NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यौन उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की वर्षगाँठ पर बीएचयू छात्राओं पर हमला
छात्राओं के आयोजन पर एबीवीपी के लोगों ने नारे लगाते हुए हमला किया और प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
24 Sep 2018
बीएचयू में प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित बनारस हिन्दू विश्विद्यालय (बीएचयू) एक साल बाद अब फिर सुर्ख़ियों में है और ऐसा लग रहा है कि इस बार भी महिला छात्रों की आवाज़ें दबाने का प्रयास है। विश्विद्यालय की एक छात्रा अवंतिका तिवारी ने कहा "वह हमारे उठ खड़े होने को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। कल जो किया गया उससे वह हमें डराना चाहते हैं, लेकिन चुप रहना हमारे लिए कोई विकल्प नहीं है।"

हुआ यह था कि 23 सितम्बर को विश्विद्यालय की छात्राओं ने पिछले साल के विरोध प्रदर्शन की वर्षगाँठ को प्रतिरोध के दिन के तौर पर मनाया। 

अवंतिका ने समझाया कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और ओपन माइक शामिल थे और कोशिश यह थी कि एक ऐसा उत्सव का माहौल बनाया जाए जिसमें लड़कियां बाहर निकलकर अपनी बात रखें। जैसा कि ऊपर बताया गया है यह कार्यक्रम पिछले साल विश्विद्यालय में हुए यौन उत्पीड़न के बाद हुए छात्राओं के विरोध प्रदर्शन के एक साल पूरे होने पर हो रहा था। लेकिन हिंसा तब हुई जब नुक्कड़ नाटक कर रही महिलाओं को बीच में रोका  गया और उन्हें दूसरी जगह पर ओपन माइक करना पड़ा। आकाश पांडेय जो कि वहाँ मौजूद थे ने कहा "एबीवीपी के कई लोग वहाँ जमा हो गये जहाँ ओपन माइक होने वाला था और नारे लगाने लगे। यह नारे जल्द ही महिला विरोधी गालियों में बदल गए। इसी के साथ एबीवीपी के लोग जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। उन्होंने महिलाओं पर हमला किया और उन्हें लाठियों से मारने का प्रयास भी किया।"

महिला छात्र जो मानव श्रृंखला बनाकर इसका सामना कर रही थीं उन्हें एबीवीपी के लोगों ने धक्के दिए और पीटा भी गया। वहाँ मौजूद छात्र-छात्राओं ने न्यूज़क्लिक को बताया कि हमले के दौरान वहाँ मौजूद प्रॉक्टोरल स्टाफ के लोग मूक दर्शक बनकर खड़े रहे, लेकिन जब छात्र-छात्राएं एबीवीपी की गुंडागर्दी के खिलाफ खड़े हुए तब प्रशासन हरकत में आया और छात्राओं का दमन करने लगा।

अवंतिका ने कहा "हमें गेट के पीछे किया गया, इसी के खिलाफ हम खड़े हुए थे।" छात्रों को कहा गया कि अगर वह इस कार्यक्रम को खत्म नहीं करते तो उन्हें इसका परिणाम झेलना पड़ेगा। एबीवीपी के सदस्यों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप भी हैं। 

इस मामले में 10 एबीवीपी के छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ की गयी है और  कई और लोग हैं जिनकी पहचान होनी बाकी है। इस बीच छात्राओं को महसूस हो रहा है कि उनकी जगह को छीना जा रहा है। उन्हें उन मर्दों से खतरा है जो अपनी मर्दानगी दिखाकर उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रहे हैं। छात्राओं के मुताबिक ऐसे लोगों के साथ प्रशासन भी मिला हुआ है।

जब न्यूज़क्लिक ने इस मामले में PRO को कॉल किया और उन्होंने फ़ोन काट दिया। छात्राओं का कहना है कि जब वह हॉस्टल में पहुँची तो वार्डन ने उन्हें चुप रहने को कहा और धमकाया कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगी तो उनपर कार्रवाई होगी। 

एक तरफ एबीवीपी और दूसरी तरफ प्रशासन  द्वारा दबाये जाने के  बावजूद छात्रायें अब लड़ाई के लिए तैयार हैं। अवंतिका ने कहा "हम इसके खिलाफ लड़ेंगे। हम आने वाले सप्ताह में एक नुक्कड़ नाटक  आयोजित करेंगे।" पिछले सितंबर बनारस हिन्दू विश्विद्यालय में यौन उत्पीड़न के खिलाफ और महिला सुरक्षा के लिए एक अभियान चलाया गया। कल का आयोजन उसी प्रतिरोध को मनाने के लिए था जहां पिछले साल उन छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया था।

BHU
BHU protstests
BHU Violence
ABVP

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!

BHU : बनारस का शिवकुमार अब नहीं लौट पाएगा, लंका पुलिस ने कबूला कि वह तलाब में डूबकर मर गया

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में मामला सिर्फ आप-कांग्रेस के बीच ही नहीं, सुलगते हैं सवाल
    15 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची डेरा बस्सी, जहां कड़ी टक्कर है मुद्दों और दावों के बीच। यहां उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नौजवान प्रत्याशी सरबजीत सिंह रॉकी वाल्मीकि से…
  • प्रतीकात्मक फोटो
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब विवाद: हिंदू लड़की को स्कूल में नथुनी पहनने के अधिकार वाले अफ्रीकी अदालत के फैसले को अदालत में संदर्भित किया गया
    15 Feb 2022
    वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने अपनी दलीलें रखते हुए अदालत से अपने अंतरिम आदेश को खत्म करने का आग्रह किया।
  • Hardik
    भाषा
    विसनगर दंगा मामले में अदालत पहुँचे हार्दिक पटेल, दोषसिद्धि पर रोक की माँग
    15 Feb 2022
    अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय की है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को लगाया 22,842 करोड़ का चूना, एसबीआई बोला - शिकायत में नहीं की देरी
    15 Feb 2022
    नई दिल्ली: पिछले 75 सालों में देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला हुआ है। 22,842 करोड़ रुपए के इस घोटाले में गुजरात स्थित कंपनी एबीजी शिपयार्ड के खिलाफ़ सीबीआई में शिकायत दर्ज करने में एसबीआई ने किसी भी त
  • संदीपन तालुकदार
    फ्रांस की गुफा से मिले प्राचीन अवशेषों ने आदिमानव और निएंडरथल के बारे में किए नए खुलासे
    15 Feb 2022
    एक फ्रांसीसी गुफा में नए पुरातात्विक निष्कर्षों ने आधुनिक मनुष्यों और निएंडरथल की नई समझ को जन्म दिया है। नए निष्कर्ष 9 फरवरी को साइंस एडवांस में प्रकाशित हुए थे
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License