NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश: अयोध्या में फिर गरमाई मंदिर की राजनीति
विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना की धमकियों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या में 7 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jun 2019
Ayodhya

लोकसभा चुनाव खत्म होने और केंद्र में बीजेपी की दोबारा सरकार बनने के बाद मंदिर की राजनीति एक बार फिर से गरमाने लगी है। विश्व हिंदू परिषद और शिवसेना की धमकियों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंच रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है। 
 

महंत नृत्य गोपाल दास के 81वें जन्मदिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद सीएम कर्नाटक से लाई गई कोदंब राम की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। 7 फीट की इस प्रतिमा को राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। इसे अयोध्या शोध संस्थान के शिल्प संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा।

महंत के प्रतिनिधि महंत कमल नयन दास के मुताबिक जन्मोत्सव 7 जून से 15 जून तक चलेगा, जिसका उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ 7 जून को करेंगे। गौरतलब है कि नृत्य गोपाल दास राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके जन्मदिवस समारोह में राम मंदिर का मुद्दा उठने की संभावना है। 

बीते दिनों जन्मदिवस समारोह के लिए आयोजित बैठक के बाद संतों ने संकेत दिया था कि इस दौरान राम मंदिर मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए पीएम मोदी से अपील करते हुए एक प्रस्ताव पारित भी हो सकता है। 

सांसदों के साथ अयोध्या आएंगें उद्धव 

राम मंदिर मुद्दे को लेकर पिछले नवंबर माह में मोदी सरकार को अयोध्या से घेरने के बाद एक बार फिर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने नवनिर्वाचित 18 सांसदों के साथ अयोध्या में रामलला का दर्शन करेंगे। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक उनका दौरा जल्द ही हो सकता है। 

वहीं, दूसरी ओर शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने साफ कहा कि इस बार राम मंदिर निर्माण जरूर होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस बार ऐसा नहीं हुआ तो देश के लोग हम पर विश्वास करना छोड़ देंगे।

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इस बार राम मंदिर निर्माण कार्य जरूर शुरू होगा। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो फिर देश की जनता हम पर विश्वास करना छोड़ देगी।' इस दौरान राउत ने संख्याबल गिनाते हुए कहा, अब बीजेपी के पास अकेले 303 सीटें हैं। वहीं शिवसेना के पास 18 और कुल एनडीए की बात करें तो हमारे पास 350 का संख्याबल है। राम मंदिर निर्माण के लिए इससे अधिक और क्या जरूरत है? 

माना जा रहा है कि उद्धव के अयोध्या पहुंचने पर मंदिर निर्माण को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है। आपको यह भी बता दें कि महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए दोनों सहयोगी पार्टियां शिवसेना और भाजपा खुद को रामभक्त साबित करने में लगी हुई हैं। 

विहिप का दावा, 18 महीने में शुरू होगा निर्माण

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अभियान में सबसे आगे रहे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए इस महीने के आखिर में अपने शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई है। विहिप का दावा है कि इस परियोजना पर डेढ़ साल में काम शुरू हो जाएगा।

विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन राम मंदिर निर्माण पर 'अनिश्चितकाल तक' इंतजार नहीं करेगा और संगठन ने राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले महीने के भीतर ही नरेंद्र मोदी सरकार को उनके वादे के बारे में 'याद दिलाने' का फैसला किया है।

उन्होंने बताया, 'एक बात स्पष्ट है, विहिप दो मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी - पहला, भगवान राम के जन्मस्थान पर सिर्फ मंदिर बनेगा और दूसरा,अयोध्या की सांस्कृतिक सीमाओं के भीतर कोई मस्जिद नहीं हो सकती।'

कुमार ने कहा कि विहिप की 'मार्गदर्शक समिति' इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 19-20 जून को हरिद्वार में बैठक करेगी और एक प्रस्ताव पारित करेगी जो प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा जाएगा।

विहिप नेता ने कहा, 'हम एक प्रस्ताव पारित करेंगे और इसे प्रधानमंत्री को देंगे। हम उन्हें याद दिलाएंगे कि आपके घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण का वादा किया गया है।'

अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण भाजपा के एजेंडे में शीर्ष मुद्दों में से एक रहा है और लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के सभी घोषणापत्रों में इसका उल्लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार करेगी।

यह मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है जिसने हाल ही में सभी हितधारकों से बात करने और 15 अगस्त को एक रिपोर्ट देने के लिए वातार्कारों की तीन सदस्यीय समिति नियुक्त की है।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Ayodhya Case
ayodhya
babri masjid
Babri Demolition
UttarPradesh
Supreme Court
BJP
BJP-RSS
RSS
Ram Janamabhoomi – Babri Masjid
Babri Masjid issue

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License