NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूनियन हॉल में जिन्ना के तस्वीर के कारण एएमयू के छात्र पीटे गये
एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष ने कहा की एएमयू स्टूडेंट्स यूनियन हॉल में जिन्ना का चित्र एक ऐतिहासिक संरक्षण है और यह वैसे भी रहेगा|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 May 2018
AMU

बुधवार को हिंदू दक्षिणपंथी ताकतों  ने कथित रूप से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में प्रतिष्ठित बाब-ए-सैयद प्रवेश द्वार के माध्यम से हथियारों के साथ प्रवेश किया और एएमयू के छात्रों को यूनियन हॉल की दीवारों पर मुहम्मद अली जिन्ना के चित्र को स्थापित करने के लिए छात्रों पर हमला किया।

हिंदू युवा वाहिनी (एचवाईवी) के कार्यकर्ता, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और कुछ अन्य हिंदू संगठनों ने एएमयू छात्रों के साथ झड़प हुई, जिसमें छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सतीश गौतम ने मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उप-कुलपति तारिक मंसूर को जिन्ना के पोस्टर पर एक पत्र लिखा था, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ | छात्रसंघ कार्यालय में लटका मोहम्मद अली जिन्ना के एक चित्र को लेकर स्पष्टीकरण माँगा था।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा: "यह सच दिल को तोड़ने वाल है कि अस्सी वर्षों के बाद, सत्तारूढ़ दल के सदस्य और भारतीय मीडिया एक प्रॉक्सी व्याख्या सामने ला रहे हैं जो पूरी तरह से फ़िज़ूल है। जब 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना को ऐतिहासिक मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की गई थी। तब से उनका चित्र यूनियन  हॉल की दीवारों पर जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आज़ाद, महात्मा गाँधी और कई अन्य के साथ लटक रही है। महात्मा गाँधी छात्र संघ के पहले पूर्ण जीवनकालिक सदस्य थे, जो भारतीय मीडिया और भाजपा के सदस्य कभी देश को नहीं बताएंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि मुंबई में जिन्ना हाउस है जो भारत सरकार के अधीन आता है और इसका राजस्व भी भारत सरकार के पास जाता है।

उन्होंने कहा कि, "इस तरह की ग़लत कहानी एक बेहद विरोधाभासी, पाखंडी, और चुनिंदा धारणा को भाजपा के निर्वाचित प्रतिनिधियों की मदद भारतीय मीडिया कर रहा है। इतिहास एक खुला अंतराल है, 'अच्छा' और 'बुरा' संस्करण केवल एक ही व्याख्या है। एएमयू स्टूडेंट्स यूनियन हॉल में जिन्ना का चित्र एक ऐतिहासिक संरक्षण है और यह वैसे भी रहेगा | "

पूर्व एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने हाल ही में एक टीवी समाचार बहस में कहा कि, एक आरएसएस प्रचारक ने कहा कि 'वीर' सावरकर वह था जिसने जेल से कई बार अंग्रेजों की दया के लिए आग्रह किया था। उसमें जोड़कर, समाचार एंकर ने कहा कि सावरकर आठ बार हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे थे। यह वही हिन्दू महासभा था जिसने 1942 में गांधी जी द्वारा बुलाए गए असहयोग आंदोलन का बहिष्कार किया और देश के दो प्रांतों में श्री जिन्ना के मुस्लिम लीग के साथ सरकार बनाने के लिए चलाया, जिसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल प्रांत के उप-मुख्यमंत्री बने थें ।

एक छात्र शर्जील उस्मानी ने कहा, "2 मार्च को जो कुछ हुआ था, उसका एएमयू में जिन्ना की तस्वीर से कोई लेना देना नहीं था। दक्षिणपंथी गुंडे पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी पर हमला करने आए थे। वे गेस्ट हाउस के पास पहुँचने जहाँ वह रह रहे थे, एएमयू और मुसलमानों के खिलाफ नारे लगाए और अपने हथियार लहराए, गोलीबारी की । छात्रों ने उनमें से छह गुंडों को पकड़ा और उन्हें पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बदले में हम पर क्रूर लाठी चार्ज और आँसू-गैस से हमला किया।"

 

रिपोर्टो के अनुसार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र लगतार प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है और ये आरोप लगा रहे की सरकार के इशारे पर दक्षिणपंथी गुंडों को नही पकड़ा जा रहा है, बल्कि एएमयु के आम छात्रों को परेशान किया जा रहा है और छात्रों पर ही मुकदमे किये जा रहे हैं|

इन सब के कारण छत्रो का भी गुस्सा बढ़ रहा हैं और अब ये एक छात्र आन्दोलन का रूप ले चुका है जिसमें विश्वविध्यालय के हज़ारों छात्र अपनी भागीदारी कर रहे  है| बीती रात लड़कियों के एक छात्रावास में छात्राओं को रोकने का प्रयास किया | छात्रावास के मुख्य द्वार पर तला जड़ दिया गया था,परन्तु इसके बाबजूद छात्राएँ ताला तोड़कर और इस नारे के साथ बहर आई “इन हाथों में केवल चूड़ी नहीं, तलवारें भी खनकती हैं| ”

अभी मिली जानकारी के अनुसार तीव्रता से बढ़ते आन्दोलन को देखते हुए प्रशासन ने आन्दोलन को दबाने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है | परन्तु वहाँ के छात्रों का कहना है कि, “हुकूमत के इन सब दमनों से आन्दोलन रुकने वाला नहीं बल्कि और तेज़ होगा  है | इन सब के करण छात्रो में एकजुटता बढ़ रही है और हम इन से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी |”पत्र

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविध्यालय
हिन्दू युवा वाहनी
उत्तर प्रदेश
जिन्ना
दक्षिणपंथी
छात्र आन्दोलन
AMU
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • putin
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध; अहम घटनाक्रम: रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश 
    28 Feb 2022
    एक तरफ पुतिन ने रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश दिया है, तो वहीं यूक्रेन में युद्ध से अभी तक 352 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • mayawati
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है
    28 Feb 2022
    एसपी-आरएलडी-एसबीएसपी गठबंधन के प्रति बढ़ते दलितों के समर्थन के कारण भाजपा और बसपा दोनों के लिए समुदाय का समर्थन कम हो सकता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,013 नए मामले, 119 मरीज़ों की मौत
    28 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 2 हज़ार 601 हो गयी है।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी: आज़ादी की आखिरी जंग
    28 Feb 2022
    19 फरवरी 1946 में हुई रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी को ज़्यादातर लोग भूल ही चुके हैं. 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में इसी खास म्युटिनी को ले कर नीलांजन चर्चा करते हैं प्रमोद कपूर से.
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा
    27 Feb 2022
    मणिपुर की राजधानी इंफाल में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह। ज़मीनी मुद्दों पर संघर्षशील एक्टीविस्ट और मतदाताओं से बात करके जाना चुनावी समर में परदे के पीछे चल रहे सियासी खेल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License