NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
कानून
घटना-दुर्घटना
चुनाव 2022
युवा
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने वाले दोनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एक आरोपी सचिन पंडित की तस्वीरें भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ वायरल होने से कई सवालों ने जन्म ले लिया है।
रवि शंकर दुबे
04 Feb 2022
कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल
पुलिस हिरासत में आरोपी सचिन पंडित(सफेद शर्ट) और शुभम(लाल जैकेट)

उत्तर प्रदेश में 1990 के बाद की तस्वीर अगर देखें, तो कोई सरकार खुद को सत्ता में लगातार दोहरा नहीं पाई है। हालांकि मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि वो इतिहास रचने आए हैं। क्योंकि उन्होंने प्रदेश में माफिया राज खत्म कर दिया है। कट्टा गैंग खत्म कर दिया है।

विकास की बातों को छोड़ बाकी सब बातें करने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार के सुरक्षा रूपी जुमलों की कलई उस वक्त खुल गई, जब दो युवक असलहा लहराते हुए AIMIM के अध्यक्ष और यूपी चुनाव प्रभारी असदुद्दीन ओवैसी की गाड़ी के पास आ गए और फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोलियां सिर्फ गाड़ी के दरवाज़े पर लगी और ओवैसी सुरक्षित हैं।

आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड

घटना के तुरंत बाद हापुड़ समेत प्रदेशभर के अधिकारी अलर्ट हो गए, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने खुद मामले की कमान संभाली। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी सचिन को गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार किया तो दूसरे आरोपी शुभम ने गाजियाबाद के डासना थाने में सरेंडर कर दिया। फिलहाल मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बना दी गई है। और दोनों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।

भाजपा से जुड़ा है आरोपी सचिन पंडित?

मामले में जब जांच आगे बढ़ने लगी तब कई चौकाने वाले खुलासे हुए, क्योंकि ओवैसी पर हमला करने वाला आरोपी सचिन पंडित भारतीय जनता पार्टी से ही जुड़ा बताया जाता है।

सचिन पंडित लॉ का छात्र है, और ग्रेटर नोएडा के बादलपुर का रहने वाला है। इसके पिता विनोद पंडित प्राइवेट कंपनियों में ठेकेदार हैं। आरोपी सचिन पंडित ने फेसबुक पर सचिन हिन्दू के नाम से प्रोफाइल बनाई है, जिसमें इसने खुद को भाजपा का सदस्य बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सचिन पर पहले से धारा 307 का केस लगा हुआ है।

सचिन हिंदू के फेसबुक पेज से 

ओवैसी से नाराज़गी है हमले की वजह!

ओवैसी पर हमला करने वाला दूसरा आरोपी शुभम सहारनपुर का रहने वाला है, ख़बरों के मुताबिक शुभम 10वीं पास है और गांव में खेती करता है। फिलहाल शुभम का कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि इन्हें असदुद्दीन ओवैसी और उसके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के बयाने से काफी नाराज़गी है, फेसबुक, ट्विटर, सोशल मीडिया पर ये ओवैसी भाईयों के भाषण सुनते थे, और उनसे नफरत करते थे।

एक बार को मान भी लिया जाए, कि ये दोनों ओवैसी भाईयों के भाषणों से नफरत करते थे, लेकिन ये दोनों एक साथ कैसे आए? इन्हें असलहा किसने दिलाया? जैसे सवाल अब भी लोगों के ज़हन में है। इसके अलावा जो सबसे बड़ा सवाल है कि ये आरोपी डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ क्या कर रहा है? इतना ही नहीं कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये आरोपी सचिन की तस्वीरें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ होने का भी दावा किया गया है।

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ आरोपी सचिन( सचिन हिंदू के फेसबुक पेज से) 

बड़े भाजपा नेताओं से आरोपी की नजदीकियां!

सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही नहीं आरोपी सचिन की फेसबुक प्रोफाइल देखकर पता चलता है, कि वो डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य, गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ.महेश शर्मा,  मेरठ सीट से शिक्षक एमएलसी श्रीचंद शर्मा,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय नेता सत्येंद्र सिसोदिया और तमाम दूसरे सांसद विधायकों के साथ सचिन के फोटो हैं। वह पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था।

 

भाजपा के बड़े नेताओं के साथ आरोपी सचिन

शाहीन बाग़ में गोली चलाने वाले गोपाल दत्त का समर्थक

सचिन पंडित जेवर क्षेत्र के रहने वाले गोपाल दत्त का भी घोर समर्थक है। आपको बता दें कि गोपाल दत्त ने सीएए के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में चल रहे धरने पर फायरिंग की थी। उस दौरान सचिन ने गोपाल दत्त के समर्थन में कई बयान जारी किए थे। वह गोपाल दत्त के अभिनंदन समारोह में भी शामिल हुआ था। हिंदूवादी संगठनों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर शामिल होता है।

‘हिन्दू पुत्र आएगा बचाने’ पोस्ट डालकर कर दिया हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सचिन ने 3 फरवरी 2022 को दिन में महाराणा प्रताप, भगत सिंह, ओवैसी से जुड़ी चार पोस्ट डाली थीं। एक पोस्ट में उसने ओवैसी के उस भाषण का वीडियो डाला, जिसमें वह यह कहते हुए दिख रहे हैं, 'हमेशा योगी मुख्यमंत्री नहीं रहेगा, हमेशा मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेगा। याद रखो हम तुम्हारे जुल्म को भूलने वाले नहीं हैं।' इस वीडियो को कोट करते हुए सचिन ने लिखा था कि हिन्दू पुत्र आएगा बचाने। इस पोस्ट के कुछ घंटे बाद ही उसने ओवैसी के काफिले पर हमला बोल दिया।

सचिन का फेसबुक वॉल कहता है बहुत कुछ

आरोपी सचिन का फेसबुक वॉल उसकी नफरत का कारण बताने के लिए काफी हैं, वहीं भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें भी कई सावालों को जन्म देती हैं। हालांकि ये कहना गलत नहीं होगा कि जिन नेताओं का ये समर्थन करता है, उसके बाद इतना आक्रामक होना लाज़मी है।

गर्मी शांत करने की धमकी देते हैं योगी

उदाहरण के तौर पर हमने हालही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी वाले बयान को सुना। जिसमें वो अखिलेश यादव और जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए बोल रहे थे, कि ‘ये गर्मी जो अभी कैराना और मुजफ्फरनगर में कुछ जगहों पर दिख रही है, शांत हो जाएगी, क्योंकि गर्मी कैसे शांत होगी. ये तो मैं मई और जून में भी शिमला बना देता हूं।' एक मुख्यमंत्री जो प्रदेश के हर नागरिक के लिए संस्था होता है, उससे आप ऐसे बयानों की कल्पना नहीं करते हैं। ऐसे में यदि कोई इन्हें अपनी प्रेरणा मानते है, तो आप समझ सकते हैं उसे क्या ही सीखने को मिलेगा।

दूसरी ओर सत्ता की शह पर पल रहे तमाम हिंदुत्व वादी संगठनों ने जिस कदर उग्र अभियान चला रखा है, ये भी खुलेआम देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

वास्तव में धर्म के नाम पर चलने वाले संगठनों में ज्यादातार युवा हैं, जिन्हें दूसरे धर्मों के खिलाफ भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती, और यही कारण है कि अच्छी शिक्षा के बावजूद युवाओं के दिमाग में अपने धर्म को बचाने के नाम पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का बीज बोया जाता है।

100 सीटों पर लड़ रहे हैं ओवैसी

आपको बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM उत्तर प्रदेश में 100 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, और वो खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा नेता बताकर सीटें जीतने की कोशिश में हैं, जिसके कारण ओवैसी इनदिनों पश्चिमी उत्तर में चुनावी प्रचार में जुटे हैं, बंदूकधारियों को नापसंद करने का हवाला देकर ओवैसी अपने साथ सुरक्षा भी नहीं रखते, यही कारण है कि दोनों हमलावरों ने ओवैसी पर आसानी से हमला कर दिया।

हमले के तुरंत बाद असद्दुदीन ओवैसी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी, उन्होंने ट्वीट में गाड़ी के दरवाज़े पर पड़े गोलियों के निशान भी दिखाए थे।

कुछ देर पहले छिजारसी टोल गेट पर मेरी गाड़ी पर गोलियाँ चलाई गयी। 4 राउंड फ़ायर हुए। 3-4 लोग थे, सब के सब भाग गए और हथियार वहीं छोड़ गए। मेरी गाड़ी पंक्चर हो गयी, लेकिन मैं दूसरी गाड़ी में बैठ कर वहाँ से निकल गया। हम सब महफ़ूज़ हैं। अलहमदु’लिलाह। pic.twitter.com/Q55qJbYRih

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 3, 2022

हालांकि बहुत लोग इसे भी एक राजनीतिक स्टंट और मिलीभगत मान रहे हैं। बहुतों का कहना है तमाम कोशिशों के बाद भी यूपी में चुनाव हिन्दू मुस्लिम के मुद्दे पर नहीं आ रहा। यही वजह है कि इस हमले को अंजाम दिया गया।

ओवैसी को Z श्रेणी सुरक्षा

हमले के बाद ओवैसी ने केंद्र सरकार और योगी सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन अपने साथ सुरक्षा बल रखने से साफ इनकार किया था, हालांकि ओवैसी के मना करने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। यानी अब ओवैसी के साथ हर वक्त चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।

Asaduddin Owaisi
BJP
deputy chief minister
Yogi Adityanath
UP ELections 2022

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब


बाकी खबरें

  • The Human Cost of War
    न्यूज़क्लिक टीम
    जंग की इंसानी कीमत
    13 Nov 2021
    11 अक्टूबर 2021 को LOC के पास के इलाके में एन्टी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के दौरान पांच जवान शहीद हो गए। न्यूज़क्लिक की टीम मारे गए सैनिकों के परिवारों से मिलने के लिए पंजाब गई।
  • US China
    जोसेफ गेर्सन
    पेंटागन को चीनी ख़तरे के ख़्वाब से बाहर आने की ज़रूरत
    13 Nov 2021
    यह पल राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके आजू-बाजू के लोगों पर इस बात का दबाव बनाने का है कि वे ‘पहले परमाणु हमला न करने के सिद्धांत’ को अपनाएं। वहीं, कांग्रेस के लिए यह क्षण भूमि-आधारित आइसीबीएम और अन्य…
  • Kangana Ranaut
    राजेंद्र शर्मा
    नया इंडिया आला रे!
    13 Nov 2021
    अब तो आजादी की भी नयी डेट आ चुकी है। संविधान की नयी डेट तो पहले ही आ चुकी थी। संसद की तो नयी डेट क्या, पूरी की पूरी इमारत ही नयी बन रही है।
  • Mahapanchayat
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन: 14 नवंबर को पूरनपुर में लखीमपुर न्याय महापंचायत
    13 Nov 2021
    एसकेएम ने दावा किया है कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में घायलों को वायदा किए गए मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। 4 अक्टूबर 2021 को यूपी सरकार ने प्रत्येक घायल किसान को दस लाख रुपये के मुआवजे को…
  • Sweeping top court judgment endangers Thailand’s pro-democracy protests
    पीपल्स डिस्पैच
    शीर्ष कोर्ट के फ़ैसले से ख़तरे में आए थाईलैंड के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन
    13 Nov 2021
    तीन सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुनवाई के दौरान संवैधानिक कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजशाही में सुधार की मांग, राजशाही को उखाड़ फेंकने की मांग की तरह है। सामाजिक कार्यकर्ताओं को डर है कि चान-ओ-चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License