NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
समाज
भारत
वड़ोदरा : होटल में सीवर साफ करने के दौरान 4 सफाईकर्मियों समेत 7 की मौत
एक बार फिर स्वच्छता के सिपाहियों को जान गंवानी पड़ी है। एक बार फिर सीवर ने सफाईकर्मियों की जान ले ली। और इस बार हादसा हुआ है मोदी जी और रुपाणी के ‘वाइब्रेंट गुजरात’ में। और ये कोई पहली बार नहीं हुआ है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jun 2019
Scavenger
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो साभार: The Indian Express

गुजरात के वड़ोदरा जिले में एक होटल में सीवर साफ करने के दौरान दम घुटने से चार सफाईकर्मियों सहित सात लोगों की शनिवार को मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वड़ोदरा शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर डभोई तहसील के फर्तिकुई गांव में स्थित दर्शन होटल में यह हादसा आधी रात के करीब हुआ।

हादसे में मारे गए लोगों में तीन होटल कर्मचारी भी शामिल हैं। वड़ोदरा की जिलाधिकारी किरण झावेरी ने कहा, ‘‘सफाईकर्मियों को मेनहोल साफ करने के लिए बुलाया गया था। जब एक सफाईकर्मी मेनहोल से बाहर नहीं आया तो अन्य उसे देखने अंदर गए। सभी की दम घुटने से मौत हो गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘घटना की जानकारी मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। वड़ोदरा नगर पालिका का दमकल विभाग और डभोई के स्थानीय निकाय के कर्मियों ने बचाव कार्य शुरू किया। तीन घंटे की मेहनत के बाद उन्होंने सभी शवों को बाहर निकाला।’’

पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिजन को सौंप दिया गया। होटल का मालिक हसन अब्बास इस्माईल बोरानिया फरार है। डभोई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक शैलेष मेहता ने पीटीआई-भाषा से कहा कि चारों सफाईकर्मी पड़ोस के थुवावी गांव के रहने वाले थे। उन्हें सफाई के लिए बुलाया गया था।

उन्होंने कहा कि यह हादसा दर्शाता है कि मजदूरों की सुरक्षा का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा जाता है। पुलिस ने बताया कि जहरीली गैस की चपेट में आकर सभी कर्मी बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।

इसबीच, गुजरात सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजन के चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने पुलिस को होटल मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के मुताबिक पिछले 25 साल में सेप्टिक टैंकों और सीवरों की पारंपरिक तरीके से सफाई के दौरान 634 सफाई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इस मामले में पूरे देश में गुजरात दूसरे नंबर पर है। यहां 122 सफाई कर्मियों की मौत सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान हुई है। हालांकि गैरसरकारी संस्थाओं के सर्वे के मुताबिक ये आंकड़ा इससे कहीं ज़्यादा है। आपको बता दें कि देश में सीवर और सेप्टिक टैंकों की पारंपरिक तरीके से साफ-सफाई पर 1993 में रोक लगा दी गई थी। 

सफाई कर्मचारी आंदोलन से जुड़े लोग कहते हैं कि ये बेहद अफसोस की बात है कि सीवर और सेप्टिक टैंक में लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन सरकार के स्तर पर कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही। आज देश चंद्रयान और मंगलयान की बात कर रहा है लेकिन सीवर में मशीन से सफाई की व्यवस्था नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि दरअसल ये मामला मानसिकता का भी है, और सफाई भले ही सरकार की प्राथमिकताओं में हो लेकिन सफाईकर्मी उसकी प्राथमिकता में कभी नहीं रहे।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

safai karmachari
manual scavenging
Manual Scavengers
death
SEWER DEATH
Gujarat
Vadodara Municipal Corporation
Vadodara

Related Stories

यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक

सीवर में उतरे सफाईकर्मी की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत, मामला दर्ज

‘पापा कया ऐतै (पापा कब आएंगे)?’

जेएनयू : इंसाफ़ के इंतज़ार में उर्मिला

मानसून, सीवर की सफ़ाई और मज़दूरों की टूटती सांसें

दिल्ली : सरकारी तंत्र ने फिर से ली सफ़ाई कर्मचारियों की जान

हरियाणा में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान चार की मौत

गुजरात: सीवर की सफाई के दौरान हुई मौत मामले में होटल मालिक गिरफ्तार

निर्मम समाज में स्वच्छता सेनानियों की गुमनाम शहादत


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License