NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
16 जून को मीडिया को संबोधित करते हुए वाम मोर्चा के अध्यक्ष बसु ने कहा था कि पिछले डेढ़ महीने में पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में रिकॉर्ड 21 गुना की वृद्धि हुई है, जिससे वस्तुओं की क़ीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है।
संदीप चक्रवर्ती
19 Jun 2021
पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
प्रतिकात्मक फ़ोटो। साभार: पीटीआई

कोलकाता: पश्चिम बंगाल वाम मोर्चे की 16 जून को हुई  बैठक में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ महामारी के बीच भी देश भर में ज़रूरी चीज़ों की क़ीमतों में हो रही वृद्धि और बड़े पैमाने पर कालाबाज़ारी में उसकी भूमिका को लेकर महंगाई विरोधी पखवाड़ा आह्वान किया गया।

बुधवार को हुई बैठक के बाद वाम मोर्चा के अध्यक्ष विमान बसु ने मीडिया को बताया कि पांच वाम दलों की तरफ़ से अखिल भारतीय स्तर विरोध प्रदर्शन के आह्वान को ध्यान में रखते हुए इस विरोध प्रदर्शन को 30 जून तक राज्य भर में भी आयोजित किया जायेगा।

चीज़ों की आसमान छूती क़ीमतों को सामने रखते हुए बसु ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने में पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में रिकॉर्ड 21 गुने की वृद्धि हुई है। इसका नतीजा यह हुआ है कि परिवहन लागत बढ़ गयी है और इस चलते ज़रूरी चीज़ों की क़ीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा, "खाद्य फ़सलों और विनिर्मित वस्तुओं, दोनों की क़ीमतों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है।"

मूल्य वृद्धि और कालाबाज़ारी में केंद्र की भूमिका

वाम मोर्चा के अध्यक्ष ने बाज़ार की ताक़तों को नियंत्रित नहीं करने और पूरे देश में कालाबाज़ारी करने वालों और जमाखोरों को खुली छूट देने के लिए भी केंद्र सरकार की आलोचना की। महामारी से निपटने में सरकार की लापरवाही की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी विकट स्थिति के बीच भी केंद्र चिकित्सा आपूर्ति की क़ीमत को नियंत्रित करने में सरकार नाकाम रही है।

इसलिए, वाममोर्चा ने सरकार से मांग की है कि क़ीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए तत्काल क़दम उठाये जायें और वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी पर रोक लगायी जाये। इतना ही नहीं, बसु ने कहा कि प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना पर्याप्त नहीं है और इस तरह, हर व्यक्ति को राशन के रूप में 10 किलो खाद्यान्न दिया जाना चाहिए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता ने कहा कि ज़रूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न के अलावे दाल, चीनी, खाद्य तेल आदि भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

वाम मोर्चे ने महामारी से पैदा होने वाले इस संकट से निपटने के लिए आयकर के दायरे से बाहर के परिवारों को छह महीने की अवधि के लिए प्रति माह 7, 500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी मांग उठायी है।

राज्य के मामलों में राज्यपाल के हस्तक्षेप की आलोचना

बसु ने राज्य के मामलों में केंद्र सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह ठीक नहीं है। उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ की निंदा करते हुए कहा कि राज्यपाल अपने संवैधानिक जनादेश का उल्लंघन रहे हैं और भाजपा नेताओं के साथ राज्य का दौरा करते हुए भारतीय जनता पार्टी के सदस्य की तरह पेश आ रहे हैं।

वाम मोर्चे ने राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा की जीएसटी परिषद में कोविड-19 से जुड़ी दवाओं, चिकित्सा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं पर कर वापस लेने की मांग का भी समर्थन किया है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार प्राथमिकता के आधार पर राज्य भर में सार्वभौमिक टीकाकरण और दवाओं और ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुनिश्चित करे।

बसु ने कहा कि केंद्र सरकार ने तो महज़ 25 फ़ीसदी वैक्सीन ही निजी हाथों में होने का ऐलान किया था, लेकिन कई जगहों पर तो वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं है, यह केंद्र सरकार की विफलता है।

सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू किया जाये

इसके अलावा, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि निजी और सार्वजनिक कंपनियों के 25% कर्मचारियों को ही काम पर आने के लिए कहा गया है, बसु ने राज्य परिवहन प्रणाली को फिर से शुरू करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “जब लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ही नहीं कर सकते, तो श्रमिक काम पर कैसे लौटेंगे? इतना ही नहीं, परिवहन के सार्वजनिक साधनों के उपलब्ध नहीं होने के चलते दैनिक मज़दूरी करने वालों को भी काफ़ी परेशानी हो रही है। इसलिए, हम राज्य सरकार से इस सिलसिले में तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।” 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

West Bengal: Left Front Calls for Protest Fortnight Against Price Hike, Black Marketing

PRICE RISE
Black marketing
Price Rise in West Bengal
West Bengal government
COVID 19 Vaccination
COVID 19 Compensation
TMC government
mamata banerjee
Inflation
Petroleum Price Hike
Left Front Protest
Protest Against Price Rise

Related Stories

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के खिलाफ चल पड़ी है साइकिल रैली

झारखण्ड – बिहार : बेतहाशा महंगाई के ख़िलाफ़ वाम दलों का विरोध पखवाड़ा, मोदी सरकार के पुतले जले 

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ संजुक्त मोर्चा ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया 

दिल्ली:  पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती कीमतों के ख़िलाफ़ सी.पी.आई.(एम) का प्रदर्शन

बंगाल की लड़ाई : टीएमसी-भाजपा की हाथापाई के बीच जनता के असली मुद्दों को उठाते लेफ़्ट और कांग्रेस


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License