NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
अर्थव्यवस्था
उर्जित पटेल ने स्वीकारा, रिजर्व बैंक ने समय पर पर उपाय नहीं किए
बैंक जहां कुछ जरूरत से ज्यादा कर्ज देते रहे वहीं सरकार ने भी अपनी भूमिका को ‘पूरी तरह’ से नहीं निभाया। उन्होंने स्वीकार किया कि नियामक को कुछ पहले कदम उठाना चाहिए था
भाषा
04 Jul 2019
urjit patel

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि 2014 तक बैंकों, सरकार और नियामक की विफलता की वजह से डूबे कर्ज के ‘गड़बड़झाले’ की वर्तमान स्थिति पैदा हुई और बैंकों के (बफर) पूंजी आधार में कमी आई । उन्होंने सभी से बैंकिंग क्षेत्र में यथास्थिति की ओर लौटने के ‘प्रलोभन’ से बचने को कहा है। 

 पटेल ने पिछले साल 10 दिसंबर को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था। सरकार के साथ विवादों के चलते उन्होंने यह कदम उठाया था। अपने इस्तीफे के बाद पटेल ने पहली बार डूबे कर्ज पर प्रतिक्रिया दी है। 
 उन्होंने कहा कि बैंक जहां कुछ जरूरत से ज्यादा कर्ज देते रहे वहीं सरकार ने भी अपनी भूमिका को ‘पूरी तरह’ से नहीं निभाया। उन्होंने स्वीकार किया कि नियामक को कुछ पहले कदम उठाना चाहिए था। 

 रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने बुधवर को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के बैंकिंग क्षेत्र के चिंता के क्षेत्रों को रेखांकित किया। इनमें विशेषरूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) और मौजूदा पूंजी बफर को कुछ बढ़ाचढ़ाकर दिखाया जा रहा है और यह बड़े दबाव से निपटने में अपर्याप्त है। 

 पटेल ने एक प्रस्तुतीकरण में कहा, ‘‘हम इस हालत में कैसे पहुंचे? काफी आरोप हैं। 2014 से पहले सभी अंशधारक अपनी भूमिका सही से निभाने में विफल रहे इनमें बैंक, नियामक और सरकार सभी शामिल हैं।’’

यहां उल्लेखनीय है कि 2014 के बाद जहां केंद्र में सरकार बदली वहीं उस समय रघुराम राजन गवर्नर के पद पर थे। उस समय रिजर्व बैंक ने संपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा शुरू की, जिससे प्रणाली में बड़ी मात्रा में दबाव वाली संपत्तियों का पता चला। साथ ही इससे निपटने को दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता शुरू की गई। 
 इन कदमों से बैंकों की अर्थव्यवस्था की जरूरत के लिए कर्ज उपलब्ध कराने की क्षमता प्रभावित हुई। 

पटेल ने कहा कि हमें पुरानी राह पर लौटने का प्रलोभन छोड़ना होगा। पटेल ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मौद्रिक नीति पर राजकोषीय दबदबे के बाद अब हम बैंकिंग नियमनों पर राजकोषीय दबदबा देख रहे हैं। पटेल के इस भाषण की प्रति उपलब्ध नहीं है। 

पटेल ने कहा कि वित्तीय प्रणाली में अंतर संपर्क के मद्देनजर गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की संपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा से बचा नहीं जा सकता। 
     

RBI
urjit patel
economic crises
indian economy

Related Stories

महंगाई और बेरोज़गारी के बीच अर्थव्यवस्था में उछाल का दावा सरकार का एक और पाखंड है

गोल्ड लोन की ज़्यादा मांग कम आय वाले परिवारों की आर्थिक बदहाली का संकेत

टैंक रोड-करोल बाग़ : बाज़ारों की स्थिति ख़राब, करना होगा लम्बा इंतज़ार

अगर बजट से ज़रूरी संख्या में रोज़गार निर्माण नहीं होता तो बजट का क्या मतलब है!

रुख़ से उनके रफ़्ता-रफ़्ता परदा उतरता जाए है

क्या आज बेरोज़गारी पर बात न करना देश के 135 करोड़ लोगों की अवमानना नहीं है!

कोरोना और आम आदमी: योजना बनाकर आत्महत्या करना!, आप समझ रहे हैं कि संकट कितना गहरा है

राष्ट्र के नाम संबोधन का सार : मेरा भाषण ही मेरा शासन है!

कोरोना संकट में छाए आर्थिक संकट से उबरने का रास्ता गांवों से होकर जाता है !

तिरछी नज़र : गोभी की सब्ज़ी और उच्चता का एहसास


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    एमएलसी चुनाव परिणाम: राजद के मेरे अपने, फिर भी टूट गए सपने, क्यों?
    12 Apr 2022
    बिहार में 23 सीटों पर चुनाव लड़ कर राजद ने जिन छह सीटों पर जीत हासिल की है, उनमें से 3 पर भूमिहार, 1 पर वैश्य और 1 पर राजपूत जाति से आने वाले उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। राजद का एक भी मुस्लिम कैंडिडेट…
  • सबरंग इंडिया
    करौली हिंसा को रोकने में विफल रहे अधिकारियों को निलंबित करें: PUCL
    12 Apr 2022
    हिंदुत्ववादी समूह द्वारा आयोजित रैली को मुस्लिम पड़ोस से गुजरने की अनुमति किसने दी और हिंसा होने पर अधिकारियों ने केवल दर्शकों की तरह काम क्यों किया?
  • अभिवाद
    सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'
    12 Apr 2022
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के 'ग़ैर लोकतांत्रिक रवैये' की आलोचना की और कहा कि 'केंद्र राज्यों को अपनी कठपुतली बनाना चाहता है'।
  • भाषा
    झारखंड रोपवे दुर्घटना: वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने 10 और लोगों को सुरक्षित निकाला
    12 Apr 2022
    वायु सेना, सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बचाव अभियान जारी है।
  • काशिफ काकवी
    मध्यप्रदेश: रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, खरगोन में कर्फ़्यू, बड़वानी में तनाव
    12 Apr 2022
    सांप्रदायिक घटनाओं के गवाह रहे आदिवासी बहुल ज़िले खरगोन और बड़वानी में कांग्रेस का दबदबा है। अगले साल यहां विधानसभा चुनाव होने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License