NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बेरोज़गारी दर पूरे देश में सबसे ज़्यादा 
देश के सर्वाधिक बेरोजगारी दर वाले टॉप-10 शहरों में यूपी के पांच जिले शामिल हैं। 
अमित सिंह
03 Jun 2019
फाइल फोटो

केंद्र की सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल में रोज़गार के आंकड़े जारी किए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में बेरोज़गारी दर 45 साल में सर्वाधिक रही है। सरकारी संस्था नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के 'आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण' में ये आंकड़े सामने आए हैं। 

आम चुनाव से ठीक पहले बेरोज़गारी से जुड़े आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट लीक हो गई थी, तब सरकार ने इस रिपोर्ट को अधूरा बताया था, लेकिन 31 मई को सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि हो गई। यह सर्वे जुलाई 2017 से जून 2018 के बीच हुआ था।

इस सर्वे में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को शामिल किया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश के कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ और आगरा शामिल हैं। 

इस रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में बेरोजगारी दर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सबसे ज्यादा है। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर वाले देश के दस शहरों की सूची में भी उत्तर प्रदेश के पांच जिले शामिल हैं। 

योगी सरकार और प्रयागराज 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की सर्वाधिक सीटें हैं। नरेंद्र मोदी सरकार को दोबारा सत्ता में वापसी के लिए यहां से जीत मिलनी बहुत ही जरूरी थी। जब यह रिपोर्ट लीक हुई थी तो सरकार के तमाम नुमाइंदों द्वारा इसे झुठला दिया गया था। तब नीति आयोग ने रिपोर्ट खारिज करते हुए कहा था कि यह फाइनल डेटा नहीं, बल्कि ड्राफ्ट रिपोर्ट है और सरकार ने नौकरियों पर कोई डेटा जारी नहीं किया है। 

इसके बजाय बीजेपी सरकार ने प्रयागराज में आयोजित अर्धकुंभ पर अपना फोकस दिखाया था। राज्य की योगी सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रख दिया था। इसके अलावा अर्धकुंभ का नाम बदलकर महाकुंभ रख दिया था। लेकिन सिर्फ़ नाम बदलने से हालात नहीं बदलते हैं।

प्रयागराज में आयोजित कुंभ को लेकर योगी सरकार ने तमाम विज्ञापन दिए। ऐसा माहौल बनाया गया कि इस बार व्यवस्था सबसे बेहतर है। हालांकि इसका फायदा भी सरकार को वोट के रूप में मिल गया। प्रयागराज (इलाहाबाद लोकसभा सीट) के साथ सटी ज्यादातर लोकसभा सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है लेकिन इसके साथ ही कुछ दूसरे आकंड़े भी आने शुरू हो गए हैं। 

सबसे पहले एनजीटी ने कहा कि प्रयागराज में कुंभ मेले के बाद जमा कचरे से महामारी फैलने का खतरा है। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से कहा कि वह प्रयागराज में कुंभ मेले के बाद जमा कचरे को हटाने के लिए तुरंत क़दम उठाए। उसके बाद अब एक बार फिर बेराजगारी दर की रिपोर्ट को लेकर प्रयागराज चर्चा में है। 

क्या है रिपोर्ट में?

दैनिक जागरण के मुताबिक देश में सर्वाधिक 8.9 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ प्रयागराज पहले नंबर पर है जबकि 8.5 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ मेरठ दूसरे नंबर पर है। इसके बाद पुणे का स्थान हैं, जहां 7.5 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। 

इसी तरह महाराष्ट्र का पिंपरी शहर चौथे, राजस्थान का कोटा पांचवें, कानपुर सातवें, गाजियाबाद आठवें, धनबाद और लखनऊ नौवें और पटना दसवें स्थान पर है। यानी टॉप 10 शहरों में यूपी के पांच शहर शामिल हैं।

दूसरी ओर सबसे कम बेरोजगारी दर महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार और गुजरात के राजकोट में है। अगर हम बात दिल्ली एनसीआर की करें तो सबसे कम बेरोजगारी दर फरीदाबाद में हैं। 

बाकी शहरों का क्या हाल?

एनएसएसओ की 45 शहरों की सूची में उत्तर प्रदेश के सिर्फ दो शहर वाराणसी और आगरा ही ऐसे हैं जहां बेरोजगारी दर अपेक्षाकृत कम है। वाराणसी में बेरोजगारी दर 3.6 प्रतिशत और आगरा में 2.1 प्रतिशत है। इस सूची में मध्य प्रदेश के तीन शहर-ग्वालियर, भोपाल और इंदौर शामिल हैं। हालांकि, इन तीनों शहरों में बेरोजगारी दर काफी कम है।

इसी तरह झारखंड के रांची में भी बेरोजगारी दर काफी कम है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सबसे कम बेरोजगारी दर फरीदाबाद में 3.3 प्रतिशत है जबकि दिल्ली में यह 3.9 प्रतिशत और गाजियाबाद में 6.3 प्रतिशत है। 

देश में सबसे कम बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में है। वसई-विरार के अलावा देश में सिर्फ तीन शहर- राजकोट(0.3), मदुरै(0.6) और नासिक (0.9) ऐसे हैं जहां बेरोजगारी दर एक प्रतिशत से कम है। 

अगर पुरुष और महिला बेरोजगारी दर की अलग-अलग बात करें तो 12.9 प्रतिशत पुरुष बेरोजगारी दर के साथ मेरठ पूरे देश में अव्वल है जबकि राजस्थान का कोटा 11.7 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर और 11.3 प्रतिशत के साथ प्रयागराज तीसरे नंबर पर है। 

अब आगे क्या?

आपको बता दें कि यह नोटबंदी के बाद का पहला आधिकारिक सर्वेक्षण है। सरकार पर यही रिपोर्ट दबाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष सहित दो सदस्यों ने जनवरी में इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि रिपोर्ट को आयोग की मंजूरी मिलने के बाद भी सरकार जारी नहीं कर रही। यह रिपोर्ट दिसंबर 2018 में जारी की जानी थी।

अब जब चुनाव खत्म हो गए हैं और बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति सबसे सामने आ गई है तो भारत के नौजवानों के लिए नौकरियां पैदा करना इस सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होनी चाहिए। 

युवाओं के लिए जिस तेजी से रोजगार बढ़ने चाहिए वो नहीं बढ़ रहे हैं। 2013-14 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि युवाओं के लिए हर साल 1-2 करोड़ नई नौकरियां लाएंगे, लेकिन अब आंकड़े बता रहे हैं कि इस हिसाब से नई नौकरियां नहीं सृजित की जा सकी हैं और पुरानी नौकरियां भी ख़त्म हो रही हैं।

unemployment
UP
Narendra modi
Utter pradesh
prayag raj
Yogi Adityanath

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन की अमेरिका को यूक्रेन से पीछे हटने की चेतावनी
    29 Apr 2022
    बाइडेन प्रशासन का भू-राजनीतिक एजेंडा सैन्य संघर्ष को लम्बा खींचना, रूस को सैन्य और कूटनीतिक लिहाज़ से कमज़ोर करना और यूरोप को अमेरिकी नेतृत्व पर बहुत ज़्यादा निर्भर बना देना है।
  • अजय गुदावर्ती
    भारत में धर्म और नवउदारवादी व्यक्तिवाद का संयुक्त प्रभाव
    28 Apr 2022
    नवउदारवादी हिंदुत्व धर्म और बाजार के प्रति उन्मुख है, जो व्यक्तिवादी आत्मानुभूति पर जोर दे रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ व जनता की एकता, जीवन और जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।
  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने आरएसएस-भाजपा पर लगातार विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ़ आज(गुरुवार) जंतर मंतर पर संयुक्त रूप से धरना- प्रदर्शन किया। जिसमे मे दिल्ली भर से सैकड़ों…
  • ज़ाकिर अली त्यागी
    मेरठ : जागरण की अनुमति ना मिलने पर BJP नेताओं ने इंस्पेक्टर को दी चुनौती, कहा बिना अनुमति करेंगे जागरण
    28 Apr 2022
    1987 में नरसंहार का दंश झेल चुके हाशिमपुरा का  माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के सामने प्रशासन सख़्त नज़र आया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License