और पिछले सप्ताह में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। डीजी स्तर की कमेटी और दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी। इसके बाद हम मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे।"

वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इस मामले में जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखा था और युवती को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश पुलिस से स्पष्टीकरण माँगा था।

परिजनों का क्या कहना है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित लड़की के परिजनों ने इस मामले में पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने पीड़िता के परिवार के हवाले से लिखा है कि सांसद और उनके सहयोगी 2019 से पीड़िता को परेशान कर रहे थे। वे चाहते थे कि केस वापस ले लिया जाए लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने कुछ वीडियो को लेकर धमकाना शुरू कर दिया। इस मामले में पुलिस का रवैया सकारात्मक नहीं रहा।

बीबीसी से बातचीत में लड़की के दादा कहते हैं, "लड़की की मां और उसका भाई, दोनों लड़की के साथ दिल्ली में थे। उनके आने के बाद यह तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है। हम ग़रीबी से भले ही जूझ रहे हैं, लेकिन अतुल राय के ख़िलाफ़ लड़ने का पूरा प्रयास करेंगे। बेटी पर मुक़दमा वापस लेने का दबाव बनाया गया, लेकिन वह पीछे नहीं हटी।"

मालूम हो कि पीड़िता यूपी के बलिया जिले की निवासी थी। परिवार में उसकी मां और एक भाई के अलावा उसके दादा हैं। लड़की के पिता का चार साल पहले निधन हो चुका है। पीड़िता ने गांव पर कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वाराणसी के यूपी कॉलेज से पढ़ाई की रही थी।

आख़िर मायावती ने अब तक अतुल राय को पार्टी से क्यों नहीं निकाला?

गौरतलब है कि दुष्कर्म मामले में पीड़िता जब तक मौत की कगार पर न पहुंच जाए, पुलिस और प्रशासन की नींद नहीं खुलती।

उन्नाव, हाथरस, मेरठ, बदायूं, प्रयागराज एसआरएन जैसे अनेक मामले हैं, जिनमें शुरुआती तौर पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। हर बार कुछ लोगों को निलंबित कर दिया जाता है और फिर मामला आगे बढ़ जाता है। किसी की जवाबदेही, किसी पर सख्त कार्यवाही जैसा कुछ सुनने को नहीं मिलता।

हालांकि बार-बार पुलिस पर शासन के दबाव की बात कही जाती है। ये भी हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई है कि सभी पार्टियां जीत के लिए दागी और बाहुबली लोगों पर दाव लगाना ज्यादा पसंद करती हैं। कुलदीप सेंगर मामले में चौतरफा आलोचनाओं के चलते देर से ही सही बीजेपी को उसे पार्टी से निष्कासित करना ही पड़ा। हालांकि अतुल राय प्रकरण में बसपा प्रमुख मायावती अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं ले पाईं हैं। अतुल राय अभी भी घोसी संसदीय सीट से बसपा के सांसद बने हुए हैं। दिलचस्प बात ये भी है कि अतुल राय ने 2019 के बाद से सिर्फ एक दिन संसद की कार्यवाही में हिस्सा लिया है, और वो भी तब जब उन्होंने बतौर पर सांसद सदन में शपथ ली। उन्हें पैरोल पर छोड़ा गया था। ऐसे में देखना होगा कि खुद महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाने वाली मायावती महिलाओं के लिए पार्टी से ऊपर उठकर कब आवाज़ उठाती हैं।

UttarPradesh
BAHUJAN SAMAJ PARTY
atul rai
member of parliament
rape case
voilence against women
sexual harassment

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़, छात्र संगठनों ने निकाला विरोध मार्च

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • Vandana Katariya
    राज वाल्मीकि
    जाति की ज़ंजीर से जो जकड़ा हुआ है,  कैसे कहें मुल्क वह आज़ाद है!
    08 Aug 2021
    हाल ही में हॉकी की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के सामने जातिवादी हुड़दंगियों ने जो हुड़दंग मचाया वह न केवल शर्मसार कर देने वाला है बल्कि लोगों की जातिवादी सोच को उजागर करता है।
  • banks
    अजय कुमार
    धन्नासेठों की बीमार कंपनियों से पैसा वसूलने वाला क़ानून पूरी तरह बेकार
    08 Aug 2021
    ज्यादातर बैंक वसूल न होने वाले पैसे को पहले ही बट्टे खाते में डाल चुके होते हैं। इसलिए उनकी चिंता पैसा वसूलने कि नहीं बल्कि बट्टे खाते को बंद करने की होती है। इसके अलावा, वसूली करने वाले अधिकारी…
  • 'एक दुआ': कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित एक महत्वपूर्ण फिल्म
    रचना अग्रवाल
    'एक दुआ': कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित एक महत्वपूर्ण फिल्म
    08 Aug 2021
    चाहे ओलंपिक में हमारी महिला खिलाड़ी हों, चाहे शाहीन बाग़ में संघर्ष करने वाली बहादुर महिलाएं या किसान आन्दोलन की अगुवाई करने वाली किसान महिलाएं; महिलाएं अपने परिवार और इस देश दोनों की नैया पार लगाने…
  • विक्रम और बेताल: 'सरकार जी' और पिंजरे में बंद तोता-मैना की कहानी
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: 'सरकार जी' और पिंजरे में बंद तोता-मैना की कहानी
    08 Aug 2021
    "जम्बूद्वीप के भारत खण्ड में एक समय में सरकार जी नामक राजा राज करता था। उस राजा को राज करने के अलावा और भी बहुत से काम और शौक थे। वह राजा अपनी प्रजा से अधिक पक्षियों को प्यार करता था...”।
  • दिल्ली : बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने ‘पुलिस नृशंसता’ के खिलाफ 9 अगस्त को प्रदर्शन का आह्वान किया।
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली : बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने ‘पुलिस नृशंसता’ के खिलाफ 9 अगस्त को प्रदर्शन का आह्वान किया
    07 Aug 2021
    ऊर्जाकर्मियों के चार दिन का ‘सत्याग्रह’ शुक्रवार को जंतर-मंतर पर समाप्त हो गया। कर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यक्रम के मुताबिक अगले तीन दिन और प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License