NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
भारत
राजनीति
उत्तराखंड में बीजेपी 47, कांग्रेस 19 सीटों पर आगे
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की स्थिति लगभग साफ़ हो गई है। ताज़ा रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 47 और कांग्रेस 19 सीटों पर आगे चल रही है। इससे यह साफ़ हो गया है कि बीजेपी लगातार दूसरी बार सरकार बनाने जा रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Mar 2022
उत्तराखंड में बीजेपी 47, कांग्रेस 19 सीटों पर आगे

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे फ़िलहाल रुझान के स्तर पर ही हैं, मगर स्थिति साफ़ होती दिख रही है। उत्तराखंड की बात करें तो कुल 70 सीटों में भारतीय जनता पार्टी 47 सीटों पर आगे चल रही है और कांग्रेस महज़ 19 सीटों पर आगे हैं। बहुजन समाज पार्टी और उत्तराखंड जनएकता पार्टी 1-1 सीट पर आगे है, जबकि 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।

अहम सीटों का लेखा-जोखा

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की बात करें तो कांग्रेस के हरीश रावत लालकुआं सीट पर क़रीब 16 हज़ार वोटों से पीछे चल रहे हैं। लालकुआं सीट पर बीजेपी के मोहन सिंह बिष्ट को 44478 वोट मिले हैं, जबकि हरीश रावत को 28078 मिले हैं।

भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी खटीमा सीट पर क़रीब 5 हज़ार वोटों से पीछे चल रहे हैं। यहाँ कांग्रेस के भुवन चन्द्र कापरी को अब तक 29218 वोट मिले हैं, वहीं धामी को 24038 वोट मिले हैं।

आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल गंगोत्री सीट से मैदान में हैं। मागर उन्हें अब तक महज़ 4690 वोट मिले हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के सुरेश सिंह चौहान को 21706 वोट और कांग्रेस के विजयपाल सिंह साजवान को 15765 वोट मिले हैं।

एक और अहम सीट है प्लेन इलाके की सितारगंज विधानसभा, जहां लड़ाई बीजेपी के सौरभ बहुगुणा और नवतेज पाल सिंह की है, मगर सौरभ बहुगुणा क़रीब 11 हज़ार वोटों से आगे चल रहे हैं। सितारगंज में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अजय जैसवाल को भी 10000 वोट मिले हैं।

मंगलौर सीट पर फ़ासला महज़ 530 वोटों का है। यहाँ बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार सर्वात करीम अंसारी को 25937 वोट मिले हैं, जबकि उनके पीछे कांग्रेस के क़ाज़ी मुहम्मद निज़ामुद्दीन 25407 सीटों पर हैं।

आम आदमी पार्टी की बात करें तो जितना अच्छा प्रदर्शन पंजाब में देखने को मिला है, उत्तराखंड में पार्टी 1 भी सीट हासिल करने में नाकामयाब दिख रही है।

2017 का हाल

उत्तराखंड में विधानसभा की कुल 70 सीटों में से से बीजेपी के पास हैं 57 सीटें हैं, और कांग्रेस के पास हैं 11 और निर्दलीय उम्मीदवार भी 2 सीटों पर काबिज़ हैं।

2017 के चुनाव में बीजेपी को करीब 47 फीसद यानी 46.99 फीसद वोट मिले जबकि कांग्रेस के हिस्से में आए 33.83 फीसद वोट। निर्दलीय के खाते में भी 10 फीसद से ज़्यादा वोट गए और अन्य के खाते में भी 9 फ़ीसदी वोट रहे।

सीट और वोट शेयर के हिसाब से उत्तराखंड में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है। 2017 के चुनाव के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन सत्ता के आखिरी साल में उन्हें हटाकर कमान दूसरे टीएस रावत यानी तीरथ सिंह रावत को सौंपी गई और उनसे भी जब प्रदेश न संभला तो अब ऐन चुनाव से पहले जुलाई में पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था।

(सभी आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिए गए हैं)

 

Uttarakhand Assembly Elections 2022
BJP
INC
AAP
Pushkar Singh Dhami

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव परिणाम: हिंदुत्व की लहर या विपक्ष का ढीलापन?

यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान

जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता

पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !

उत्तराखंड में भाजपा को पूर्ण बहुमत के बीच कुछ ज़रूरी सवाल

गोवा में फिर से भाजपा सरकार

त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल


बाकी खबरें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को बोलते हुए सुनते अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन। बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ 16 जून 2021 को स्विटजरलैंड के जिनेवा में शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का होहल्ला  ख़त्म
    22 Jun 2021
    अमेरिकी-रूस के बीच जब भी संबंध की बात आती है तो एक ठहराव का लौट आना अवश्यम्भावी हो जाता है। इसके कुछ आरंभिक संकेत पहले से मौजूद हैं। अफगानिस्तान और म्यांमार को लेकर बाइडेन को रूस से कुछ मदद मिलने की…
  • तस्वीर में जयप्रकाश नारायण (बाएं), महात्मा गांधी (मध्य में), विनोबा भावे (दाएं)। इन तीनों नेताओं ने हमेशा कश्मीर में प्यार और सद्भाव के साथ हस्तक्षेप की वकालत की।
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    “मज़हब और सियासत से हल नहीं होगा कश्मीर का मसला”
    22 Jun 2021
    पिछले सात सालों और विशेषकर दो सालों में कश्मीर के मसले पर शेष भारत में कश्मीर विजय का जो आख्यान चलाया गया वह गहरी सियासत के साथ बदले की भावना से प्रेरित था।  
  • इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    22 Jun 2021
    इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला…
  • कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    22 Jun 2021
    विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बड़े स्तर पर महामारी के फैलाव को रोकने के लिए भारत को कोरोना जांच, आइसोलेशन और जीनोम सीक्वेंसिंग में तेज़ी लानी होगी। इसके अलावा टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के…
  • बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    पीपल्स डिस्पैच
    बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    22 Jun 2021
    बाल अधिकार उल्लंघन के सत्यापित मामले होने के बावजूद यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन व इज़रायल और अफगानिस्तान में कई गुटों को इस वर्ष की संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस सूची में शामिल नहीं किया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License