NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तराखंड : चार धाम में रह रहे 'बाहरी' लोगों का होगा ‘वेरीफिकेशन’
काली सेना के संस्थापक आनंद स्वरूप के पत्र पर लिया गया संज्ञान। धर्म संसद से लेकर डाडा जलालपुर के मामलों में सक्रिय हैं आनंद स्वरूप, पत्र में चार धाम यात्रा से ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी।
सत्यम् तिवारी
20 Apr 2022
उत्तराखंड : चार धाम यात्रा में ‘ग़ैर हिंदुओं’ का होगा ‘वेरीफिकेशन’

उत्तराखंड में 3 मई से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा में अब 'बाहरी' लोगों का वेरीफिकेशन किया जाएगा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी मंगलवार को दी है।

धामी ने हरिद्वार धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ़ नफ़रती बयान देने वाले आनंद स्वरूप की तरफ़ से लिखे पत्र का संज्ञान लिया है। आनंद स्वरूप ने पिछले दिनों धामी को पत्र लिख कर चार धाम यात्रा से ग़ैर हिंदुओं के प्रवेश पर ही रोक लगाने की मांग की थी, जिसके जवाब में धामी ने रोक तो नहीं लगाई मगर उनका वेरीफिकेशन करने की बात कही है। धामी ने कहा कि यह ‘धर्म और संस्कृति के लिए ज़रूरी है, हमारा प्रदेश शांत रहना चाहिए और प्रदेश की धर्म संस्कृति बची रहनी चाहिए।’

आनंद स्वरूप ने इसे ग़ैर-हिंदुओं पर पूरी रोक लगाने के रास्ते के रूप में देखा है। आनंद स्वरूप ने कहा कि सरकार के अधिकारियों के अलावा काली सेना के लोग भी रहेंगे और इस बात को देखेंगे कि कोई भी आतंकवादी यात्रा में न घुस पाए।

आनंद स्वरूप समेत कई हिन्दुत्ववादी नेता चारों धाम- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री से ग़ैर-हिंदुओं (पढ़ें मुसलमानों) को हटाने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि चारों धामों में कई ऐसे व्यवसायी काम हैं जो मुसलिम समुदाय के लोग करते हैं, जैसे प्रसाद की दुकान, घुड़सवारी, अन्य दुकानें वगैरह। आनंद स्वरूप ने 17 अप्रैल को पत्र लिखने के बाद कहा था, “हिमालय की डेमोग्राफी बदल रही है। अनाधिकृत रूप से मस्जिदों का निर्माण किया जा रहा है, सीमांत इलाक़ों में ‘इनकी’ डेन्सिटी बढ़ रही है। इस लिए हमने कहा कि चार धाम यात्रा सुचारु रूप से चल सके इसलिए ग़ैर-हिंदुओं का प्रवेश तत्काल रोक दिया जाए।”

आनंद स्वरूप ने कहा, “किस लिए जाएंगे आप? किस लिए व्यापार करना है आपको? आपको प्रसाद में कोई विश्वास नहीं है तो आप प्रसाद का विक्रय कैसे कर सकते हैं? प्रसाद आस्था का विषय है, प्रसाद व्यवसाय का विषय नहीं है। अगर रोक नहीं लगी तो काली सेना यात्रा के प्रवेश मार्ग पर जाएगी और वहाँ उन्हें रोकने का पूरा प्रयास करेगी।”

पत्र लिखने वाले काली सेना के संस्थापक आनंद स्वरूप को हरिद्वार धर्म संसद में हिन्दू राष्ट्र की बात करते सुना गया था। आनंद स्वरूप ने कहा था, “धर्म संसद में ही हिन्दू राष्ट्र पर बहस संभव है।” जनवरी में जब यति नरीसिंहानंद गिरफ़्तार हुआ था तब आनंद स्वरूप ने कहा था कि वह भगत सिंह की तरह बमबारी का रास्ता भी अपना सकते हैं।

आनंद स्वरूप ने अपने लिखे पत्र में कहा था कि उत्तराखंड की ‘डेमोग्राफी’ बदल रही है, और एक समुदाय विशेष के लोगों की आबादी बढ़ रही है। समुदाय विशेष से उनका मतलब ज़ाहिर तौर पर मुसलमानों से था। आनंद स्वरूप ने इस अभियान को ‘हिमालय हमारा देवालय है’ का नाम दिया है और पत्र में कहा था कि हिमालयी इलाके में ग़ैर हिंदुओं की आबादी 34% तक बढ़ गई है जिससे अपराध भी बढ़ रहा है।  

आनंद स्वरूप को हरिद्वार धर्म संसद से लेकर हाल में हनुमान जयंती पर भगवानपुर के डाडा जलालपुर में हुई हिंसा तक लगातार सक्रिय देखा गया है, उनके बयान लगातार सामने आते रहे हैं। 16 अप्रैल की घटना पर आनंद स्वरूप ने कहा था, “इस्लामियों ने शोभायात्रा पर हमला किया है, देश के गृह मंत्री को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और इनके मोहल्ले सील कर देने चाहिए।”

आनंद स्वरूप ने अपने शिष्य, एक और महंत दिनेशानंद सरस्वती को डाडा जलापुर में भेजा है। दिनेशानंद ही लगातार प्रशासन को धमकी दे रहे हैं, और मुसलमानों(बालिग़ों, ना बालिग़ों) पर रासुका लगाने की मांग कर रहे हैं।

char dham yatra
UTTARAKHAND
anand swaroop
kali sena
Pushkar Singh Dhami
uttarakhand char dham yatra
non muslims in char dham
Anti Muslim

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव में दर्ज की रिकार्ड जीत

उत्तराखंड के ग्राम विकास पर भ्रष्टाचार, सरकारी उदासीनता के बादल

उत्तराखंड: क्षमता से अधिक पर्यटक, हिमालयी पारिस्थितकीय के लिए ख़तरा!

रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया

तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

रुड़की : डाडा जलालपुर गाँव में धर्म संसद से पहले महंत दिनेशानंद गिरफ़्तार, धारा 144 लागू

कहिए कि ‘धर्म संसद’ में कोई अप्रिय बयान नहीं दिया जाएगा : न्यायालय ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव से कहा

इको-एन्ज़ाइटी: व्यासी बांध की झील में डूबे लोहारी गांव के लोगों की निराशा और तनाव कौन दूर करेगा


बाकी खबरें

  • Madras High Court
    गौरी आनंद
    ट्रांसजेंडर लोगों के समावेश पर बनाए गए मॉड्यूल को वापस लेने पर मद्रास हाई कोर्ट ने सीबीएसई को फटकार लगाई
    13 Dec 2021
    पिछले दिनों सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट से ट्रांसजेंडर बच्चों की शिक्षा से संबंधित एक शिक्षक प्रशिक्षण नियमावली को हटा दिया था, मद्रास हाईकोर्ट ने इसपर चिंता जताई है।
  • Julian Assange
    जॉन पिल्गेर
    जूलियन असांज का न्यायिक अपहरण
    13 Dec 2021
    हम में से कौन-कौन जूलियन असांज के साथ लम्बे समय तक चल रहे न्यायिक उपहास जैसे इस न्यायिक अपहरण के सिलसिले में महज़ तमाशाई बने रहने के बजाय उनके साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं?
  • property card
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: ‘स्वामित्व योजना’ लागू होने से आशंकित आदिवासी, गांव-गांव किए जा रहे ड्रोन सर्वे का विरोध
    13 Dec 2021
    आदिवासी समाज बनाम प्रशासन के इस तनाव का मूल कारण बन रहा है, प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ‘स्वामित्व योजना’ लागू किये जाने के लिए पूरे इलाके के लोगों के गांव-घरों का ड्रोन से सर्वे कराया जाना। प्रशासन के…
  • jobs
    सुबोध वर्मा
    मोदी जी, शहरों में नौकरियों का क्या?
    13 Dec 2021
    पिछले कुछ वर्षों से 7-8 प्रतिशत की बेरोज़गारी दर के चलते शहरों में नौकरी चाहने वाले असहाय और निराश हैं।
  • modi
    विजय विनीत
    बनारस में मोदी: बनारसी पूछ रहे हैं- ये किस बात के लिए और कैसा महोत्सव है?
    13 Dec 2021
    जनता जानना चाहती है कि यह महोत्सव महंगाई का है, बेरोज़गारी का है, लाचर कानून व्यवस्था का है या फिर पिछले पांच सालों में जितने घपले-घोटाले हुए है उनसे जनता का ध्यान भटकाने के लिए है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License