NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
भाषा
23 Mar 2022
toffee

लखनऊ/कुशीनगर (उत्तर प्रदेश): कुशीनगर के कसया क्षेत्र में बुधवार की सुबह कथित रूप से विषाक्त टॉफी खाने से एक ही परिवार के तीन मासूमों सहित चार बच्चों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता तथा जांच के निर्देश दिए हैं।        

उपजिलाधिकारी वरुण कुमार पांडेय ने ग्रामीणों के हवाले से बताया कि कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा उर्फ दिलीपनगर के लठउर टोला की मुखिया देवी सुबह घर के दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थीं। इसी दौरान उन्‍हें एक पॉलिथि‍न में पांच टॉफी और नौ रुपये मिले। उन्‍होंने उसमें से तीन टॉफी अपने नाति‍यों और एक टॉफी पड़ोसी के बच्चे को दे दी। चारों बच्चे टॉफी खाने के बाद खेलने के लिए कुछ दूर ही आगे बढ़े थे कि बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े

उन्होंने बताया, ‘‘बच्चों को ग्रामीणों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्‍टरों ने चारों बच्‍चों को मृत घोषित कर दिया। मृत बच्चों में तीन सगे भाई-बहनों मंजना (पांच), स्वीटी (तीन) और दो वर्षीय समर शामिल हैं। पड़ोस में रहने वाले बलेसर के पांच वर्षीय इकलौते बेटे अरुण की भी टॉफी खाने से मौत हुई है।’’

ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता तथा जांच के निर्देश दिए हैं।


   

Food poisoning
Uttar pradesh

Related Stories

यूपी: ‘135 शिक्षक, शिक्षा मित्रों की पंचायत चुनावों में तैनाती के बाद कोविड जैसे लक्षणों से मौत'

उत्तर प्रदेश: गाय ले जाने के लिए मिलेगा प्रमाणपत्र

'मौत का हाईवे' बन गया है यमुना एक्सप्रेस-वे, 5 साल में 5 हज़ार हादसे

मुज़फ़्फ़रनगर : बारिश से मकान की छत गिरी, तीन बच्चों की मौत

ज़मीनी रिपोर्ट: यूपी भट्टा मज़दूरों की कहानी, गर्मी में काम बिना खाना और पानी

दलित बच्ची की घर से अपहरण के बाद हत्या, दुष्कर्म की आशंका

दलित किसान का जला शव बरामद

डेली राउंडअप : पत्रकार प्रशांत कनौजिया को मिली जमानत, कुशीनगर में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म

एक और नाबालिग, एक और बलात्कार: महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं यूपी?

गंगा और यमुना में डूबने से तीन बच्चों समेत 10 की मौत


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License