NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
"क्या ख़ता है मेरी?" उमर ख़ालिद का गिरफ़्तारी से ठीक पहले का वीडियो
रविवार को दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ़्तार हुए जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद का उनकी गिरफ़्तारी से ठीक पहले का एक वीडियो जारी किया गया है। इस वीडियो में उमर जनता से अपील कर रहे हैं कि 'डरिये मत, हर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ बोलिये।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Sep 2020
उमर ख़ालिद

"अगर आप इस वीडियो को देख रहे हैं, इसका मतलब है कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है..."

फ़रवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में रविवार देर रात को गिरफ़्तार किये गए जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद का गिरफ़्तारी से ठीक पहले का वीडियो जारी किया गया है। यह वीडियो बुधवार को दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जारी किया गया जिसमें बहुत सारे सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद मौजूद थे। उमर इस वीडियो में कह रहे हैं, "मैं इस वीडियो के ज़रिये आपको एक सन्देश देना चाहता हूँ।"

दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को ही एक चार्जशीट दायर की है जिसमें विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों, शिक्षकों, राजनेताओं को नामज़द किया गया है। ग़ौर करने वाली बात यह है कि इसमें भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं, जैसे कपिल मिश्रा या अनुराग ठाकुर का नाम नहीं है, जिन्होंने दंगों से पहले और उसके दौरान टीवी पर भड़काऊ भाषण दिए थे।

दिल्ली पुलिस की इसी सवालिया भूमिका पर सवाल करते हुए वीडियो में उमर कह रहे हैं, "दिल्ली दंगों की इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस उन्हें नहीं गिरफ़्तार कर रही है जिन्होंने दंगा भड़काया, पुलिस के सामने भड़काया, टीवी कैमरा के सामने भड़काया और जिसे हम सबने देखा। उन पर एफ़आईआर तो दूर की बात, उनसे एक बार पूछताछ तक नहीं की गई।"

देखें वीडियो:

उमर आगे कहते हैं कि दिल्ली पुलिस उन लोगों को झूठे आरोपों में फँसा रही है जो मौजूदा सरकार ख़ास तौर पर सीएए क़ानून का विरोध कर रहे थे। उमर का कहना है कि पुलिस के पास उनके ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं।

उमर का इशारा शायद डॉ कफ़ील ख़ान जैसे लोगों की तरफ़ है, जिन्हें पुलिस ने एक भाषण की वजह से 7 महीने से ज़्यादा जेल में रखा और अंत में उनकी रिहाई हो गई। कफ़ील ख़ान के भाषण के बारे में कोर्ट ने कहा कि इसमें दंगे भड़काने की बात नहीं, बल्कि एकता की बात की गई है।

उमर पर दंगे भड़काने का पहला इल्ज़ाम तब लगा था जब बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने उनके 17 मिनट के भाषण का 30 सेकंड का हिस्सा चला दिया था, और कहा था कि वो लोगों को सड़कों पर उतर के दंगा भड़काने के लिए उकसा रहे हैं। जबकि पूरे 17 मिनट के वीडियो में उमर ने कहीं भी दंगा भड़काने की बात नहीं की थी, बल्कि उन्होंने यह कहा था कि लोग सड़कों पर उतरें और शान्ति और प्यार से अपना विरोध दर्ज करवाएं।

जिस भाषण की वजह से उमर गिरफ़्तार हुए हैं, आप भी सुनें कि उसमें उनका क्या कहना है :

(यह वीडियो द प्रिंट की वेबसाइट से साभार लिया गया है।)

अंत में उमर यह सवाल करते हैं, "क्या ख़ता है मेरी? क्या यह ख़ता है मेरी जो मैं यह बोलता हूँ कि यह देश जितना आपका है उतना मेरा भी है?"

उमर ने अपने वीडियो में जो सवाल किये हैं उनके बारे में सोचे जाने की ज़रूरत है। और कहीं न कहीं अब यह ज़िम्मेदारी सरकार की और ख़ुद दिल्ली पुलिस की बन गई है, कि वह ख़ुद पर लग रहे इल्ज़ामात के जवाब दे और अपना रुख भी स्पष्ट करे।

वीडियो के अंत में उमर ने जनता से अपील की है कि वह ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाये।

उमर ने कहा है, "वह आपको डराना चाहते हैं। आप डरिये मत, नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद कीजिये। जिन लोगों को झूठे मुक़दमों में फँसाया जा रहा है, उन लोगों की रिहाई की मांग कीजिये। हर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ बोलिये।"

unar khalid
umar khalid arrest
Delhi riots
delhi police
BJP
kapil MIshra
anurag thakur
JNU
Amit Shah

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    वित्त अधिनियम के तहत ईपीएफओ फंड का ट्रांसफर मुश्किल; ठेका श्रमिकों के लिए बिहार मॉडल अपनाया जाए 
    22 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने ईपीएफओ के अधीन रखे गए 100 करोड़ के 'बेदावा' फंड को वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष में हस्तांतरित करने पर अपनी आपत्ति जताई है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार दिवस: देश के पहले सत्याग्रह वाला चंपारण, गांधी से जेपी तक
    22 Mar 2022
    आज बिहार का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। तीन दिनों तक राज्य की राजधानी पटना के गांधी मैदान में नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होगी प्रवेश परीक्षा, 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रवेश खत्म
    22 Mar 2022
    अब केंद्रीय विश्वविद्यालयों को स्नातक पाठ्यक्रमों में छात्रों के दाखिले के लिए विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) में प्राप्त अंकों का उपयोग करना होगा। जुलाई के पहले सप्ताह में सीयूईटी का…
  • रवि कौशल
    शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का मसौदा ढांचा अनुसंधान के लिए विनाशकारी साबित होगा
    22 Mar 2022
    शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का नया मसौदा ढांचा, कला एवं विज्ञान क्षेत्र में स्नातकोत्तर डिग्री की जरूरत को खत्म करने जा रहा है और स्नातक स्तर के कार्यक्रम को कमजोर बनाने वाला है। 
  • भाषा
    अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया
    22 Mar 2022
    अखिलेश यादव हाल में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। वह आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से सपा के लोकसभा सदस्य थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License