NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
भारत
राजनीति
वैज्ञानिकों की अपील: आइये तर्क और आपसी विचार की रौशनी फैलाने के लिए वोट करें
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले देश भर के 150 वैज्ञानिकों ने जनता से अपील की है कि वो समझदारी से, तथ्यों और सबूतों की समीक्षा कर के वोट करें। उन्होंने अपनी अपील में कहा है कि विज्ञान की तरफ़ हमारे संविधान की प्रतिबद्धता को याद रखें।
सौजन्य: इंडियन कल्चरल फोरम
03 Apr 2019
वैज्ञानिकों की अपील: आइये तर्क और आपसी विचार की रौशनी फैलाने के लिए वोट करें
Image Courtesy: Orijit Sen

लोकसभा चुनाव से पहले लेखकों, फ़िल्मकारों के बाद अब देश के वैज्ञानिकों ने जनता से अपील की है कि वो देश के लोगों में एकता क़ायम रखने के लिए वोट करें। इन 150 वैज्ञानिकों की लिस्ट में गौहर रज़ा, पल्लवी विभूति, बिदिसा दास जैसे नाम शामिल हैं। ये अपील "इंडियन राइटर्स फ़ोरम" की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है।

जनता से वैज्ञानिकों की अपील: आइये लोगों में एकता क़ायम रखने के लिए वोट करें, तर्क और आपसी विचार की रौशनी फैलाने के लिए वोट करें

आने वाले चुनाव बेहद ज़रूरी हैं, और ये वो चुनाव हैं जिनमें हमें उन बुनियादी आश्वासनों की फिर से पुष्टि करने की ज़रूरत है जो हमारे संविधान ने हमें दिये हैं- धर्म, संस्कृति, भाषा, संस्था को चुनने की समान आज़ादी और साथ ही निजी स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी। हालांकि ये अधिकार हम को निजी तौर पर मिले हैं, लेकिन ये तभी बचे रह सकते हैं जब ये बग़ैर किसी भेदभाव के हर भारतीय नागरिक को मिल सकेंगे।

इन अधिकारों को बचाने के लिए हमें उन सब को ख़ारिज करना होगा जो लोगों की हत्या करते हैं या उन पर हमला करते हैं, वो लोग जो जनता के बीच धर्म, जाति, लिंग, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव करते हैं। इसी के साथ, हमें उनको भी ख़ारिज करना होगा जो इस तरह के भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। हमें उस राजनीति का समर्थन नहीं करना है जो सिर्फ़ जीतने के लिए हमें बाँटती है, डर पैदा करती है और समाज के एक बड़े हिस्से- महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, धार्मिक अल्पसंख्यकों, विकलांगों और ग़रीबों का शोषण करती है। विविधता हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त है लेकिन भेदभाव या पक्षपात इसकी बुनियादी जड़ों पर हमला करता है।

इसे भी पढ़ें: 100 से ज़्यादा फिल्मकारों की भाजपा को वोट न देने की अपील

हमारे देश, ख़ास तौर पर हमारे युवाओं का भविष्य ऐसा माहौल नहीं हो सकता जहाँ वैज्ञानिकों, बुद्धिजीवियों, तर्कवादियों को परेशान किया जा रहा है, डराया जा रहा है, उनको सेंसर किया जा रहा है, या उससे भी बदतर, उनको जान से मारा जा रहा है। इसके बजाय, हमें एक ऐसे देश के रूप में जाग्रत होने की ज़रूरत है, जहाँ विज्ञान को सिर्फ़ आर्थिक एंटरप्राइज़ की तरह नहीं, बल्कि इसे खुले दिमाग़ से सवाल कर के लोकतंत्र ज्के सशक्तिकरण के ज़रिये की तरह देखा जाए। हमें समाज में तथ्य और समझ पर हो रहे हमलों को रोकना होगा, क्योंकि यही ज़रिया है जिससे हम बेहतर संसाधन और शिक्षा, रोज़गार, शोध के लिए बेहतर मौक़े ईजाद कर सकते हैं।

हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि समझदारी से, तथ्यों और सबूतों की समीक्षा कर के वोट करें। हम आपसे अपील करते हैं कि विज्ञान की तरफ़ हमारे संविधान की प्रतिबद्धता को याद रखें। हम आपसे अपील करते हैं कि आप असमानता, धमकियों, भेदभाव और कुतर्कों के ख़िलाफ़ वोट करें क्योंकि ये हमारे संविधान के उन मूल्यों के विरोधी हैं, जिन मूल्यों का सबसे बेहतर प्रमाण गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की इस कविता में दिखता है:

"जहाँ मन भय से मुक्त हो, और मस्तक सम्मान से उठा हो

जहाँ ज्ञान स्वतंत्र हो

जहाँ संसार संकीर्ण घरेलू दीवारों से

टुकड़ों में ना तोड़ा गया हो

जहाँ शब्द सच्चाई की गहराई से उभरते हों

जहाँ थके हुए प्रयास अपने हाथ पूर्णता की ओर बढ़ाते हों

जहाँ विवेक की निर्मल धारा मरुथल की नकारात्मक रेत में

खो ना गई हो

जहाँ मन आपसे प्रेरित हो

और निरंतर प्रगतिशील विचारों की ओर बढ़ता हो

स्वतंत्रता के उस स्वर्ग में, हे परमपित, मेरे देश को जाग्रत कर दें"

(यह अपील मूलतः अंग्रेज़ी में थी जिसका हिन्दी अनुवाद किया गया है।)

इसे भी पढ़ें: फिल्मकारों के बाद लेखकों की अपील : नफ़रत की राजनीति के ख़िलाफ़ वोट करें

Courtesy: Indian Cultural Forum
Scientists
elections 2019
unite aganist facism
BJP
Hate politics
India united

Related Stories

मानवता को बचाने में वैज्ञानिकों की प्रयोगशालाओं के बाहर भी एक राजनीतिक भूमिका है

आख़िर कोवैक्सीन को लेकर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

रोमिला थापर: "ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को अमल में लाया जाना चाहिए,जिसके तहत सभी लोग आते हों"

देश भर में एनआरसी, कोलंबिया की हड़ताल और अन्य

झारखंड : 5 चरणों में चुनाव को लेकर उठ रहे सवाल?

ग़लत जानकारी देना भी एक अपराध है : देवेंद्र मेवाड़ी

डेली राउंड अप : INX मीडिया मामला, अयोध्या विवाद और अन्य ख़बरें

आईआईएससी के अध्ययन से पता चला, ध्यान देने में दिमाग का कौन सा हिस्सा है जिम्मेदार

जटिल है जनसंख्या नियंत्रण का प्रश्न

मीडिया को मिले डर से आज़ादी 


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी
    04 Mar 2022
    विगत 23 फ़रवरी से झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के आह्वान पर प्रदेश की पोषण सखी कार्यकर्ताएं विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हुई हैं।
  • health sector in up
    राज कुमार
    यूपी चुनाव : माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य की हर तरह से अनदेखी
    04 Mar 2022
    देश में डिलीवरी के दौरान मातृ मृत्यु दर 113 है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही आंकड़ा देश की औसत दर से कहीं ज़्यादा 197 है। मातृ मृत्यु दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : मिर्ज़ापुर के ग़रीबों में है किडनी स्टोन की बड़ी समस्या
    04 Mar 2022
    जिले में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामले बहुत अधिक हैं, और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते पहले से ही दुखी लोगों की आर्थिक स्थिति ओर ख़राब हो रही है।
  • workers
    अजय कुमार
    सरकार की रणनीति है कि बेरोज़गारी का हल डॉक्टर बनाकर नहीं बल्कि मज़दूर बनाकर निकाला जाए!
    04 Mar 2022
    मंदिर मस्जिद के झगड़े में उलझी जनता की बेरोज़गारी डॉक्टर बनाकर नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी योजनाएं बनाकर हल की जाती हैं।
  • manipur election
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र
    03 Mar 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकारा भाषा सिंह ने बातचीत की ह्यूमन राइट्स अलर्ट के बबलू लोइतोंगबन से। आप भी सुनिए मणिपुर के राजनीतिक माहौल में मानवाधिकारों पर छाए ख़ौफ़ के साये के बारे में बेबाक बातचीत।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License