NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
यौन उत्पीड़न मामला: सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की याचिका ख़ारिज की 
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया।
भाषा
19 Aug 2019
tarun tejpal
फोटो साभाऱ : NDTV.com

दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल की वह याचिका सोमवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में तय आरोपों को रद्द करने की मांग की थी।

तेजपाल पर उनकी एक पूर्व महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया।

तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल के एलिवेटर में अंदर पूर्व महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था।

‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।

अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद तेजपाल को अपराध शाखा ने 30 नवम्बर 2013 को गिरफ्तार किया था।
वह मई 2014 से जमानत पर बाहर हैं।

न्यायालय ने छह अगस्त को तेजपाल की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा था।

गोवा पुलिस ने दावा किया था कि उनके पास घटना के समय के कुछ ‘व्हाट्सऐप’ संदेश और ‘ईमेल’ हैं, जो तेजपाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं।

तरुण तेजपाल के खिलाफ तय आरोपों को निरस्त करने के लिये दायर याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त सामग्री है।

बंबई उच्च न्यायालय ने भी 20 दिसम्बर 2017 को तेजपाल की उसके खिलाफ तय आरोप खारिज करने की याचिका रद्द कर दी थी। इसके बाद ही उन्होंने शीर्ष अदालत का रुख किया था।

rape case
Supreme Court
Tarun Tejpal
Arun Kumar Mishra
goa
goa police
mumbai high court

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप


बाकी खबरें

  • communal violence
    न्यूज़क्लिक टीम
    त्योहार से लेकर रोज़ाना के जनजीवन पर सांप्रदायिकता का कब्ज़ा
    19 Apr 2022
    पहले चुनावों के समय सांप्रदायिक हिंसा होती थी। अब ऐसा लग रहा है कि रोज़ाना सांप्रदायिक हिंसा हो रही है। ऐसा क्यों हो रहा है? इस तरह की सांप्रदायिक हिंसा के पीछे कौन है? कौन इस सांप्रदायिक हिंसा को…
  • एपी
    अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में स्कूल के निकट सीरियल ब्लास्ट, छात्रों समेत 6 की मौत
    19 Apr 2022
    काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जरदान और शहर के आपातकालीन अस्पताल के अनुसार  हताहतों की संख्या और अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि घायलों में से कई की हालत गंभीर है।
  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: काहे की मौज !
    19 Apr 2022
  • काशिफ काकवी
    एमपी: खरगोन दंगे के एक सप्ताह बाद पहली मौत का मामला सामने आया
    19 Apr 2022
    परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ मारपीट की और आखिरी बार उसे 10 अप्रैल को कोतवाली पुलिस थाने में देखा गया था, रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक दंगे शुरू होने के कुछ घंटे बाद।
  • सोनिया यादव
    तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को भी है गुज़ारा भत्ता पाने का अधिकार 
    19 Apr 2022
    इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी गुजारा भत्ता पाने का अधिकार है। तलाकशुदा औरतें 'इद्दत' की अवधि के बाद भी दूसरी शादी तक गुजारा भत्ता पा सकती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License